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Bangladesh: शेख हसीना के निवेश सलाहकार-पूर्व कानून मंत्री गिरफ्तार, आरोपियों की तरह हाथ बांधकर लाया गया
Wed, 14 Aug 2024 12:16 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 14 Aug 2024 12:16 PM IST
सार
शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद और बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद ने दावा किया किपांच अगस्त के बाद से 52 जिलों में 205 हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।
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शेख हसीना और उनके सहयोगी के देश छोड़ने पर बड़ा खुलासा
- फोटो : ANI
विस्तार
बांग्लादेश में सियारी उथल पुथल के बीच नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हो चुका है। अंतरिम सरकार के गठन के एक हफ्ते बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के निवेश सलाहकार सलमान एफ रहमान और बांग्लादेश के पूर्व कानून मंत्री अनिसुल हक को ढाका के सदरघाट से भागने के दौरान गिरफ्तार किया गया। आश्चर्य की बात यह थी कि दोनों नेताओं को आरोपियों की तरह रस्सियों से बांधकर लाया गया और एक घंटे के भीतर उन पर दोहरे हत्याकांड का आरोप लगा दिया गया।
बांग्लादेश में एक महीने से जारी है हिंसा
बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी।
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ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि पांच अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गुरुवार को अंतरिम सरकार का गठन किया गया है। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं। यहां हिंदुओं के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है
अब तक 205 घटनाएं हुईं
शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद और बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद ने दावा किया किपांच अगस्त के बाद से 52 जिलों में 205 हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।
बता दें कि कि पिछले हफ्ते गुरुवार को मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ग्रहण की थी। देश को चलाने के लिए यूनुस की सहायता के लिए सलाहकारों की 16 सदस्यीय परिषद की भी घोषणा की गई।
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बांग्लादेश में एक महीने से जारी है हिंसा
बांग्लादेश में 1971 में देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रतता सेनानियों के लिए तय किए आरक्षण के खिलाफ जुलाई में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। धीरे-धीरे ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए और छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग की जाने लगी।
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ये विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि पांच अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को अपने पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं। वहीं बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गुरुवार को अंतरिम सरकार का गठन किया गया है। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं। यहां हिंदुओं के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है
अब तक 205 घटनाएं हुईं
शेख हसीना के इस्तीफे के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद और बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद ने दावा किया किपांच अगस्त के बाद से 52 जिलों में 205 हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।
बता दें कि कि पिछले हफ्ते गुरुवार को मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ग्रहण की थी। देश को चलाने के लिए यूनुस की सहायता के लिए सलाहकारों की 16 सदस्यीय परिषद की भी घोषणा की गई।