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पाकिस्तान: ‘एक्स’ की सेवाओं के निलंबन से कोर्ट नाखुश; गृह मंत्रालय से एक हफ्ते में फैसला रद्द करने को कहा

Wed, 17 Apr 2024 08:01 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, कराची
पीटीआई, कराची Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 17 Apr 2024 08:01 PM IST
सार

मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ‘एक्स’ और अन्य सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल करने से  धमाके नहीं होते। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा लगता है कि ‘एक्स’ की सेवाओं को निलंबित करने का कोई औचित्य नहीं है।

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Sindh High Court asks Pakistan’s Interior Ministry to revoke X’s suspension letter within a week
x - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पाकिस्तान में फरवरी से निलंबित पड़ीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ की सेवाओं को लेकर सिंध उच्च न्यायालय (एसएचसी) ने बुधवार को नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को एक सप्ताह के अंदर निलंबन को वापस लेने को कहा है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मंत्रालय इस संबंध में अपना निर्णय रद्द करे।

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राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए लिया गया था फैसला
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अकील अहमद अब्बासी ने ‘एक्स’ की सेवाओं पर निलंबन को लेकर कई याचिकाओं पर सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ऐसा करके क्या हासिल करना चाहता है। दरअसल, राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए एलन मस्क के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ की सेवाओं को फरवरी में निलंबित कर दिया गया था। 
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पीटीए और मंत्रालय की दलील
पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) ने पिछले महीने कोर्ट को बताया था कि उसने गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियों से निर्देश मिलने के बाद सोशल मीडिया मंच पर रोक लगा दी है।  इसके बाद गृह मंत्रालय ने एक अलग मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट को बताया था कि इंटरनेट पर अपलोड की गई सामग्री देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
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सुनवाई नौ मई तक के लिए स्थगित
मामले में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ‘एक्स’ और अन्य सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल करने से  धमाके नहीं होते। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा लगता है कि ‘एक्स’ की सेवाओं को निलंबित करने का कोई औचित्य नहीं है। यदि गृह मंत्रालय 17 फरवरी को जारी किए गए निर्देशों को वापस नहीं लेता है तो अदालत अपना आदेश पारित करेगी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई नौ मई तक के लिए स्थगित कर दी।

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