फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rising demand for oil and natural gas in China raised fears of energy inflation in world

Energy Inflation: चीन में ऊर्जा की बढ़ती भूख से दुनिया भर को झेलनी पड़ेगी महंगाई

Sat, 04 Mar 2023 03:54 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 04 Mar 2023 03:54 PM IST
सार

Energy Inflation: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का अनुमान है कि दुनिया में 2023 में तेल की रोजाना मांग दस करोड़ 19 लाख बैरल तक पहुंच जाएगी। यह पिछले साल की तुलना में रोजाना 20 लाख बैरल ज्यादा होगी। साथ ही पिछले तीन साल में यह मांग का सबसे ऊंचा स्तर होगा...

विज्ञापन
Rising demand for oil and natural gas in China raised fears of energy inflation in world
Energy Inflation: crude oil - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

चीन में तेल और प्राकृतिक गैस की बढ़ती मांग से विश्व बाजार में ऊर्जा की महंगाई और बढ़ने का अंदेशा पैदा हो गया है। जीरो कोविड नीति खत्म होने के बाद चीन में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। इसके साथ ही कच्चे तेल और अन्य प्रकार की ऊर्जा की खपत भी बढ़ी है।

विज्ञापन

यूबीएस ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है कि चीन में आर्थिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। इसकी वजह से गैस और जेट ईंधन की मांग मजबूत हुई है। इसका असर विश्व ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल के वायदा कारोबार में कीमत में 40 फीसदी तक बढ़ोतरी का अनुमान है। जनवरी में ही चीन में हवाई यात्राओं में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। उसे देखते हुए चीन सरकार ने 2023 के लिए तेल आयात का कोटा 20 फीसदी बढ़ा दिया।

विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का अनुमान है कि दुनिया में 2023 में तेल की रोजाना मांग दस करोड़ 19 लाख बैरल तक पहुंच जाएगी। यह पिछले साल की तुलना में रोजाना 20 लाख बैरल ज्यादा होगी। साथ ही पिछले तीन साल में यह मांग का सबसे ऊंचा स्तर होगा। सिर्फ चीन में रोजाना की मांग में नौ लाख बैरल की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारों ने ध्यान दिलाया है कि अभी भी चीन से विदेश यात्रा करने वाले लोगों की संख्या महामारी के पहले की तुलना में कम है। इस वर्ष ये संख्या तेजी से बढ़ने का अनुमान है। इसे देखते हुए इस साल की दूसरी छमाही में कच्चे तेल की कीमत में भारी उछाल आ सकता है। इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्श ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष दिसंबर तक ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर तक पहुंच जाएगा और 2024 में यही दर बनी रहेगी। ब्रेंड क्रूड वायदा कारोबार में कच्चे तेल की कीमत का पैमाना है।

विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया है कि बढ़ती मांग के मुताबिक तेल का उत्पादन बढ़ने की संभावना नहीं है। संभावना यही है कि तेल उत्पादक देशों का संगठन ओपेक प्लस उत्पादन की अपनी मजूदा मात्रा ही जारी रखेगा। रूस भी इस संगठन का सदस्य है। वह पहले ही अपने उत्पादन में कटौती का एलान कर चुका है। उधर अमेरिका में शेल ऑयल के उत्पादन में भी किसी ठोस बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।

विश्व बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमत में पिछले साल की तुलना में 80 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। यूरोप में इस बार हलकी ठंड पड़ने के कारण गैस की मांग कम रही। उसका असर इसकी कीमत पर पड़ा। अब विशेषज्ञों की निगाह इस पर है कि क्या चीन गैस की सीधी खरीदारी फिर शुरू करता है। कोरोना के कारण आर्थिक गतिविधियां ठप रहने के कारण पिछले साल चीन ने ऐसी खरीदारी रोक रखी थी।

टोक्यो स्थित संस्था मिजुहो रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज में वरिष्ठ अर्थशास्त्री जुन इनोवे ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से कहा- अगर चीन की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होता है, तो महंगाई पर काबू पाने की दुनिया भर में हो रही कोशिशें बेअसर हो जाएंगी। अगर चीन अपनी अर्थव्यवस्था में दो फीसदी की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने में सफल रहा, तो दुनिया में कमोडिटी के मूल्य में चार फीसदी की वृद्धि हो जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed