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Srilanka: IMF बेलआउट पैकेज मिलने के बाद घरेलू ऋण पुनर्गठन का विकल्प चुनेगा श्रीलंका, सरकार ने कही ये बात
Fri, 31 Mar 2023 02:00 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 31 Mar 2023 02:00 PM IST
सार
श्रीलंका को इस महीने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) बेलआउट कार्यक्रम की पहली किश्त के रूप में 330 मिलियन अमरीकी डालर मिले हैं। इसके जरिए कर्ज में डूबे श्रीलंका को बड़ी राहत मिली है। उम्मीद है कि इस पैकेज की मदद से श्रीलंका की आर्थिक स्थिति में सुधार हो।
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श्रीलंका
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के राहत पैकेज के बाद के घरेलू कर्ज पुनर्गठन के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके जरिए श्रीलंका अपनी डगमगाती अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की कोशिश में है। शुक्रवार को श्रीलंका सरकार की तरफ से एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
श्रीलंका को इस महीने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) बेलआउट कार्यक्रम की पहली किश्त के रूप में 330 मिलियन अमरीकी डालर मिले हैं। इसके जरिए कर्ज में डूबे श्रीलंका को बड़ी राहत मिली है। उम्मीद है कि इस पैकेज की मदद से श्रीलंका की आर्थिक स्थिति में सुधार हो।
श्रीलंका ने क्या कहा?
गुरुवार को श्रीलंकाई सरकार ने एक बयान जारी किया। इसमें सेंट्रल बैंक के गवर्नर और ट्रेजरी के सचिव ने कहा, 'हम तरलता राहत के उद्देश्य से घरेलू ऋण अनुकूलन (DDO) ऑपरेशन के विकल्प भी तलाश रहे हैं। श्रीलंका की पुनर्भुगतान क्षमता को और कम होने से बचाने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।'
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उन्होंने आगे कहा, 'महत्वाकांक्षी राजकोषीय समेकन प्रयासों के बावजूद, व्यापक ऋण उपचार के अभाव में श्रीलंका का सार्वजनिक ऋण प्रक्षेपवक्र अस्थिर रहने के लिए तैयार है।
सरकार ने कहा, 'आईएमएफ कार्यक्रम के अनुसार, हम कई चीजों को लेकर प्रतिबद्ध हैं। मसलन राजकोषीय समेकन प्राप्त करने, राजकोषीय संरचनात्मक सुधारों को लागू करने, सार्वजनिक ऋण स्थिरता बहाल करने, मूल्य स्थिरता बहाल करने और बाहरी बफर्स का पुनर्निर्माण करने, वित्तीय प्रणाली स्थिरता की रक्षा करने और भ्रष्टाचार की कमजोरियों को कम करने और विकास-बढ़ाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।'
भारत से और कर्ज चाहता है श्रीलंका
श्रीलंका खाद्य और दवा सहित जरूरी सामान खरीदने के लिए भारत से एक अरब डॉलर की नई अस्थायी ऋण सुविधा की मांग करेगा। श्रीलंका के सरकारी मीडिया के अनुसार, श्रीलंका को अपने आर्थिक संकट से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से 33.3 करोड़ डॉलर का प्रोत्साहन पैकेज मिला है। यह मुद्राकोष के तीन अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज की पहली किस्त है। इससे देश को अन्य सहयोगी देशों से भी वित्तीय समर्थन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सरकारी ‘डेली न्यूज' अखबार ने बताया कि श्रीलंका के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने 'देश के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थों, दवाओं और अन्य सामानों की खरीद करने' के लिए नई अस्थायी एक अरब डॉलर की सुविधा प्राप्त करने को अपने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत की।
इस बीच, सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. इंद्रजीत कुमारस्वामी ने सेंट्रल बैंक के सेंटर फॉर बैंकिंग स्टडीज द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में कहा, 'रिजर्व बैंक से भारतीय रुपये की अदला-बदली को सुरक्षित करने के लिए भी बातचीत चल रही है। राशि अभी भी अनिश्चित है और यह राशि एक अरब डॉलर के बराबर हो सकती है. उस पर अभी भी काम किया जा रहा है।'
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श्रीलंका को इस महीने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) बेलआउट कार्यक्रम की पहली किश्त के रूप में 330 मिलियन अमरीकी डालर मिले हैं। इसके जरिए कर्ज में डूबे श्रीलंका को बड़ी राहत मिली है। उम्मीद है कि इस पैकेज की मदद से श्रीलंका की आर्थिक स्थिति में सुधार हो।
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श्रीलंका ने क्या कहा?
गुरुवार को श्रीलंकाई सरकार ने एक बयान जारी किया। इसमें सेंट्रल बैंक के गवर्नर और ट्रेजरी के सचिव ने कहा, 'हम तरलता राहत के उद्देश्य से घरेलू ऋण अनुकूलन (DDO) ऑपरेशन के विकल्प भी तलाश रहे हैं। श्रीलंका की पुनर्भुगतान क्षमता को और कम होने से बचाने और वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।'
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उन्होंने आगे कहा, 'महत्वाकांक्षी राजकोषीय समेकन प्रयासों के बावजूद, व्यापक ऋण उपचार के अभाव में श्रीलंका का सार्वजनिक ऋण प्रक्षेपवक्र अस्थिर रहने के लिए तैयार है।
सरकार ने कहा, 'आईएमएफ कार्यक्रम के अनुसार, हम कई चीजों को लेकर प्रतिबद्ध हैं। मसलन राजकोषीय समेकन प्राप्त करने, राजकोषीय संरचनात्मक सुधारों को लागू करने, सार्वजनिक ऋण स्थिरता बहाल करने, मूल्य स्थिरता बहाल करने और बाहरी बफर्स का पुनर्निर्माण करने, वित्तीय प्रणाली स्थिरता की रक्षा करने और भ्रष्टाचार की कमजोरियों को कम करने और विकास-बढ़ाने वाले सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।'
भारत से और कर्ज चाहता है श्रीलंका
श्रीलंका खाद्य और दवा सहित जरूरी सामान खरीदने के लिए भारत से एक अरब डॉलर की नई अस्थायी ऋण सुविधा की मांग करेगा। श्रीलंका के सरकारी मीडिया के अनुसार, श्रीलंका को अपने आर्थिक संकट से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से 33.3 करोड़ डॉलर का प्रोत्साहन पैकेज मिला है। यह मुद्राकोष के तीन अरब डॉलर के प्रोत्साहन पैकेज की पहली किस्त है। इससे देश को अन्य सहयोगी देशों से भी वित्तीय समर्थन प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सरकारी ‘डेली न्यूज' अखबार ने बताया कि श्रीलंका के वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने 'देश के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थों, दवाओं और अन्य सामानों की खरीद करने' के लिए नई अस्थायी एक अरब डॉलर की सुविधा प्राप्त करने को अपने भारतीय समकक्षों के साथ बातचीत की।
इस बीच, सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नर डॉ. इंद्रजीत कुमारस्वामी ने सेंट्रल बैंक के सेंटर फॉर बैंकिंग स्टडीज द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में कहा, 'रिजर्व बैंक से भारतीय रुपये की अदला-बदली को सुरक्षित करने के लिए भी बातचीत चल रही है। राशि अभी भी अनिश्चित है और यह राशि एक अरब डॉलर के बराबर हो सकती है. उस पर अभी भी काम किया जा रहा है।'