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दक्षिण सीरिया के अब्दीन में इस्राइली सेना का विरोध: सैनिकों का रास्ता रोक हुई पत्थरबाजी, इस वजह से बढ़ा तनाव?
Tue, 30 Jun 2026 01:10 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 30 Jun 2026 01:10 AM IST
सार
दक्षिण सीरिया के अब्दीन गांव में इस्रायली सेना के घुसने पर स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया। इसके जवाब में इस्रायली सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर गोलीबारी की, जिसके चलते इलाके में तनाव बढ़ गया है।
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दक्षिण सीरिया में क्यों बढ़ा तनाव?
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिण सीरिया के अब्दीन गांव में तनाव काफी बढ़ गया है। यहां जब इस्राइली सैनिकों और उनके वाहनों ने गांव में प्रवेश किया, तो स्थानीय लोगों ने उनका रास्ता रोक दिया। निवासियों ने सड़कों पर बड़े पत्थर रख दिए और कुछ युवाओं ने सैन्य गश्ती दल पर पत्थर फेंके। इस इलाके में इस्राइली सेना की मौजूदगी की वजह से पिछले कुछ दिनों से हिंसा और तनाव का माहौल बना हुआ है।
अब्दीन गांव में संघर्ष और डर का माहौल
अब्दीन गांव के निवासियों ने रविवार को इस्राइली सेना की घुसपैठ का विरोध करने की कोशिश की। चश्मदीदों ने बताया कि इस्राइली सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए दीवारों पर और उनके बीच में चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। इसके बाद गांव पर तोप के गोले भी दागे गए। हालांकि इस झड़प में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन डर के कारण ज्यादातर लोग गांव छोड़कर भाग गए। सोमवार तक बहुत से लोग वापस लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्हें डर है कि आने वाले दिनों में इस्राइली सेना और भी बड़े हमले या छापेमारी कर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सैनिक हर कुछ दिनों में गांव में आते हैं, घरों की तलाशी लेते हैं और दरवाजा न खोलने पर उसे तोड़ देते हैं।
इस्राइल का कब्जा और सुरक्षा का तर्क
इस्राइल ने दिसंबर 2024 में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर असद की सत्ता गिरने के बाद इस इलाके पर कब्जा कर लिया था। यह इलाका पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक बफर जोन था। शुरुआत में इस्राइल ने कहा था कि यह कदम अस्थायी है और अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। लेकिन अब इस्राइली अधिकारी कह रहे हैं कि वे इस इलाके पर अनिश्चित काल तक कब्जा बनाए रखेंगे। इस्राइल का मानना है कि चरमपंथी समूहों के हमलों को रोकने के लिए यह 'बफर जोन' जरूरी है। हालांकि, असद के हटने के बाद से सीरिया की तरफ से इस्राइल पर कोई बड़ा हमला नहीं हुआ है।
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सीरियाई सरकार की मांग और अन्य हिंसक घटनाएं
सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने इस्राइल से इस 235 वर्ग किलोमीटर के इलाके को खाली करने की मांग की है। सीरियाई सरकार ने अब्दीन में हुई गोलाबारी की कड़ी निंदा की है। इसी बीच, इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिण सीरिया में दो हथियारबंद लोगों को मार गिराया है जो हमले की योजना बना रहे थे। हदर गांव के मेयर ने बताया कि एक पिकअप ट्रक में जा रहे दो अज्ञात लोगों पर हमला हुआ और इस्राइली सेना उनके शव अपने साथ ले गई।
ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: पीयूष गोयल बोले- इस्राइल और GCC के साथ रुकी भारत की FTA वार्ता, कई देशों से संवाद जारी
बुनियादी सुविधाओं का संकट और पलायन
अब्दीन और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग भारी असुरक्षा और सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। गांव में बिजली और पानी की भारी किल्लत है। किसानों के लिए अपने खेतों और पानी के स्रोतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। रोजगार न होने और असुरक्षा के कारण कई लोग इलाका छोड़कर जा रहे हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में फ्रांस में चल रही शांति वार्ता भी फिलहाल रुक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे 13 साल के गृहयुद्ध के बाद अब शांति से रहना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस्राइल पर दबाव बनाना चाहिए।
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अब्दीन गांव में संघर्ष और डर का माहौल
अब्दीन गांव के निवासियों ने रविवार को इस्राइली सेना की घुसपैठ का विरोध करने की कोशिश की। चश्मदीदों ने बताया कि इस्राइली सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए दीवारों पर और उनके बीच में चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। इसके बाद गांव पर तोप के गोले भी दागे गए। हालांकि इस झड़प में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन डर के कारण ज्यादातर लोग गांव छोड़कर भाग गए। सोमवार तक बहुत से लोग वापस लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। उन्हें डर है कि आने वाले दिनों में इस्राइली सेना और भी बड़े हमले या छापेमारी कर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सैनिक हर कुछ दिनों में गांव में आते हैं, घरों की तलाशी लेते हैं और दरवाजा न खोलने पर उसे तोड़ देते हैं।
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इस्राइल का कब्जा और सुरक्षा का तर्क
इस्राइल ने दिसंबर 2024 में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर असद की सत्ता गिरने के बाद इस इलाके पर कब्जा कर लिया था। यह इलाका पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक बफर जोन था। शुरुआत में इस्राइल ने कहा था कि यह कदम अस्थायी है और अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। लेकिन अब इस्राइली अधिकारी कह रहे हैं कि वे इस इलाके पर अनिश्चित काल तक कब्जा बनाए रखेंगे। इस्राइल का मानना है कि चरमपंथी समूहों के हमलों को रोकने के लिए यह 'बफर जोन' जरूरी है। हालांकि, असद के हटने के बाद से सीरिया की तरफ से इस्राइल पर कोई बड़ा हमला नहीं हुआ है।
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सीरियाई सरकार की मांग और अन्य हिंसक घटनाएं
सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने इस्राइल से इस 235 वर्ग किलोमीटर के इलाके को खाली करने की मांग की है। सीरियाई सरकार ने अब्दीन में हुई गोलाबारी की कड़ी निंदा की है। इसी बीच, इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिण सीरिया में दो हथियारबंद लोगों को मार गिराया है जो हमले की योजना बना रहे थे। हदर गांव के मेयर ने बताया कि एक पिकअप ट्रक में जा रहे दो अज्ञात लोगों पर हमला हुआ और इस्राइली सेना उनके शव अपने साथ ले गई।
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बुनियादी सुविधाओं का संकट और पलायन
अब्दीन और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग भारी असुरक्षा और सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। गांव में बिजली और पानी की भारी किल्लत है। किसानों के लिए अपने खेतों और पानी के स्रोतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। रोजगार न होने और असुरक्षा के कारण कई लोग इलाका छोड़कर जा रहे हैं। अमेरिका की मध्यस्थता में फ्रांस में चल रही शांति वार्ता भी फिलहाल रुक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे 13 साल के गृहयुद्ध के बाद अब शांति से रहना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस्राइल पर दबाव बनाना चाहिए।