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Sri Lanka Election: इस साल राष्ट्रपति चुनाव में प्रत्याशियों की रिकॉर्ड संख्या, तमिल-बौद्ध भिक्षु समेत 39 नेता
Thu, 15 Aug 2024 03:33 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 15 Aug 2024 03:33 PM IST
सार
इस साल श्रीलंका का राष्ट्रपति चुनाव चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल रिकॉर्ड संख्या में प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। प्रत्याशियों की सूची में अल्पसंख्यक तमिल और बौद्ध संतों समेत कुल 39 नेताओं के नाम शामिल हैं। भारत के पड़ोसी मुल्क में होने के कारण यह चुनाव खास तौर पर चर्चा में है।
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श्रीलंकाई राष्ट्रपति चुनाव 2024 में प्रत्याशी- सरथ फोंसेका, नमल राजपक्षे और रानिल विक्रमसिंघे (फाइल)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
श्रीलंका में अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इस साल के चुनाव में रिकॉर्ड संख्या में कुल 39 प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। प्रत्याशियों की सूची में तीन अल्पसंख्यक तमिल और बौद्ध भिक्षु के नाम भी शामिल हैं। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि 21 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव का एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि 39 प्रत्याशियों में एक भी महिला शामिल नहीं है। 2019 में कराए गए चुनाव में 35 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। इससे पहले अक्तूबर, 1982 में कराए गए देश के पहले राष्ट्रपति चुनाव में केवल छह उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।
40 प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन, एक ने वापस लिया नाम
गौरतलब है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन गुरुवार, 14 अगस्त था। समय समाप्त होने के बाद देश के चुनाव आयोग ने बताया कि कुल 40 उम्मीदवारों ने जमानत राशि जमा कराई थी, लेकिन उनमें से एक ने नामांकन दाखिल नहीं करने का निर्णय लिया। ऐसे में कुल 39 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव आयोग के प्रमुख आरएमएएल रथनायके ने कहा कि तीन उम्मीदवारों के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, लेकिन समीक्षा के बाद आयोग ने आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया।
श्रीलंका में 1.7 करोड़ से अधिक मतदाता
गौरतलब है कि श्रीलंका के चुनाव में 1.7 करोड़ से अधिक मतदाता देश के राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट डाल सकेंगे। 22 निर्वाचन क्षेत्रों में 17 मिलियन से अधिक पात्र मतदाताओं के सामने वर्तमान राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के अलावा युवा उम्मीदवार नमल राजपक्षे जैसे विकल्प भी होंगे। इन दोनों के अलावा प्रमुख उम्मीदवारों की सूची में देश के मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा और मार्क्सवादी जेवीपी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके जैसी हस्तियों के नाम भी शामिल हैं। 38 साल के नमल राजपक्षे को राजनीतिक खानदान- राजपक्षे वंश का उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।
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सैन्य अधिकारी सरथ फोंसेका भी सियासत में भाग्य आजमाएंगे
इनके अलावा सरथ फोंसेका भी सियासत में भाग्य आजमाएंगे। फोंसेका देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी के रूप में लंबे समय तक सेवारत रहे हैं। फोंसेका के बारे में आई खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा है कि जनादेश मिलने के बाद वे भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकेंगे। फील्ड मार्शल फोंसेका श्रीलंकाई सेना प्रमुख रह चुके हैं। उन्हें लिट्टे नीत उग्रवाद पर नकेल कसने के लिए की गई उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे भ्रष्टाचार मिटाने के अलावा देश की अर्थव्यवस्था में भी नई जान फूंकने का प्रयास करेंगे।
लगभग ढाई साल बाद हो रहे चुनाव की इतनी चर्चा क्यों है?
चुनाव के बारे में यह भी उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2022 में देश को दिवालिया घोषित किए जाने के बाद यह देश का पहला चुनाव है। 1948 में ब्रिटिश हुकूमत खत्म होने के बाद अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका में दशकों बाद गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे। महीनों तक चले विरोध-प्रदर्शन और जनाक्रोश के सामने तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को पद छोड़ना पड़ा था। अब लगभग ढाई साल बाद कराए जा रहे चुनाव से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि 2022 में जनांदोलन का प्रतिनिधित्व करने वाला एक शख्स खुद भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल है।
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40 प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन, एक ने वापस लिया नाम
गौरतलब है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनाव 2024 के लिए नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन गुरुवार, 14 अगस्त था। समय समाप्त होने के बाद देश के चुनाव आयोग ने बताया कि कुल 40 उम्मीदवारों ने जमानत राशि जमा कराई थी, लेकिन उनमें से एक ने नामांकन दाखिल नहीं करने का निर्णय लिया। ऐसे में कुल 39 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव आयोग के प्रमुख आरएमएएल रथनायके ने कहा कि तीन उम्मीदवारों के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, लेकिन समीक्षा के बाद आयोग ने आपत्तियों को सिरे से खारिज कर दिया।
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श्रीलंका में 1.7 करोड़ से अधिक मतदाता
गौरतलब है कि श्रीलंका के चुनाव में 1.7 करोड़ से अधिक मतदाता देश के राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट डाल सकेंगे। 22 निर्वाचन क्षेत्रों में 17 मिलियन से अधिक पात्र मतदाताओं के सामने वर्तमान राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के अलावा युवा उम्मीदवार नमल राजपक्षे जैसे विकल्प भी होंगे। इन दोनों के अलावा प्रमुख उम्मीदवारों की सूची में देश के मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा और मार्क्सवादी जेवीपी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके जैसी हस्तियों के नाम भी शामिल हैं। 38 साल के नमल राजपक्षे को राजनीतिक खानदान- राजपक्षे वंश का उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है।
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सैन्य अधिकारी सरथ फोंसेका भी सियासत में भाग्य आजमाएंगे
इनके अलावा सरथ फोंसेका भी सियासत में भाग्य आजमाएंगे। फोंसेका देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी के रूप में लंबे समय तक सेवारत रहे हैं। फोंसेका के बारे में आई खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा है कि जनादेश मिलने के बाद वे भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकेंगे। फील्ड मार्शल फोंसेका श्रीलंकाई सेना प्रमुख रह चुके हैं। उन्हें लिट्टे नीत उग्रवाद पर नकेल कसने के लिए की गई उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि वे भ्रष्टाचार मिटाने के अलावा देश की अर्थव्यवस्था में भी नई जान फूंकने का प्रयास करेंगे।
लगभग ढाई साल बाद हो रहे चुनाव की इतनी चर्चा क्यों है?
चुनाव के बारे में यह भी उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2022 में देश को दिवालिया घोषित किए जाने के बाद यह देश का पहला चुनाव है। 1948 में ब्रिटिश हुकूमत खत्म होने के बाद अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका में दशकों बाद गृह युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे। महीनों तक चले विरोध-प्रदर्शन और जनाक्रोश के सामने तत्कालीन राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को पद छोड़ना पड़ा था। अब लगभग ढाई साल बाद कराए जा रहे चुनाव से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि 2022 में जनांदोलन का प्रतिनिधित्व करने वाला एक शख्स खुद भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल है।