India Russia Ties: विदेश मंत्री जयशंकर ने रूसी उप प्रधानमंत्री से की मुलाकात, व्यापार असंतुलन का मुद्दा उठाया
India Russia Ties: भारत और रूस के बीच 26वीं अंतर-सरकारी बैठक में व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जटिल वैश्विक हालात में दोनों देशों को मिलकर आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना होगा। उन्होंने सहयोग बढ़ाने के लिए रचनात्मक विचार, ठोस लक्ष्य, समयसीमा और बेहतर संवाद की जरूरत बताई।
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जयशंकर ने बताया कि यह बैठक बेहद सफल और उपयोगी रही। इसमें दोनों देशों के बीच कृषि, ऊर्जा, उद्योग, कौशल विकास, शिक्षा, संस्कृति और लोगों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर विस्तार से बातचीत हुई।
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विदेश मंत्री ने कहा, हम इस बैठक को ऐसे समय कर रहे हैं, जब दुनिया में भू-राजनीतिक हालात काफी जटिल हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि भारत और रूस मिलकर अपने आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाएं। इसके लिए उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए।
My opening remarks at the 26th Session of the India-Russia Intergovernmental Commission on Trade, Economic, Scientific, Technical and Cultural cooperation in Moscow.
🇮🇳 🇷🇺
https://t.co/hLQ6kbb62O — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 20, 2025
उन्होंने कहा कि अब हमें सहयोग के लिए रचनात्मक और नए तरीकों की जरूरत है। हमें मिलकर अपने एजेंडे को लगातार विस्तारित और विविध बनाना होगा। इसके लिए परस्पर विचार-विमर्श की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमें तय लक्ष्य और समयसीमा बनानी चाहिए ताकि हम खुद को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित कर सकें।
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जयशंकर ने सुझाव दिया कि दो सत्रों के बीच कम से कम दो और अंतरिम बैठकें होनी चाहिए। इसके अलावा, सभी सह-अध्यक्षों के साथ एक मध्य समीक्षा बैठक भी की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार मंच और आयोग के विभिन्न कार्य समूहों के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए, जिससे दोनों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने भरोसा जताया कि जब भारत और रूस के नेता वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मिलेंगे, तब इस बैठक में हुई बातचीत और फैसले हमारे आपसी भरोसे और मजबूत संबंधों को और आगे ले जाएंगे। विदेश मंत्री व्यापार असंतुलन का मुद्दा भी उठाया।
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