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अधिकारियों के तबादले पर बवाल: ममता बनर्जी ने EC पर उठाए सवाल, जानें मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र में क्या लिखा
Thu, 19 Mar 2026 08:47 PM IST
Himanshu Singh Chandel
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Thu, 19 Mar 2026 08:47 PM IST
सार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों के बड़े पैमाने पर तबादलों को असंवैधानिक बताया और कहा कि इससे राज्य सरकार के अधिकार कमजोर हो रहे हैं। ममता ने चेतावनी दी कि इससे प्रशासनिक कामकाज और आपदा प्रबंधन प्रभावित हो सकता है।
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सीएम ममता बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं, जिससे चुनी हुई सरकार के अधिकार कमजोर हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि चुनाव के दौरान भी राज्य सरकार काम करती रहती है और उसे कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने चुनाव आयोग पर असंवैधानिक तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था और सहकारी संघवाद की भावना को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या है तबादलों पर विवाद?
ममता बनर्जी ने कहा कि बड़ी संख्या में नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों का तबादला और प्रतिनियुक्ति मनमाने तरीके से की जा रही है। उनका कहना है कि यह फैसला बिना स्थानीय जरूरतों को समझे लिया गया है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है।
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ये भी पढ़ें- पश्चिम एशिया पर दुनिया ने जताई चिंता, स्टार्मर बोले- युद्ध खत्म करना ही सही; यूएन ने भी दी चेतावनी
क्या आपदा प्रबंधन पर असर पड़ेगा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च और अप्रैल में पश्चिम बंगाल में तूफान और नॉर-वेस्टर्स का खतरा रहता है। ऐसे समय में अनुभवी और स्थानीय अधिकारियों की जरूरत होती है। अगर उन्हें अचानक हटा दिया गया तो राहत और बचाव कार्यों में बड़ी दिक्कत आ सकती है।
क्या बाहरी अधिकारी संभाल पाएंगे हालात?
ममता बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि दूसरे राज्यों से लाए गए अधिकारी स्थानीय भाषा, भूगोल और सामाजिक हालात को ठीक से नहीं समझते। ऐसे में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विफलता की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।
क्या संविधान की आड़ में फैसले?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिए गए ये फैसले प्रशासनिक अस्थिरता पैदा कर सकते हैं और यह लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं हैं।
अन्य वीडियो-
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मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि चुनाव के दौरान भी राज्य सरकार काम करती रहती है और उसे कमजोर नहीं किया जा सकता। उन्होंने चुनाव आयोग पर असंवैधानिक तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था और सहकारी संघवाद की भावना को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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क्या है तबादलों पर विवाद?
ममता बनर्जी ने कहा कि बड़ी संख्या में नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों का तबादला और प्रतिनियुक्ति मनमाने तरीके से की जा रही है। उनका कहना है कि यह फैसला बिना स्थानीय जरूरतों को समझे लिया गया है, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो सकता है।
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क्या आपदा प्रबंधन पर असर पड़ेगा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च और अप्रैल में पश्चिम बंगाल में तूफान और नॉर-वेस्टर्स का खतरा रहता है। ऐसे समय में अनुभवी और स्थानीय अधिकारियों की जरूरत होती है। अगर उन्हें अचानक हटा दिया गया तो राहत और बचाव कार्यों में बड़ी दिक्कत आ सकती है।
क्या बाहरी अधिकारी संभाल पाएंगे हालात?
ममता बनर्जी ने यह भी सवाल उठाया कि दूसरे राज्यों से लाए गए अधिकारी स्थानीय भाषा, भूगोल और सामाजिक हालात को ठीक से नहीं समझते। ऐसे में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी विफलता की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।
क्या संविधान की आड़ में फैसले?
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 का गलत इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में लिए गए ये फैसले प्रशासनिक अस्थिरता पैदा कर सकते हैं और यह लोकतंत्र के लिए सही संकेत नहीं हैं।
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