यूरोप में बढ़ी कोकीन की लत: मिलजुल कर बड़े गिरोह चला रहे हैं तस्करी का धंधा
यूरोपियन यूनियन के साझा पुलिस बल- यूरोपोल ने 2013 में अपनी एक जांच रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि नद्रांघेटा का कोकीन कारोबार 44 अरब पाउंड का है। यह रकम कंपनियों मैकडॉनल्ड और ड्यूशबैंक के साझा कारोबार से भी ज्यादा है। अब ब्रिटिश गिरोहों ने इस गिरोह के हाथ मिला लिया है...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूरोप में मादक पदार्थ कोकीन की तस्करी बढ़ रही है। इसके लिए ब्रिटेन के संगठित अपराधी गिरोहों ने दूसरे देशों के ऐसे गिरोहों से संबंध बना लिए हैं। खास कर इटली के माफिया गिरोह इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैँ। इस बात का खुलासा ब्रिटेन के एक वरिष्ठ जांचकर्ता ने किया है।
ब्रिटिश अखबार द गार्जियन के मुताबिक जांचकर्ता लॉरेन्स गिब्सन ने ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी की तरफ से कराई गई जांच का नेतृत्व किया था। गिब्सन ने कहा है कि ब्रिटिश अपराधी गिरोहों ने दूसरे यूरोपीय देशों के गिरोहों के साथ अपना संपर्क अधिक मजबूत कर लिया है। कोकीन की तस्करी दुनियाभर में एक बड़ी चिंता की बात रही है। इस तस्करी में प्रभावशाली गिरोह शामिल रहते हैं। इसीलिए ब्रिटिश जांच से सामने आई ताजा जानकारियों को महत्त्वपूर्ण समझा जा रहा है।
द गार्जियन के मुताबिक गिब्सन को मादक पदार्थों की तस्करी की जांच करने का 40 साल का अनुभव है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम एजेंसी के जांचकर्ताओं ने जहाज के उन कंटेनरों में बड़ी मात्रा में कोकीन बरामद की है, जिन्हें भेजने में कई बड़े अपराधी गिरोह शामिल थे। उन गिरोहों ने कोकीन के खेप और उसकी तस्करी से जुड़े साजो-सामान के साझा इस्तेमाल का एक मजबूत तंत्र बना लिया है।
इटली के नद्रांघेटा माफिया गिरोह को बहुत शक्तिशाली माना जाता है। बताया जाता है कि यूरोप में कोकीन का जितना कारोबार होता है, उसके सबसे बड़े हिस्से पर उसका ही नियंत्रण है। यूरोपियन यूनियन के साझा पुलिस बल- यूरोपोल ने 2013 में अपनी एक जांच रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि नद्रांघेटा का कोकीन कारोबार 44 अरब पाउंड का है। यह रकम कंपनियों मैकडॉनल्ड और ड्यूशबैंक के साझा कारोबार से भी ज्यादा है। अब ब्रिटिश गिरोहों ने इस गिरोह के हाथ मिला लिया है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि हाल में ब्रिटेन में कोकीन की जो खेपें पकड़ी गईं, वे पहले से ज्यादा बड़ी रही हैं। इसकी वजह यही है कि ब्रिटिश गिरोहों ने दुनिया के सबसे बड़े कोकीन तस्कर गिरोह के साथ संपर्क बना रखा है। पिछले दिनों नेशनल क्राइम एजेंसी ने दो टन कोकीन की एक खेप जब्त की थी। इसे समुद्र में एक याच (बड़ी नौका) से जब्त किया गया। उस खेप के साथ छह लोग गिरफ्तार भी किए गए।
एजेंसी के विश्लेषण के मुताबिक ड्रग्स की सप्लाई के धंधे से ब्रिटेन में 1,716 संगठित गिरोह शामिल हैं। उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो कोकीन की खरीदारी सीधे दक्षिण अमेरिकी ड्रग्स गिरोहों से करते हैं। कुछ गिरोह बिचौलियों या अपने सूत्रों के जरिए खरीदारी करते हैं। ये खरीदारी नीदरलैंड्स के रोटेरडेम या बेल्जियम के एंटवर्प शहर से की जाती है। दक्षिण अमेरिका से ड्रग्स कारोबारी कोकीन लाकर इन्हीं या कुछ दूसरे शहरों में उतारते हैं। इन शहरों का इस्तेमाल यूरोप में नशीली दवाओं के लिए प्रवेश द्वार के रूप में किया जा रहा है।
जानकारों के मुताबिक यूरोप में कोकीन के बढ़ रहे कारोबार से साफ है कि यहां इस पदार्थ का बाजार अब पहले से बड़ा हो गया है। इसीलिए इस काम में बड़े गिरोह शामिल हो गए हैं, जो एक दूसरे की मदद करते हुए ये कारोबार चला रहे हैं।