फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   russia ukraine war from february 24 to march 24, what did ukrain president volodymyr zelensky lose in the war, what did russian president vladimir putin gain

Russia Ukraine war: 24 फरवरी से 24 मार्च तक जेलेंस्की ने युद्ध में क्या गंवाया, पुतिन को क्या हासिल हुआ?

Thu, 24 Mar 2022 07:03 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Thu, 24 Mar 2022 07:03 PM IST
सार

विश्लेषकों का कहना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दशकों से अधिक समय से सत्ता में हैं और उस दौरान उन्होंने एक सख्त और मजबूत नेता के रूप में अपनी छवि को बहुत सावधानी से विकसित किया है, लेकिन इस युद्ध ने उनकी छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है।

विज्ञापन
russia ukraine war from february 24 to march 24, what did ukrain president volodymyr zelensky lose in the war, what did russian president vladimir putin gain
पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की - फोटो : Amar ujala

विस्तार

रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमला किया था। तारीख के हिसाब से देखें तो इस जंग को एक महीना पूरा हो चुका है और यह अब भी जारी है, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल सका है। दोनों देश अपने-अपने रुख पर कायम है। एक तरफ जहां राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन अपनी सेना के साथ यूक्रेन पर आक्रामक होते जा रहे हैं वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर  जेलेंस्की भी हथियार डालने के लिए तैयार नहीं हैं। मॉस्को और कीव दोनों के लिए यह साफ हो चुका है कि यह युद्ध आसानी से नहीं जीता जाएगा। 
विज्ञापन


हालांकि अब तक के युद्ध में अपनी जीवटता की वजह से जहां जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि मजबूत की है वहीं रूस  आर्थिक और भू-राजनीतिक दोनों रूप से तेजी से अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। एक नजर में देखते हैं कि अब तक के युद्ध में यूक्रेन या रूस किसका अधिक नुकसान हुआ है। 
विज्ञापन


यूक्रेन ने क्या गंवाया?
करीब एक महीने के युद्ध में लगातार हमलों के कारण यूक्रेन के कई शहरों में भारी तबाही मच गई है। रूस ने कीव, खारकीव और मारियुपोल में कई धमाके किए हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित यूक्रेन का मारियुपोल शहर हुआ है, जहां लगातार बमबारी की जा रही है। इस शहर को लेकर संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यहां अभी तक करीब 1000 लोग मारे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रूसी सेना ने कीव के ओबोलोन में 30 रॉकेट दागे हैं। इससे दो इमारतों में आग लग गई। संयुक्त राष्ट्र, मीडिया रिपोर्ट, यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक रूस के हमले से यूक्रेन की 1000 बिल्डिंग तबाह हो चुकी हैं और 3000 के करीब लोग मारे जा चुके हैं।

russia ukraine war from february 24 to march 24, what did ukrain president volodymyr zelensky lose in the war, what did russian president vladimir putin gain
यूक्रेन में जारी जंग के दौरान तबाही का एक मंजर। - फोटो : ANI
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय ने कहा है कि इस युद्ध में कम से कम 902 नागरिक मारे गए हैं और 1459 घायल हुए हैं।

इस युद्ध में अब तक 121 यूक्रेनी बच्चों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 167 बच्चे घायल हुए हैं।

कहा जा रहा है कि 5000 से अधिक यूक्रेनी सैनिक मारे जा चुके हैं।  

भारी संख्या में पलायन
भारी संख्या में यूक्रेन से लोगों का पलायन हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 35 लाख से अधिक लोग यूक्रेन छोड़ कर चले गए हैं।

यूक्रेन के कई शहर अब तक खाली हो चुके हैं। जो बच गए हैं वे अब खाने-पीने के लिए भी तरस रहे हैं।

ऐतिहासिक और निष्क्रिय चेरनोबिल परमाणु संयत्र पर रूस कब्जा कर चुका है।

russia ukraine war from february 24 to march 24, what did ukrain president volodymyr zelensky lose in the war, what did russian president vladimir putin gain
रूस का यूक्रेन पर हमला जारी - फोटो : सोशल मीडिया
पुतिन ने क्या गंवाया?
यूक्रेन के अधिकारियों का दावा है कि उसने 15,000 से अधिक रूसी सैनिकों को मार गिराया है।

