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Sagarmatha Sambaad: नेपाल फोरम में चीनी नेता ने माउंट एवरेस्ट को कहा चोमुलुंगमा, पीएम ओली साधे रहे चुप्पी
Sat, 17 May 2025 03:35 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 17 May 2025 03:35 PM IST
सार
नेपाल में चल रहे सागरमाथा संबाद में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें हिमालयी क्षेत्र में बर्फ के तेजी से पिघलने और पारिस्थितिकी तंत्र के कमजोर होने को लेकर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चीनी नेता ने अपने भाषण में माउंट एवरेस्ट को चोमुलुंगमा कहकर संबोधित किया।
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सागरमाथा संबाद में मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधि।
- फोटो : एक्स/@kpsharmaoli
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विस्तार
नेपाल में चल रहे सागरमाथा संबाद कार्यक्रम में चीनी नेता ने माउंट एवरेस्ट को चीनी नाम से संबोधित किया। चीन की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष शियाओ जी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान करीब 10 बार माउंट एवरेस्ट को चोमुलुंगमा कहा। इस पर फोरम में मौजूद अन्य देशों के नेताओं ने आपत्ति जताई। जबकि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चुप्पी साधे रहे।
नेपाल में चल रहे सागरमाथा संबाद में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें हिमालयी क्षेत्र में बर्फ के तेजी से पिघलने और पारिस्थितिकी तंत्र के कमजोर होने को लेकर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चीनी नेता ने अपने भाषण में माउंट एवरेस्ट को चोमुलुंगमा कहकर संबोधित किया।
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जबकि अन्य देशों के नेताओं ने माउंट एवरेस्ट को अंग्रेजी और नेपाली नाम लेकर ही संबोधित किया। जब चीनी नेता ने माउंट एवरेस्ट का नया नाम लिया तो कार्यक्रम में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा, वित्त मंत्री बिष्नु पौडेल समेत 200 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी मौजूद थे।
चीनी नेता के इस बयान ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। काठमांडू में हो रहे कार्यक्रम में बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, यूके, यूएई,जापान, भारत, कतर, कजाख्स्तिान, ब्राजील, मिस्र, ओमान और पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है। इसके अलावा यूएन, विश्व बैक, एडीबी, सार्क, बिम्सटेक और आईसीआईएमओडी के प्रतिनिधि में भी शामिल हो रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी किया था संबोधित
सागरमाथा संबाद कार्यक्रम को भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि भारत पूरी तत्परता से जलवायु कार्रवाई में अपना योगदान दे रहा है। 'विकसित देशों ने जलवायु वित्त, तकनीक और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों में क्षमता निर्माण का वादा किया था, लेकिन अब वे इससे मुकर रहे हैं। इससे जलवायु संकट बढ़ रहा है।
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नेपाल में चल रहे सागरमाथा संबाद में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें हिमालयी क्षेत्र में बर्फ के तेजी से पिघलने और पारिस्थितिकी तंत्र के कमजोर होने को लेकर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चीनी नेता ने अपने भाषण में माउंट एवरेस्ट को चोमुलुंगमा कहकर संबोधित किया।
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जबकि अन्य देशों के नेताओं ने माउंट एवरेस्ट को अंग्रेजी और नेपाली नाम लेकर ही संबोधित किया। जब चीनी नेता ने माउंट एवरेस्ट का नया नाम लिया तो कार्यक्रम में नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा, वित्त मंत्री बिष्नु पौडेल समेत 200 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी मौजूद थे।
चीनी नेता के इस बयान ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस मामले में भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। काठमांडू में हो रहे कार्यक्रम में बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, यूके, यूएई,जापान, भारत, कतर, कजाख्स्तिान, ब्राजील, मिस्र, ओमान और पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है। इसके अलावा यूएन, विश्व बैक, एडीबी, सार्क, बिम्सटेक और आईसीआईएमओडी के प्रतिनिधि में भी शामिल हो रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी किया था संबोधित
सागरमाथा संबाद कार्यक्रम को भारत के पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि भारत पूरी तत्परता से जलवायु कार्रवाई में अपना योगदान दे रहा है। 'विकसित देशों ने जलवायु वित्त, तकनीक और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों में क्षमता निर्माण का वादा किया था, लेकिन अब वे इससे मुकर रहे हैं। इससे जलवायु संकट बढ़ रहा है।
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