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नासिक ज्योतिषी कांड: रूपाली चाकणकर ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, सीएम फडणवीस को भेजा पत्र
Fri, 20 Mar 2026 09:06 PM IST
Nirmal Kant
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: Nirmal Kant
Updated Fri, 20 Mar 2026 09:06 PM IST
सार
महाराष्ट्र के नासिक में ज्योतिषी प्रकरण सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा है। पढ़िए रिपोर्ट-
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रूपाली चाकणकर, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष
- फोटो : mscw.org.in
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विस्तार
महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दुष्कर्म के आरोपी ज्योतिषी अशोक खरात के साथ संबंधों को लेकर विपक्ष के बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। चाकणकर ने अपना इस्तीफा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ा।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ, जब खरात की गिरफ्तारी के बाद चाकणकर की एक फोटो वायरल हुई, जिसमें वह उसके पांच पूजते दिख रही थीं। विपक्ष (शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस) ने उन पर तीखे हमले किए। सुषमा अंधारे ने उनके नार्को टेस्ट की मांग की, जबकि अंजलि दमानिया ने खरात पर वित्तीय जालसाजी और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग की है। वहीं, चाकणकर ने स्पष्ट किया कि वह केवल मंदिर ट्रस्ट की सदस्य थीं और उन्हें खरात के निजी जीवन या आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। सरकार ने शुचिता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है।
इससे पहले राज्य महिला आयोग के सूत्रों ने बताया था कि वह 18 मार्च से दफ्तर नहीं आ रही थीं और महिला आयोग की टीम से उनका पूरी तरह संपर्क टूटा हुआ है। उनका सोशल मीडिया भी उनकी निजी टीम संभाल रही है।
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और दावा करता था कि वह लोगों की जिंदगी की समस्याएं हल कर सकता है। इसी बहाने वह महिलाओं को अपने ऑफिस बुलाता था। प्राथमिकी में आरोप है कि उसने इस भरोसे का गलत फायदा उठाया और कई महिलाओं का शोषण किया।
क्या वित्तीय गड़बड़ी भी सामने आई?
जांच एजेंसियों ने अब खरात की आर्थिक स्थिति की भी जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसकी संपत्ति कई करोड़ रुपये की हो सकती है। उसके ‘शिवानिका ट्रस्ट’ पर भी नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। नासिक और शिरडी में उसकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।
क्या सियासी कनेक्शन भी जांच के दायरे में?
इस मामले में कुछ नेताओं के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले, विपक्ष ने आरोप लगाया कि उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को हटाने की मांग भी उठाई।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र परिषद चुनाव : कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के बीच बनी सहमति? महायुति के खाते में आठ और एमवीए जीत सकता है एक सीट
क्या बोले विपक्षी नेता?
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने भी गुरुवार को इस मामले को लेकर भाजपा और महायुति सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया और अब उन्हें बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ, जब खरात की गिरफ्तारी के बाद चाकणकर की एक फोटो वायरल हुई, जिसमें वह उसके पांच पूजते दिख रही थीं। विपक्ष (शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस) ने उन पर तीखे हमले किए। सुषमा अंधारे ने उनके नार्को टेस्ट की मांग की, जबकि अंजलि दमानिया ने खरात पर वित्तीय जालसाजी और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग की है। वहीं, चाकणकर ने स्पष्ट किया कि वह केवल मंदिर ट्रस्ट की सदस्य थीं और उन्हें खरात के निजी जीवन या आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी। सरकार ने शुचिता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है।
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इससे पहले राज्य महिला आयोग के सूत्रों ने बताया था कि वह 18 मार्च से दफ्तर नहीं आ रही थीं और महिला आयोग की टीम से उनका पूरी तरह संपर्क टूटा हुआ है। उनका सोशल मीडिया भी उनकी निजी टीम संभाल रही है।
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क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और दावा करता था कि वह लोगों की जिंदगी की समस्याएं हल कर सकता है। इसी बहाने वह महिलाओं को अपने ऑफिस बुलाता था। प्राथमिकी में आरोप है कि उसने इस भरोसे का गलत फायदा उठाया और कई महिलाओं का शोषण किया।
क्या वित्तीय गड़बड़ी भी सामने आई?
जांच एजेंसियों ने अब खरात की आर्थिक स्थिति की भी जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसकी संपत्ति कई करोड़ रुपये की हो सकती है। उसके ‘शिवानिका ट्रस्ट’ पर भी नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। नासिक और शिरडी में उसकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।
क्या सियासी कनेक्शन भी जांच के दायरे में?
इस मामले में कुछ नेताओं के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले, विपक्ष ने आरोप लगाया कि उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को हटाने की मांग भी उठाई।
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क्या बोले विपक्षी नेता?
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने भी गुरुवार को इस मामले को लेकर भाजपा और महायुति सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया और अब उन्हें बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है।