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Russia-Ukraine Conflict: पुतिन बोले- ट्रंप राष्ट्रपति होते तो टल सकता था युद्ध; 'सस्ते तेल' वाले उपाय से असहमत
Fri, 24 Jan 2025 11:37 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:37 PM IST
सार
पुतिन ने ट्रंप की प्रशंसा की और कहा कि वे एक चतुर और व्यवहारिक व्यक्ति हैं, जो अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देते हैं। पुतिन ने कहा, 'मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हमारे हमेशा से ही कारोबारी, व्यावहारिक और भरोसेमंद संबंध रहे हैं। मैं उनसे इस बात पर असहमत नहीं हो सकता कि अगर वे राष्ट्रपति होते, तो शायद 2022 में यूक्रेन में जो संकट आया, वह नहीं होता।'
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई
विस्तार
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे का समर्थन किया कि अगर वे 2022 में अमेरिकी राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन संघर्ष टाला जा सकता था। पुतिन ने कहा कि रूस कई मुद्दों पर अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, क्रेमलिन ने ट्रंप के उस बयान से असहमति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेल की कीमतों में गिरावट से यूक्रेन संघर्ष को समाप्त हो सकता है।
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रूसी सरकारी टेलीविजन को दिए साक्षात्कार में पुतिन ने ट्रंप की प्रशंसा की और कहा कि वे एक चतुर और व्यवहारिक व्यक्ति हैं, जो अमेरिकी हितों को प्राथमिकता देते हैं। पुतिन ने कहा, 'मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हमारे हमेशा से ही कारोबारी, व्यावहारिक और भरोसेमंद संबंध रहे हैं। मैं उनसे इस बात पर असहमत नहीं हो सकता कि अगर वे राष्ट्रपति होते, तो शायद 2022 में यूक्रेन में जो संकट आया, वह नहीं होता।'
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यह बयान ट्रंप द्वारा 2020 के चुनाव में हार मानने से इनकार करने का पुतिन का सबसे स्पष्ट समर्थन था। ट्रंप ने बार-बार कहा है कि अगर वे राष्ट्रपति होते, तो संघर्ष नहीं होता, क्योंकि पूर्वी यूक्रेन में कीव की सेना और रूस समर्थित अलगाववादियों के बीच लड़ाई बढ़ रही थी, जबकि पुतिन 2022 में हजारों सैनिकों को भेजने वाले थे।
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जेलेंस्की को पुतिन के साथ समझौता करना चाहिए था: ट्रंप
ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को पुतिन के साथ समझौता करना चाहिए था। पुतिन ने बातचीत के लिए अपनी इच्छा जताई, लेकिन जेलेंस्की ने बातचीत से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत पर रोक है, तो कैसे बातचीत होगी?
रूस के खिलाफ प्रतिबंधों ने अमेरिकी हितों को पहुंचाया नुकसान: पुतिन
पुतिन ने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच कई मुद्दे हैं, जैसे परमाणु हथियार नियंत्रण और आर्थिक मुद्दे। उन्होंने कहा कि ट्रंप के पहले कार्यकाल और जो बाइडन प्रशासन के दौरान रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों ने अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में डॉलर की भूमिका कमजोर हुई है।
पुतिन ने ट्रंप को न केवल चतुर, बल्कि व्यावहारिक व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस को मिलकर सभी मुद्दों पर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों को वैश्विक तेल की कीमतों में असामान्यता से बचने की जरूरत है।
तेल की कीमतें कम होने पर समाप्त हो जाएगा रूस-यूक्रेन संघर्ष: ट्रंप
इस बीच, स्विटजरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच में ट्रंप ने कहा कि ओपेक+ देशों का तेल निर्यात यूक्रेन के संघर्ष के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि उन्होंने तेल की कीमतें ऊंची रखी हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर तेल की कीमतें कम होंगी, तो रूस-यूक्रेन युद्ध तुरंत खत्म हो जाएगा, क्योंकि रूस की आमदनी का बड़ा हिस्सा ऊर्जा बिक्री से आता है।
तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं संघर्ष: दिमित्री
वहीं, संवादाताओं से बातचीत में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस पर कहा कि संघर्ष तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह रूस की सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन में सेना भेजने का फैसला किया ताकि अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। इसका तेल की कीमतों से कोई संबंध नहीं है। पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ट्रंप के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।
पेसकोव की टिप्पणियों में पुतिन के बयानों की पुनरावृत्ति हुई कि उन्हें यूक्रेन में सेना भेजनी पड़ी ताकि यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की योजना के परिणामस्वरूप रूस की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा न हो और वहां रहने वाले रूसी भाषी लोगों की सुरक्षा हो। यूक्रेन और पश्चिम ने रूस की कार्रवाई की निंदा की है और इसे आक्रामकता का अकारण कृत्य बताया है।
ट्रंप ने संघर्ष समाप्ति के लिए समझौता न होने पर रूस पर प्रतिबंध की दी धमकी
बुधवार को, ट्रंप ने धमकी दी कि अगर यूक्रेन में लड़ाई को समाप्त करने के लिए समझौता नहीं किया जाता है, तो वे रूस पर कठोर टैरिफ और प्रतिबंध लगा देंगे। इस पर, पेसकोव ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पहले ही बातचीत से मना कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्रेमलिन ट्रंप के बयानों पर बारीकी से नजर रख रहा है और वह पहले की तरह बातचीत करने के लिए तैयार हैं।