फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rohingya refugee leader shot dead in shivir Bangladesh

बांग्लादेश: रोहिंग्या शरणार्थी नेता की गोली मार कर हत्या, अज्ञात लोगों पर फायरिंग करने का आरोप

Thu, 30 Sep 2021 03:26 PM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Thu, 30 Sep 2021 03:26 PM IST
सार


मोहिबुल्ला पेशे से एक शिक्षक थे जो बाद में एक शरणार्थी नेता बन गएऔर अंतरराष्ट्रीय बैठकों में मुस्लिम स्थानीय समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रवक्ता थे। वह 2019 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ धार्मिक स्वतंत्रता पर एक बैठक के लिए व्हाइट हाउस गए थे   बांग्लादेश में म्यांमार से आए 11 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों ने शरण ले रखी है।

विज्ञापन
Rohingya refugee leader shot dead in shivir Bangladesh
रोहिंग्या मुसलमान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रोहिंग्या शरणार्थी पर अज्ञात लोगों ने फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी। 29 सितंबर को बांग्लादेश के एक शिविर में देर रात गोली मार कर हत्या कर दी गई। कॉक्स बाजार में सशस्त्र पुलिस बटालियन के कमांडर नैमुल हक ने बताया कि कॉक्स बाजार जिले के उखिया में स्थित कुटुपालोंग शरणार्थी शिविर में अज्ञात हमलावरों ने मोहिबुल्ला को गोली मार दी। उन्हें एक अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अभी किसी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और यह अभी स्पष्ट नहीं कि इस हमले की पीछे किसका हाथ है।
विज्ञापन


मोहिबुल्ला पेशे से एक शिक्षक थे जो बाद में एक शरणार्थी नेता बन गएऔर अंतरराष्ट्रीय बैठकों में मुस्लिम स्थानीय समूह का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रवक्ता थे। वह 2019 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ धार्मिक स्वतंत्रता पर एक बैठक के लिए व्हाइट हाउस गए थे और उन्होंने म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की व्यथा पर बातचीत की थी।
विज्ञापन


बांग्लादेशी मीडिया ने नेता की आलोचना की थी
उसी साल बांग्लादेशी मीडिया ने उनकी कटु आलोचना की थी क्योंकि उन्होंने म्यांमा में सेना की कार्रवाई के दो साल पूरे होने के मौके पर 2,00,000 शरणार्थियों की एक बड़ी रैली का नेतृत्व किया था। म्यांमा में सेना की कार्रवाई के कारण मोहिबुल्ला समेत करीब 7,00,000 शरणार्थियों को पलायन कर पड़ोसी देश बांग्लादेश में शरण लेनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक मानवाधिकार निगरानी समूह ने मोहिबुल्ला को रोहिंग्या समुदाय की मुखर आवाज बताया। मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बांग्लादेशी प्राधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी से शिविरों में शरणार्थियों, कार्यकर्ताओं और मानवीय सहायता कर्मियों समेत सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक साथ मिलकर काम करने का अनुरोध किया। गौरतलब है कि बांग्लादेश में म्यांमार से आए 11 लाख से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों ने शरण ले रखी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed