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UN Report: चीन शिनजियांग में मुस्लिमों पर कर रहा जुल्म, यूएन रिपोर्ट में दुष्कर्म, जबरन नसबंदी का दावा

Thu, 01 Sep 2022 11:13 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 01 Sep 2022 11:13 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार आयुक्त मिशेल बैचलेट ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन 31 अगस्त को चीन में मानवाधिकारों को लेकर बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट जारी कर दी। हालांकि, चीन ने इसमें किए गए दावों को खारिज किया है।

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serious human rights violations in Xinjiang, UN repot on China claims
उइगर मुस्लिमों का दमन - फोटो : ani

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार रिपोर्ट के अनुसार चीन अपने शिनजियांग प्रांत में मुस्लिमों के दमन से बाज नहीं आ रहा है। वह विश्व संस्था में आतंकवाद का परोक्ष रूप से हिमायती नजर आता है, वहीं, अपने देश में आतंकवाद के नाम पर मुस्लिमों का दमन कर रहा है। यूएन की चीन को लेकर जारी मानवाधिकार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन आतंकवाद व उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर अत्याचार कर रहा है। शिनजियांग में मुस्लिम महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं तो पुरुषों की जबरन नसबंदी की जा रही है।

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संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार आयुक्त मिशेल बैचलेट ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन 31 अगस्त को चीन में मानवाधिकारों को लेकर बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट जारी कर दी। हालांकि, चीन ने इसमें किए गए दावों को खारिज किया है। 
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संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार रिपोर्ट में चीन पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का दावा किया गया है। ये मानवता के खिलाफ अपराध हैं। चीन के सुदूर शिनजियांग प्रांत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को लेकर आई 48 पेज की इस रिपोर्ट में उईगर मुस्लिमों के बड़ी संख्या में लापता होने का भी दावा किया गया है। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि उइगर और अन्य प्रमुख मुस्लिम जातियों के सदस्यों को मनमाने और भेदभावपूर्ण ढंग से हिरासत में रखने, व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से प्राप्त मौलिक अधिकारों का हनन मानवता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध है। रिपोर्ट के अनुसार उइगर मुस्लिमों को जबरन कैद कर के रखा गया है। वह अपने सुरक्षा कानूनों का मनमाने ढंग से अमल करते हुए अल्पसंख्यकों का दमन कर रहा है। बताया जाता है कि उइगर के बंदी शिविरों में 10 लाख लोग कैद हैं। 

यह अंतरराष्ट्रीय अपराध है : यूएन
यूएन ने अपनी रिपोर्ट में चीन से अपील की है कि वह अवैध और मनमाने ढंग से कैद सभी उइगरों को तत्काल रिहा करे। अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई मानवता के खिलाफ अपराध होते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध जैसी है। यूएन की यह रिपोर्ट चीन के खिलाफ नए अंतरराष्ट्रीय दबाव के रूप में सामने आ सकती है। 

गढ़ी हुई और गलत रिपोर्ट : चीन
चीन ने इस रिपोर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह चीन विरोधी ताकतों द्वारा गढ़ी गई गलत सूचना और झूठ पर आधारित है। यह चीन को बदनाम करने वाली और देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाली है। चीन ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र से इस रिपोर्ट को जारी नहीं करने का आग्रह किया था। उसने इसे पश्चिमी देशों का तमाशा बताते हुए इसका विरोध किया था।

भारत ने दी ये प्रतिक्रिया
भारत ने चीन के शिनजियांग क्षेत्र में अल्पसंख्यकों के साथ गंभीर दुर्व्यवहार पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट पर गुरुवार को संज्ञान लिया। इस रिपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमारी समझ यह है कि रिपोर्ट शिनजियांग में अल्पसंख्यकों के साथ गंभीर दुर्व्यवहार के बारे में है, लेकिन यह यूएनएचआरसी की रिपोर्ट है, इसलिए संयुक्त राष्ट्र को इस पर टिप्पणी करने दें। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में ये बयान दिया। 


2017 के अंत से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र के ध्यान में उइगरों और अन्य मुख्य रूप से मुस्लिम समुदायों के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों के बाद संयुक्त राष्ट्र निकाय द्वारा मूल्यांकन शुरू किया गया था।
 

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