SpaceX: स्पेसएक्स का स्टारशिप मेगा रॉकेट परीक्षण फिर असफल, उड़ान के कुछ मिनटों बाद ही यान से संपर्क टूटा
SpaceX: स्पेसएक्स का गुरुवार को एक और विशाल स्टारशिप रॉकेट प्रक्षेपण असफल हो गया। परीक्षण उड़ान के कुछ ही मिनटों में अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया और यह अनियंत्रित होकर गिर गया। लगभग दो महीने पहले भी स्पेसएक्स का एक परीक्षण असफल रहा था। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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स्पेसएक्स का गुरुवार को एक और विशाल स्टारशिप रॉकेट प्रक्षेपण असफल हो गया। एलन मस्क की स्पेसएक्स ने गुरुवार को अपने विशाल स्टारशिप रॉकेट के ऊपरी हिस्से को एक भयंकर विस्फोट में खो दिया। इस साल, दूसरी बार स्टारशिप के परीक्षण के दौरान यह विस्फोट हुआ है। घटना के बाद बहामास के आसमान में लाल-गर्म मलबे की बारिश देखी गई। घटना के बाद संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने कुछ समय के लिए इलाके को "मलबा प्रतिक्रिया क्षेत्र" सक्रिय कर दिया, जिससे न्यूयॉर्क और फिलाडेल्फिया से मियामी तक के हवाई अड्डों से उड़ानों में देरी हुई।
एजेंसी ने पुष्टि की है कि स्पेसएक्स को दोबारा उड़ान भरने से पहले दुर्घटना की जांच करानी होगी। असफलता के बावजूद, स्पेसएक्स के "तेजी से असफल हो , तेजी से सीखो" दृष्टिकोण ने उसे दुनिया का प्रमुख प्रक्षेपण सेवा प्रदाता बनने में मदद की है। 403 फुट (123 मीटर) लंबा रॉकेट टेक्सास से सूर्यास्त के कुछ पहले लॉन्च किया गया था। पहले चरण के बूस्टर को सफलतापूर्वक वापस पैड पर पकड़ लिया गया, लेकिन अंतरिक्षयान के ऊपरी हिस्से में मौजूद इंजनों के बंद होने के कारण यह नियंत्रण से बाहर हो गया।
संपर्क टूटने से पहले ही आनी शुरू हो गईं मुश्किलें
उड़ान की कुल अवधि लगभग एक घंटे की थी, जिसमें अंतरिक्षयान को 90 मील (150 किलोमीटर) की ऊंचाई तक पहुंचना था। लेकिन संपर्क टूटने से पहले ही मुश्किलें शुरू हो गईं और अंतरिक्षयान एक असंतुलित स्थिति में चला गया। स्पेसक्राफ्ट की सही स्थिति का अभी पता नहीं चल पाया है। स्पेसएक्स के उड़ान टिप्पणीकार डैन हूट ने कहा, "दुर्भाग्य से यह पिछली बार भी हुआ था, इसलिए हमें अब इसका अभ्यास हो गया है।"
स्टारशिप रॉकेट के जरिए मंगल पर मानव मिशन भेजना चाहते हैं मस्क
स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क का लक्ष्य स्टारशिप रॉकेट के माध्यम से मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजना है। नासा ने भी इस दशक के अंत में अपने अंतरिक्षयात्रियों को चांद पर ले जाने के लिए स्टारशिप को बुक किया है। इस परीक्षण उड़ान के दौरान, स्टारशिप के पास चार मॉक सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में छोड़ने का अभ्यास था, जो कि स्पेसएक्स के स्टारलिंक इंटरनेट उपग्रहों के समान थे। लेकिन यह मुमकिन नहीं हो पाया।
स्पेसएक्स ने दुर्घटना के बाद कई सुधार किए हैं और संघीय उड्डयन प्रशासन ने स्टारशिप को दोबारा लॉन्च की मंजूरी दी है। लेकिन इस परीक्षण उड़ान में संपर्क टूटने से अब भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। स्पेसएक्स का कहना है कि पिछली दुर्घटना के बाद की गई सुधारों के बावजूद, इसे पूरी तरह से नियंत्रित करना अब भी एक बड़ी चुनौती है।