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Conflict: विवादित समुद्री सीमा में घुसा उत्तर कोरियाई जहाज, दक्षिण कोरिया ने की गोलियों की बौछार तो लौटा वापस
Fri, 26 Sep 2025 09:32 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 26 Sep 2025 09:32 AM IST
सार
दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच विवादित समुद्री सीमा उल्लंघन किया गया है। जानकारी के मुताबिक, एक उत्तर कोरियाई व्यापारी जहाज ने विवादित पश्चिमी समुद्री सीमा को पार किया, जिसके बाद तमाम चेतवानियों के बाद दक्षिण कोरिया की तरफ से गोलियों की बौछार की गई, तब जाकर उत्तर कोरियाई जहाज वापस लौटा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
दक्षिण कोरिया की सेना ने शुक्रवार तड़के चेतावनी गोलियां चलाकर एक उत्तर कोरियाई व्यापारी जहाज को खदेड़ दिया, जो दोनों देशों के बीच विवादित पश्चिमी समुद्री सीमा को पार कर गया था। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 5 बजे बैंगनयोंग द्वीप के पास हुई। सेना ने पहले जहाज को ऑडियो संदेश के जरिए चेतावनी दी और फिर चेतावनी गोलियां चलाईं, जिसके बाद जहाज तुरंत लौट गया।
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समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार- दक्षिण कोरिया
अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि उत्तर कोरिया ने गोलीबारी का जवाब दिया या किसी तरह की ताकत का इस्तेमाल किया। वहीं दक्षिण कोरिया ने कहा कि यह कार्रवाई तय सैन्य प्रक्रिया के तहत की गई और सेना अपनी समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
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नॉर्दर्न लिमिट लाइन है विवाद की वजह
दोनों देशों के बीच यह समुद्री सीमा, जिसे नॉर्दर्न लिमिट लाइन (एनएलएल) कहा जाता है, ठीक से चिह्नित नहीं है। इस वजह से यहां अक्सर टकराव की घटनाएं होती रहती हैं। 2010 में उत्तर कोरिया ने एक दक्षिण कोरियाई द्वीप पर गोलाबारी की थी और एक नौसैनिक जहाज पर कथित तौर पर टॉरपीडो हमला किया था, जिनमें 50 दक्षिण कोरियाई नागरिक मारे गए थे।
उत्तर कोरिया समुद्री सीमा को नहीं देता मान्यता
बता दें कि, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने जनवरी 2024 में कहा था कि उनका देश इस सीमा को मान्यता नहीं देता। उनका दावा है कि वास्तविक सीमा और आगे दक्षिण कोरिया के नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र में आती है। इससे पहले 2022 में भी दोनों देशों ने चेतावनी गोलियां चलाई थीं, जब एक उत्तर कोरियाई व्यापारी जहाज ने इसी समुद्री सीमा को पार किया था।
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कोरियाई प्रायद्वीप पर लगातार बढ़ रहा तनाव
फिलहाल, कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया की बातचीत फिर से शुरू करने की अपील को नजरअंदाज कर रहा है और किम जोंग उन लगातार अपने हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही, फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से उत्तर कोरिया और रूस के बीच संबंध भी और गहरे हो गए हैं।
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समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार- दक्षिण कोरिया
अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि उत्तर कोरिया ने गोलीबारी का जवाब दिया या किसी तरह की ताकत का इस्तेमाल किया। वहीं दक्षिण कोरिया ने कहा कि यह कार्रवाई तय सैन्य प्रक्रिया के तहत की गई और सेना अपनी समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
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नॉर्दर्न लिमिट लाइन है विवाद की वजह
दोनों देशों के बीच यह समुद्री सीमा, जिसे नॉर्दर्न लिमिट लाइन (एनएलएल) कहा जाता है, ठीक से चिह्नित नहीं है। इस वजह से यहां अक्सर टकराव की घटनाएं होती रहती हैं। 2010 में उत्तर कोरिया ने एक दक्षिण कोरियाई द्वीप पर गोलाबारी की थी और एक नौसैनिक जहाज पर कथित तौर पर टॉरपीडो हमला किया था, जिनमें 50 दक्षिण कोरियाई नागरिक मारे गए थे।
उत्तर कोरिया समुद्री सीमा को नहीं देता मान्यता
बता दें कि, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने जनवरी 2024 में कहा था कि उनका देश इस सीमा को मान्यता नहीं देता। उनका दावा है कि वास्तविक सीमा और आगे दक्षिण कोरिया के नियंत्रण वाले समुद्री क्षेत्र में आती है। इससे पहले 2022 में भी दोनों देशों ने चेतावनी गोलियां चलाई थीं, जब एक उत्तर कोरियाई व्यापारी जहाज ने इसी समुद्री सीमा को पार किया था।
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कोरियाई प्रायद्वीप पर लगातार बढ़ रहा तनाव
फिलहाल, कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया की बातचीत फिर से शुरू करने की अपील को नजरअंदाज कर रहा है और किम जोंग उन लगातार अपने हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही, फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से उत्तर कोरिया और रूस के बीच संबंध भी और गहरे हो गए हैं।