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कोरोना: रूस द्वारा निर्मित स्पूतनिक-वी टीका डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 83 प्रतिशत कारगर
Thu, 12 Aug 2021 06:47 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, मास्को
एजेंसी, मास्को
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 12 Aug 2021 06:47 AM IST
सार
- गमाल्या रिसर्च इंस्टीट्यूट ने जून में कहा था कि टीका डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 90 फीसदी है कारगर
- रूस, भारत समेत अन्य देशों में टीके का इस्तेमाल हो रहा है
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Sputnik v
- फोटो : social media
विस्तार
रूस द्वारा निर्मित स्पूतनिक-वी वैक्सीन कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 83 फीसदी कारगर है। रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुरास्खो ने बुधवार को बताया कि पहले की तुलना में टीके के असर में कमी दर्ज की गई है।
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इससे पहले गमाल्या रिसर्च इंस्टीट्यूट ने जून में कहा था कि टीका डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ 90 फीसदी कारगर है। इंस्टीट्यूट के निदेशक एलेक्जेंडर गिंट्सबर्गने बुधवार को कहा स्पूतनिक-वी टीका पूरी तरह सुरक्षित है और सभी वैरिएंट के खिलाफ असरदार है। रूस, भारत समेत अन्य देशों में टीके का इस्तेमाल हो रहा है।
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बता दें कि पिछले माह में कोरोना के डेल्टा स्ट्रेन और स्पूतनिक-वी टीके से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई थी। नोवोसिब्रिस्क स्टैंड यूनिवर्सिटी लेबोरेटरी के प्रमुख और रसायन एकेडमी ऑफ साइंसेज ने प्रो. सेरेजी नेतोसोव का कहना है कि वायरल वेक्टर और एमआरएनए जिसमें स्पूतनिक-वी वैक्सन भी शामिल है। वो डेल्टा वैरिएंट से बचाने में 90 फीसदी कारगर है।
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अमेरिका और ब्रिटेन के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रोफेसर ने बताया था कि स्पूतनिक-वी समेत सभी एमआरएनए और वेक्टर वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट से बचाने में सक्षम है। उन्होंने कहा था कि इसका प्रभाव जरूर थोड़ा कम हुआ है। लेकिन सुरक्षा कवच मुहैया कराने में सक्षम है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक पर आधारित तरीके से कोरोना शुरुआती स्ट्रेन से 90 फ़ीसदी बचाव होता है। लेकिन डेल्टा वैरिएंट से भी बचाव के लिए यह टीका 90 फीसदी असरदार है। उन्होंने कहा कि पहले से जो टीका बन गया है। उसका बेझिझक होकर इस्तेमाल होना चाहिए।