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कोरोना वायरस: क्या म्यूटेशन से वायरस का संक्रमण होगा तेज, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
Thu, 09 Jul 2020 01:10 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Thu, 09 Jul 2020 01:10 PM IST
सार
क्या म्यूटेशन से वायरस का प्रचार और होगा तेज
म्यूटेशन से और अधिक घातक हो सकता है वायरस
डी614जी म्यूटेशन दूसरे वायरस से अधिक संक्रामक
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
कोरोना वायरस को लेकर दिन प्रतिदिन नए-नए शोध और रिपोर्ट सामने आ रही हैं, जो पहले से अलग दावे और खुलासे कर रहे हैं। अब कोरोना वायरस के प्रसार के साथ वैज्ञानिकों ने उसके म्यूटेशन पर जोर देना शुरू कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि म्यूटेशन के साथ वायरस के घातक होने की संभावना ज्यादा है।
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वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना दूसरे वायरस की तुलना में तेजी से फैल रहा है लेकिन कुछ वैज्ञानिक कह रहे हैं कि इस वायरस में म्यूटेशन नहीं हो रहा है। गुरुवार को आई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस को लेकर अभी बहुत कुछ होना बाकी है और इस महामारी का आकार हर दिन बदलता जा रहा है।
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सेल जर्नल में प्रकाशित लोस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिक का कहना है कि कोरोना वायरस अभी और घातक हो सकता है। फ्लोरिडा के स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने पाया कि डी614जी म्यूटेशन उस वायरस से अधिक संक्रामक है जिसमें यह कारक नहीं है।
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वैज्ञानिकों का कहना था कि वायरस में इस तरह का बदलाव संक्रमण के तेज प्रसार के लिए जरूरी होता है लेकिन पर्याप्त नहीं होता है। वायरस के स्टेन मैं इस बात का कोई भी साक्ष्य नहीं था कि डी614जी लोगों को बीमार बना सकता है।
कोरोना संक्रमित मरीजों पर महामारी के अध्ययन के बाद बायोलॉजिस्ट प्रो. बेट कार्बर ने यह दावा किया है कि डी614जी वायरस कई देशों के शहरों में पांव पसार चुका है। उनका कहना है कि वायरस का एक प्रकार अधिक सक्रिय है क्योंकि वह अधिक फिट है।
डॉ. कार्बर के अनुसार दुनिया भर में कोरोना का डी614जी वायरस सक्रिय है। इसी से वायरस कुछ महीनों के अंदर ही अपना दायरा बढ़ा लिया। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के बायोस्टेटिस्टियन डॉक्टर मार्क सुकार्ड का कहना है कि वायरस को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट कहना जल्दबाजी होगी।
यह एक मुश्किल घड़ी है जिसके बारे में विस्तार से समझने के लिए और काम की जरूरत है। डॉक्टर कार्बर ने अपने अध्ययन से यह तो स्पष्ट किया है कि डी614जी वायरस म्यूटेशन ने मई के शुरुआती दिनों में अपना दायरा बढ़ाया। अब डॉक्टर की टीम जानवरों पर अध्ययन कर रही है जिससे वायरस के प्रसार का पता किया जा सके।