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Congo Unrest: रवांडा समर्थित M23 विद्रोहियों का कांगो सरकार के साथ शांति वार्ता से इनकार, प्रतिबंधों का हवाला

Tue, 18 Mar 2025 04:23 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, डाकार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, डाकार Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 18 Mar 2025 04:23 AM IST
सार

एम23 ने कहा कि उनके समूह के सदस्यों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने शांति वार्ता को कमजोर कर दिया है। साथ ही अब वे इसमें भाग नहीं ले सकते। सोमवार को ही कांगो सरकार ने कहा कि वह अंगोला में होने वाली वार्ता में हिस्सा लेगी। कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी की प्रवक्ता टीना सलामा ने पुष्टि की कि कांगो का एक प्रतिनिधिमंडल लुआंडा जा चुका है।

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Rwanda-backed M23 rebels refuse peace talks with Congo government, citing sanctions World News In Hindi
रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही - फोटो : ANI

विस्तार

कांगो के खनिज-समृद्ध पूर्वी क्षेत्र में नियंत्रण को लेकर लड़ रहे रवांडा समर्थित विद्रोहियों ने सोमवार को कांगो सरकार के साथ होने वाली शांति वार्ता से अपना नाम वापस ले लिया है। विद्रोही समूह एम23 के प्रवक्ता लॉरेंस कान्युका ने कहा कि यूरोपीय संघ द्वारा उनके कुछ सदस्यों पर लगाए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों और कांगो की सेना द्वारा कथित हमलों के कारण यह वार्ता अब अव्यवहारिक हो गई है। मामले में एम23 ने कहा कि उनके समूह के सदस्यों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने शांति वार्ता को कमजोर कर दिया है और अब वे इसमें भाग नहीं ले सकते। सोमवार को ही कांगो सरकार ने कहा कि वह अंगोला में होने वाली वार्ता में हिस्सा लेगी। कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी की प्रवक्ता टीना सलामा ने पुष्टि की कि कांगो का एक प्रतिनिधिमंडल लुआंडा जा चुका है।

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बता दें कि पूर्वी कांगो में संघर्ष तब बढ़ा जब जनवरी में रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों ने कांगो के महत्वपूर्ण शहर गोमा पर कब्जा कर लिया। बाद में फरवरी में बुकावु पर भी कब्जा कर लिया। साथ ही मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला अंगोला ने इस संघर्ष में ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि वह कांगो और एम23 के बीच शांति वार्ता की मेज़बानी करेगा।

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70 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इस संघर्ष में लगभग 70 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। साथ ही यह दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, एम23 विद्रोहियों को रवांडा से 4,000 सैनिकों का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, दोनों पक्षों पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र ने एक आयोग गठित किया है।

रवांडा पर बढ़ता अंतर्राष्ट्रीय दबाव
देखा जाए तो रवांडा पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। साथ ही यूरोपीय संघ ने रवांडा के विशेष बलों के कमांडर सहित पांच नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इसके बाद, रवांडा ने बेल्जियम के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए और अपने सभी राजनयिकों को बेल्जियम से बाहर जाने का आदेश दिया। रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागमे ने बेल्जियम पर देश को नष्ट करने का आरोप भी लगाया।

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अमेरिका ने भी की साझेदारी के लिए चर्चा
अमेरिका ने भी कांगो में सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी के लिए चर्चा की है। कांगो में अमेरिकी विशेष दूत रोनी जैक्सन ने कांगो के साथ संभावित सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर बात की और कहा कि वे कांगो में शांति सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं ताकि अमेरिकी कंपनियां वहां निवेश कर सकें।

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