Ukraine Russia War: रूस पर युद्ध अपराध और यूक्रेन पर रासायनिक हमलों का आरोप
रूसी हमले के चौथे दिन यूक्रेन के खारकीव समेत कई शहरों में दोनों सेनाओं के बीच जमकर भिड़ंत हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई रिहायशी इलाके भी रूसी आक्रमण का शिकार हुए, जिसके चलते यूक्रेन ने रूस पर युद्ध अपराधों का सहारा लेकर उसके प्रतिरोध को कमजोर करने का आरोप लगाया।
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रूसी हमले के चौथे दिन भी यूक्रेन पूरी बहादुरी और जांबाजी के साथ किला लड़ा रहा है। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों में से एक रूस भंयकर विनाशकारी हथियारों और दो लाख से ज्यादा सैनिकों को झोंकने के बावजूद यूक्रेन के किसी भी हिस्से पर पूर्ण नियंत्रण कायम करने में अब तक नाकाम रहा है।
यही नहीं, इस संघर्ष में रूस को सैकड़ों फौजी और भारी सैन्य साजो-सामान गंवाने पड़े हैं। बेमिसाल जुझारुपन के साथ यूक्रेन ने दिखा दिया है कि जब पूरा देश एकजुट होकर प्रतिरोध करे तो भारी कीमत चुकाए बिना कोई भी उसे झुकाने में कामयाब नहीं हो सकता है।
रूस पर युद्ध अपराध और यूक्रेन पर रासायनिक हमलों का आरोप
रूसी हमले के चौथे दिन यूक्रेन के खारकीव समेत कई शहरों में दोनों सेनाओं के बीच जमकर भिड़ंत हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई रिहायशी इलाके भी रूसी आक्रमण का शिकार हुए, जिसके चलते यूक्रेन ने रूस पर युद्ध अपराधों का सहारा लेकर उसके प्रतिरोध को कमजोर करने का आरोप लगाया। वहीं, रूस ने भी यूक्रेन की सेना पर फास्फोरस वाले रासायनिक हथियारों का उपयोग करने का आरोप लगाया है।
रविवार को राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी सैनिक नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। वे बच्चों और एंबुलेंस तक को निशाना बनाने से नहीं चूक रहे और सब कुछ बर्बाद करते हुए शहरों में आगे बढ़ रहे हैं।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन रूस के युद्ध अपराधों को दर्ज कर रहा है और यह सरासर आतंकवाद है। उन्होंने जंग की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की। उन्होंने दुनिया से रूस के युद्ध अपराध के खिलाफ साथ देने की मांग की। उन्होंने कहा , यह लड़ाई सिर्फ यूक्रेन के खिलाफ नहीं, बल्कि यूरोप, लोकतंत्र, मानवाधिकारों और वैश्विक व्यवस्था पर भी हमला है।
लोगों के खिलाफ लड़ रहा रूस
शनिवार को यूक्रेनी पीएम डेनिस शम्यहल ने कहा था कि रूस अपने मंसूबों में कामयाब ना होता देख अब नागरिक इलाक़ों को निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा, रूस को सैन्य अधिकरण के समक्ष इस युद्ध अपराध का अंजाम भुगतान पड़ेगा। रूस केवल यूक्रेनी सरकार ही नहीं बल्कि यहां के लोगों के खिलाफ भी लड़ रही है।
नागरिक इलाकों को बना सकता है युद्ध का मैदान
- आगे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि रूसी सेना यूक्रेन को कुचलने की मंशा से नागरिक इलाकों को युद्ध का मैदान बना सकती है।
- इससे बचने के लिए यूक्रेन देशभर में चेकपॉइंट बढ़ाने रहा है ताकि रूसी सैनिकों को अंदर घुसने में परेशानी हो।
परमाणु केंद्र पर मिसाइल हमले के बाद आकाश में छाया मशरूमनुमा बादल
रूस ने शनिवार देर रात कीव में यूक्रेन के राज्य परमाणु नियामक निरक्षण केंद्र पर रॉकेट हमला किया। केंद्र परिसर में जमा रेडियोधर्मी सामग्री के ढेर पर जैसे ही रूसी रॉकेट गिरा, भयानक आग और धुएं का मशरूमनुमा बादल आकाश में छा गया।
अहम शहरों में नहीं घुसने दे रहा यूक्रेन
सैन्य जानकारों का कहना है कि रूस भले ताकतवर हो, लेकिन वह अब तक यूक्रेन के अहम शहरों पर कब्जा करने में नाकाम रहा है। इससे पता चलता है कि कमजोर दिखने वाली यूक्रेनी सेना अपनी जमीन को बचाने के लिए दुश्मन का डटकर मुकाबला कर रही है, जिसे आम नागरिकों और हथियार उठाने वालों का भी साथ मिल रहा है। यूक्रेनी नागरिक रूसी टैंकों के आगे खड़े होकर उनका रास्ता रोक रहे हैं।
प्रशासन ने की लोगों से छिपे रहने की अपील
धमाकों के बावजूद रविवार सुबह तक राजधानी में हालात मोटे तौर पर यूक्रेन के नियंत्रण में रहे। लेकिन दूसरे बड़े शहर खारकीव की सड़कों-गलियों में रूसी सैनिक के घुसने के बाद प्रशासन ने लोगों से छिपे रहने की अपील की।
कब्जे की योजना में पिछड़ा रूस : अमेरिका
अमेरिकी अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर बताया कि रूसी सेना को सैन्य आपूर्ति में बड़ी कठिनाई हो रही है। यूक्रेनी वायुसेना जबरदस्त लड़ाई में जुटी है। इसके चलते रूस राजधानी कीव समेत बड़े शहरों पर कब्जा करने की योजना में पिछड़ गया, जबकि लड़ाई से पहले इनके एक दिन में ही रूसी नियंत्रण में आने के आसार जताए जा रहे थे।
उधर, रूस ने रविवार को खेरसन बरदयांस्क पर कब्जे का दावा किया। कहा, 471 यूक्रेनी सैनिक भी उनकी गिरफ्त में हैं।
इस केंद्र में रेडियोधर्मी सामग्री की जांच की जाती है। हालांकि प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ है कि इस हमले के कारण रेडिएशन फैलने का कोई खतरा नहीं है।
-सोवियत संघ से अलग होने के समय ही यूक्रेन ने परमाणु हथियार छोड़ दिये थे और उसके पास कोई परमाणु हथियार नहीं है।