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Ukraine War: रूसी ड्रोन हमलों के बाद यूक्रेन के दो क्षेत्रों में छाया अंधेरा, करीब छह लाख घरों की बिजली गुल

Thu, 08 Jan 2026 10:26 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 08 Jan 2026 10:26 PM IST
सार

Ukraine War: रूसी ड्रोन हमलों के कारण यूक्रेन के जपोरिझिया और निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बिजली कटौती हुई, जिससे लाखों लोग सर्दियों में बिना बिजली और हीटिंग रह गए। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस की आलोचना की और दुनिया भर के देशों से रूस पर दबाव बनाने का आग्रह किया ताकि उसकी आक्रामकता रोकी जा सके।

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Russian drone strikes cause major blackouts in two regions of Ukraine
ड्रोन हमले (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई

विस्तार

रूसी ड्रोन हमलों के कारण यूक्रेन के दक्षिणी जपोरिझिया क्षेत्र की बिजली अस्थायी रूप से बंद हो गई और मध्य निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में छह लाख से अधिक घरों में बिजली नहीं थी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 
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यह हमला उस समय हुआ, जब अमेरिका के नेतृत्व में युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं और यह हमला रूस की ओर से अपने पड़ोसी पर आक्रमण करने के लगभग चार साल बाद हुआ है। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी शांति समझौते के ढांचा बनाना कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मॉस्को ने सार्वजनिक रूप से कोई संकेत नहीं दिया है कि वह समझौते के लिए तैयार है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की आलोचना की कि उसने रात के समय हमले में सार्वजनिक सेवाओं को निशाना बनाया। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा, ऊर्जा सुविधाओं और ढांचों पर ऐसे हमलों का कोई तर्क नहीं है, जिससे लोग सर्दियों में बिना बिजली और हीटिंग के रह जाते हैं।
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रूस ने आक्रमण के बाद से लगातार यूक्रेन के बिजली ग्रिड को निशाना बनाया है, जिससे नागरिकों को गर्मी और पानी न मिल सके। यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे 'सर्दी के दिनों को हथियार बनाने' की रणनीति कहा है। जपोरिझिया क्षेत्र की युद्ध से पहले आबादी करीब 15 लाख थी। आक्रमण के बाद पहली बार यह इलाका चार घंटे के लिए बिना बिजली रहा।

निजी ऊर्जा कंपनी डीटीईके ने बताया किआपातकालीन टीमों ने जपोरिझिया में ग्रिड की मरम्मत की, लेकिन निप्रोपेत्रोव्स्क में गुरुवार दोपहर तक हजारों लोगों के घर में बिजली नहीं थी। जेलेंस्की ने कहा, यह अहम है कि हमारे दुनिया भर के साथी रूस की ओर से लोगों के खिलाफ किए जा रहे अपराधों पर कार्रवाई करें। उन्होंने देशों से आग्रह किया कि रूस पर अधिक दबाव डालें ताकि उसकी आक्रामकता रोकी जा सके।

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