अमेरिका और नाटो ने रूसी हताहतों की संख्या 3,000 से 10,000 के बीच का अनुमान लगाया है।

वहीं रूसी टैब्लॉइड कोम्सोमोल्स्काया प्रावदा ने मरने वाले रूसी सैनिकों की संख्या 9,861 बताई है।

इसके अलावा यूक्रेन का यह भी दावा है कि उसने रूस के 101 विमानों, 124 हेलीकॉप्टरों और 517 टैंक को तबाह कर दिया है।

24 फरवरी को देश में प्रवेश करते ही कीव पर कब्जा करना और जेलेंस्की की सत्ता को गिराना रूसियों का शीर्ष लक्ष्य था, लेकिन एक महीना गुजर जाने के बाद और 150,000 और 200,000 सैनिकों को युद्ध में उतार देने के बाद भी रूसी सेना अब तक कीव पर कब्जा नहीं कर पाई है। 
 

russia ukraine war from february 24 to march 24, what did ukrain president volodymyr zelensky lose in the war, what did russian president vladimir putin gain
रूस-यूक्रेन विवाद - फोटो : सोशल मीडिया
यूक्रेन को कमजोर समझा
कई विशेषज्ञों ने अपने प्रतिद्वंदी को कमजोर समझने, रूसी खुफिया एजेंसी की विफलताओं और ढीली सैन्य तैयारी को इसकी वजह माना है। 

एक पूर्व शीर्ष फ्रांसीसी सैन्य अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि जमीन और वायु सेना के बीच समन्वय की कमी और हमलों की सटीकता की कमी की वजह से रूस अब तक अपने लक्ष्य में कामयाब नहीं हो सका है।

एक महीने के हमले के दौरान  रूस केवल एक प्रमुख शहरी केंद्र दक्षिण यूक्रेन में खेरसॉन पर कब्जा कर सका है।

रूस की अर्थव्यवस्था पर कड़ी चोट
अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने पुतिन को अलग-थलग करने के लिए मास्को पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं और रूसी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त झटका दिया है।  

रूस पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी गईं हैं, फिर चाहे एयरस्पेस बंद करना हो फिर रूस से आ रहे तेल के आयात को रोकना। 

रूस के कई रईसों की संपत्ति अमेरिका और ब्रिटेन ने जब्त कर ली है। इससे रूसी अर्थव्यवस्था पर कड़ी चोट लगी है।

रूस से कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपना कारोबार समेट लिया है। कई पेशेवर रूस छोड़कर दूसरे देशों में शरण ले रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन भी कह चुके हैं कि पुतिन की वजह से रूस की अर्थव्यवस्था बुरी तरह बर्बाद हो गई है और वे खुद आइसोलेट हो चुके हैं। 

russia ukraine war from february 24 to march 24, what did ukrain president volodymyr zelensky lose in the war, what did russian president vladimir putin gain
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन - फोटो : twitter/KremlinRussia_E
क्या पुतिन कमजोर साबित हुए? 
विश्लेषकों का कहना है कि इस युद्ध की वजह से पुतिन अब कमजोर दिखाई देने लगे हैं और यूक्रेन पर आक्रमण करने का उनका निर्णय उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी गलती है। जो आने वाले वर्षों में रूस को भी कमजोर कर देगा। हालांकि यूक्रेन हमले में अब तक सीमित प्रगति करने के बावजूद, पुतिन अडिग दिखाई देते हैं।

नाटो में पूर्व अमेरिकी राजदूत कर्ट वोल्कर ने सीएनबीसी से कहा ‘उन्होंने अब तक जो कुछ भी किया है, उससे रूस की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची लेकिन उन्होंने अपनी ताकत बढ़ाया। लेकिन अब उन्होंने जो किया है वास्तव में उसने रूस को हर तरह से कमजोर कर दिया है।’ 

वहीं नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने कहा ‘राष्ट्रपति पुतिन ने एक एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़कर एक बड़ी गलती की है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed