{"_id":"6277aed6f8c82b0b4247e6b1","slug":"russia-ukraine-war-russia-may-completely-redirect-gas-exports-from-europe-to-asia","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूक्रेन संकट: गैस निर्यात को पूरी तरह से एशिया की ओर डायवर्ट कर सकता रूस, चीन और भारत में बढ़ेगी खपत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
यूक्रेन संकट: गैस निर्यात को पूरी तरह से एशिया की ओर डायवर्ट कर सकता रूस, चीन और भारत में बढ़ेगी खपत
Sun, 08 May 2022 05:22 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मास्को
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 08 May 2022 05:22 PM IST
सार
रूस पूरी तरह से यूरोप से एशिया की ओर गैस निर्यात को डायवर्ट कर सकता है। इससे प्राकृतिक गैस की खपत में 160 बिलियन क्यूबिक मीटर की बढोतरी होगी, इसमें मुख्य रूप से चीन और भारत में इसकी खपत बढ़ेगी।
विज्ञापन
रूस प्राकृतिक गैस
- फोटो : Agency (File Photo)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच चल रही जंग खत्म होती नहीं दिख रही है। इसको लेकर गैस वितरण का संकट बना हुआ है। इस बीच, रूसी कंपनी वायगन कंसल्टिंग के एनर्जी विशेषज्ञ इवान टिमोनिन ने गैस निर्यात को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि रूस पूरी तरह से यूरोप से एशिया की ओर गैस निर्यात को डायवर्ट कर सकता है। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा है कि 2025 तक गैस की मांग और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए तत्काल बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की आवश्यकता होगी।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनर्जी विशेषज्ञ इवान टिमोनिन ने कहा है कि इसके लिए निर्यात बुनियादी ढांचे के सक्रिय विकास और नई गैस पाइपलाइनों और एलएनजी संयंत्रों के निर्माण की जरूरत है। इसमें समय भी लगेगा है और खपत भी ज्यादा लगेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एशिया में गैस निर्यात को डायवर्ट करने का रूस का अभियान विशेष रूप से रूसी ऊर्जा और विशेष रूप से तेल उत्पादों पर यूरोप के प्रतिबंधों से उपजा है, बल्कि मार्केट से भी प्रेरित है।
विज्ञापन
इवान टिमोनिन का कहना है कि वर्तमान के हालात बताते हैं कि एशियाई देशों में 2025 तक प्राकृतिक गैस की मांग का आधा हिस्सा ही निर्यात हो पाएगा। इससे प्राकृतिक गैस की खपत में 160 बिलियन क्यूबिक मीटर की बढोतरी होगी, इसमें मुख्य रूप से चीन और भारत में इसकी खपत बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि रूस को इसके लिए नई परियोजनाओं को विकसित करना चाहिए इसके साथ ही निवेश पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन को गैस की आपूर्ति करने वाली साइबेरिया पाइपलाइन के निर्माण में पांच साल लग गए।
गौरतलब है कि पावर आफ साइबेरिया पाइपलाइन के द्वारा 2019 के अंत में आपूर्ति शुरू हो गई थी। 2020 में आपूर्ति की मात्रा 4.1 बिलियन क्यूबिक मीटर हो गई है।