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ASEAN: जयशंकर ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, बोले- आतंक के पनाहगारों को किसी भी तरह की रियायत नहीं देने की जरूरत
Fri, 14 Jul 2023 07:11 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 14 Jul 2023 07:11 PM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और सीमा जैसे विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति पर जोर दे रहा है।
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एआरएफ बैठक में एस जयशंकर
- फोटो : twitter
विस्तार
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों इंडोनेशिया की राजधानी में है और वह यहां आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने आए हैं। बैठक में शुक्रवार को एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर निशाना साधा और उन्होंने आसियान सदस्यों से आतंकवाद के मुद्दे पर समान, एकीकृत और शून्य-सहिष्णुता दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि आतंकवाद के पनाहगाहों और वित्तपोषण नेटवर्क को नष्ट करना बेहद जरूरी है।
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इंडोनेशिया की राजधानी में आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और अवैधीकरण को बढ़ावा देकर वैश्विक चुनौतियों का जवाब दे रहा है साथ ही विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति पर जोर दे रहा है। बता दें कि भारत पाकिस्तान पर उसके देश से होने वाले सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए दबाव डालता रहा है।
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एस जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने बैठक में आर्थिक लचीलेपन के लिए आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण में योगदान देने और ग्लोबल साउथ की मदद के लिए विस्तारित संसाधन पहुंच की वकालत करने के मुद्दे पर भी बात की। मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान तीन मौजूदा मुद्दों - समुद्री मामले, म्यांमार और आतंकवाद पर ध्यान केंद्रित किया और एक मजबूत और एकजुट होकर आसियान क्षेत्रीय मंच की और इंडोनेशिया के नेतृत्व की सराहना की।
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चीन को लेकर एस जयशंकर ने कहा कि हम शांति और स्थिरता को कमजोर करने वाली गतिविधियों के बारे में चिंतित हैं। किसी भी आचार संहिता को तीसरे पक्ष के अधिकारों और हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालना चाहिए। बता दें कि चीन विवादित दक्षिण चीन सागर के लगभग पूरे हिस्से पर दावा करता है, हालांकि ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलयेशिया और वियतनाम सभी इसके कुछ हिस्सों पर दावा करते हैं। बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीप और सैन्य प्रतिष्ठान बनाए हैं। चीन का पूर्वी चीन सागर में जापान के साथ भी क्षेत्रीय विवाद है।