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चीनी टीका: डब्ल्यूएचओ की अनुमति के बाद भी विरोध, सऊदी जैसे देश नहीं दे रहे मंजूरी
Thu, 10 Jun 2021 06:15 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 10 Jun 2021 06:15 PM IST
सार
चीन के कोरोना रोधी टीके पर सऊदी समेत कई देशों के विरोध के बाद सवाल खड़ा गो गया है कि उसके टीके पर दुनिया भरोसा क्यों नहीं कर पा रही है? बता दें कि चीन दुनिया के करीब 80 देशों में अपने टीके का निर्यात कर रहा है या मदद के तौर पर भेज रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
विस्तार
चीन में बनाए गए कोरोना वायरस रोधी टीके को विश्व स्वास्थ्य संगठन से अनुमति मिलने के बाद भी कई देश इसे मंजूरी नहीं दे रहे हैं। इन देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन समेत मध्य-पूर्व एशिया के कई देश शामिल हैं। यूएई ने तो यह भी कह दिया है कि ऐसे लोगों को देश में प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिन्होंने चीनी टीका लगवाया है।
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बता दें कि बीते कुछ सप्ताहों में चीन के कोरोना टीके पर कई सवाल उठे हैं। सेशेल्स में मई में कोरोना के मामले अचानक बढ़े थे। यहां दुनिया में सबसे तेजी के साथ टीकाकरण किया गया था और अधिकतर लोगों को चीन में बने सिनोफार्म टीके की खुराक लगाई गई थी। टीकाकरण के बाद अचानक बढ़े मामलों ने टीके के असर पर भी सवाल खड़े किए थे।
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इसके बाद से ही सऊदी अरब, बहरीन, फिलीपींस और यूएई जैसे देशों ने चीनी टीके के असर पर चिंता जताई है और इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में मई के अंत में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि फिलीपींस के लोग चीनी टीका इसलिए नहीं चाहते हैं क्योंकि उन्हें इससे सुरक्षा और असर को लेकर शंका है।
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सऊदी को सबसे ज्यादा चिंता, संकट में पाकिस्तान
चीन के कोरोना रोधी टीके पर सबसे ज्यादा चिंता सऊदी अरब ने जाहिर की है। उसने चीन के दोनों टीकों (सिनोफार्म और सिनोवैक) को मंजूरी नहीं दी है। सऊदी के इस कदम से चीनी टीके पर निर्भर पाकिस्तान व अन्य देश संकट में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार इस समस्या के समाधान के लिए पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ बात कर रहा है।