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रूस का 'डबल टैप' हमला: मरने वालों की संख्या 55 हुई, 50 अब भी लापता; यूक्रेनी खुफिया एजेंसी ने क्या बताया?

Sun, 08 Nov 2026 04:31 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जापोरिजिया (यूक्रेन)।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जापोरिजिया (यूक्रेन)। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 08 Nov 2026 04:31 PM IST
सार

यूक्रेन में रूसी हमले में मरने वालों की संख्या 55 पहुंच गई है। करीब 50 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच रूस पर बचावकर्मियों को भी निशाना बनाने का आरोप लगा है। यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने 'डबल टैप' हमले में शामिल रूसी सैनिकों की पहचान का दावा किया है। कैसे हुआ हमला? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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Russia targets emergency crews at site of deadly strike in southern Ukraine
रूस यूक्रेन युद्ध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

रूस ने दक्षिणी यूक्रेन में रविवार को बचावकर्मियों को निशाना बनाया। ये बचावकर्मी पहले हुए हमले के बाद लोगों को बचाने के काम में लगे थे। रूसी ड्रोन ने उन पर हमला किया। ड्रोन ने एक पुराने स्कूल और उसके पास बने शेल्टर (सुरक्षित ठिकाने) को निशाना बनाया। इन दोनों जगहों पर पहले भी रूस ने कई निर्देशित (गाइडेड) बम गिराए थे। उस समय वहां के लोग मानवीय मदद का इंतजार कर रहे थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
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यूक्रेन ने बताया कि सोमवार को हुए हमले में 55 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला जापोरिजिया क्षेत्र में अग्रिम मोर्च (फ्रंट लाइन) के पास स्थित कोमिशुवाखा गांव में हुआ था।
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रविवार के हमले में कितना नुकसान हुआ?
यूक्रेन की सरकारी आपात सेवा के मुताबिक, रविवार को उसी जगह हुए हमले में कोई घायल नहीं हुआ। हालांकि, बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले विशेष उपकरणों को नुकसान पहुंचा। यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी एचयूआर ने बताया कि करीब 50 लोग अब भी लापता हैं। बरामद किए गए कई शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच की जा रही है।
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पत्नी को तलाश रहे बुजुर्ग ने क्या कहा?
गांव के रहने वाले 72 साल के मायकोला क्रास्नोव ने शनिवार को एसोसिएटेड प्रेस (एपी) से बात की। उन्होंने बताया कि वह अब भी अपनी पत्नी को तलाश रहे हैं। लेकिन बचावकर्मियों की ओर से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा, वह मानवीय सहायता लेने गई थी। वहां तीन टन का बम गिराया गया। वह कहां हैं?  वह घर नहीं लौटीं। वहां उसका शव भी नहीं मिला। वह मुर्दाघर में भी नहीं है। और न ही वह यहां जिंदा है। 

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रूस के किन सैनिकों की पहचान हुई?
एचयूआर ने शनिवार को बताया कि उसने रूसी सेना के कुछ जवानों की पहचान की है। ये जवान 'डबल टैप' हमले में शामिल थे। इस हमले में एक पुराना स्कूल और जमीन के नीचे बना सुरक्षित ठिकाना तबाह हो गया था। स्थानीय लोग इस जगह का इस्तेमाल शरण लेने के लिए करते थे।


यूक्रेन का आरोप है कि रूस एक ही जगह पर लगातार कई हमले करता है। पहला हमला होने के बाद जब बचावकर्मी वहां पहुंचते हैं, तो रूस दोबारा हमला करता है। यूक्रेन के मुताबिक, इन हमलों का मकसद बचावकर्मियों को निशाना बनाना होता है।

गांव में पुलिसकर्मियों और पड़ोसियों को अंतिम विदाई
शनिवार को जापोरिजिया में पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों ने अंतिम विदाई समारोह में हिस्सा लिया। यह अंतिम विदाई समारोह कोमिशुवाखा में रूसी हमलों में मारे गए छह पुलिसकर्मियों के लिए किया गया था। इनमें तीन पुलिसकर्मियों की मौत पुराने स्कूल के पास हुई थी। इस दौरान बारिश हो रही थी। परिवार के लोग ताबूतों के पास खड़े होकर रो रहे थे। पुलिसकर्मियों ने अपने मारे गए साथियों की तस्वीरें हाथों में पकड़ रखी थीं।
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