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वैज्ञानिकों ने धरती के सबसे नजदीक मौजूद ब्लैक होल को खोजा, पृथ्वी से है तीन लाख गुना बड़ा

Tue, 19 May 2020 12:30 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 19 May 2020 12:30 PM IST
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scientists found black hole near to earth where no rule of physics work know important things of it
ब्लैक होल (फाइल फोटो) - फोटो : NASA

हाल ही में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती के सबसे नजदीक मौजूद ब्लैक होल को ढूंढ निकाला है। ये धरती से करीब एक हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। अंतरिक्ष में ब्लैक होल एक शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र वाली जगह है जहां पर भौतिक विज्ञान का कोई भी नियम काम नहीं करता है।

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कैसे बनते हैं ब्लैक होल
ब्रह्मांड में यूं तो कई ब्लैक होल हैं लेकिन वे सभी पृथ्वी से हजारों प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित हैं। यदि ये पास होते तो पृथ्वी को निगल गए होते और मनुष्यों का नामोनिशान तक नहीं रहता। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये होल बनते कैसे हैं? दरअसल, वैज्ञानिक तौर पर ऐसा माना जाता है कि जब कोई विशाल तारा अपने अंत की ओर पहुंचता है तो वह धीरे-धीरे ब्लैक होल में बदलने और आसपास की सारी चीजों को अपनी ओर खींचने लगता है। इसका खिंचाव इतना ज्यादा शक्तिशाली होता है कि इससे कुछ नहीं बच सकता। यहां तक कि एक बार ब्लैक होल के अंदर प्रकाश भी चला जाए तो वो फिर कभी बाहर नहीं आ सकता।
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सूरज से 650 करोड़ गुना भारी होते हैं ब्लैक होल
वैज्ञानिकों ने पिछले साल एम 87 आकाशगंगा में मौजूद एक विशाल ब्लैक होल की तस्वीर जारी की थी। इसमें बताया गया था कि आकार में यह ब्लैक होल पृथ्वी से तीस लाख गुना बड़ा और वजन में सूरज से 650 करोड़ गुना से ज्यादा भारी है। इसे ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ब्लैक होल माना गया है। माना जाता है कि ब्रह्मांड के करोड़ों तारों को मिलाकर जितनी रोशनी होगी, यह उससे कई गुना ज्यादा चमकदार है।
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धरती के पास ढूंढा ब्लैक होल
वैज्ञानिकों ने हाल ही में धरती के सबसे नजदीक एक ब्लैक होल की खोज की है। जो दो तारों के बीच छुपा हुआ है। यह धरती से एक हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। वैज्ञानिकों की मानें तो यह आकार में सूरज से चार गुना बड़ा और वजन में पांच गुना ज्यादा है। इसकी खोज चिली स्थित ला सिला ऑब्जर्वेटरी के टेलीस्कोप से की गई थी।

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