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Rishi Sunak: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के खिलाफ क्यों हो रही है संसदीय जांच, क्या खतरे में है सुनक की कुर्सी?

Wed, 19 Apr 2023 03:19 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 19 Apr 2023 03:19 PM IST
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सार
प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की है कि यह जांच एक बालसंरक्षण कंपनी से पीएम के संबंधों से जुड़ी हुई है जिसमें उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति का निवेश है। 
 
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Rishi Sunak: Why is there a parliamentary inquiry against the British Prime Minister, if he will lose post
ऋषि सुनक - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति के कारोबारी हितों के मामले में सुनक संसदीय जांच का सामना कर रहे हैं। यह जांच ब्रिटेन के संसदीय मानक आयुक्त द्वारा शुरू की गई है। हाउस ऑफ कॉमन्स के एक स्वतंत्र अधिकारी इस बात के सबूतों की जांच कर रहे हैं कि क्या संसद की आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है?


आइये जानते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या है? सुनक पर क्या आरोप लगे हैं? सुनक का आरोपों पर क्या कहना है? जांच में दोषी पाए जाने पर सुनक पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

ऋषि सुनक
ऋषि सुनक - फोटो : SOCIAL MEDIA
मामला क्या है? 
संसदीय मानक आयुक्त डैनियल ग्रीनबर्ग के मुताबिक, यह जांच सांसदों के लिए सदन या इसकी समितियों की किसी भी कार्यवाही में संबंधित हितों की घोषणा से संबंधित है। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की है कि यह जांच एक बालसंरक्षण कंपनी से पीएम के संबंधों से जुड़ी हुई है जिसमें उनकी पत्नी का निवेश है।

 इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति ब्रिटेन के कंपनीज हाउस  में रजिस्टर कोरू किड्स में शेयरधारक के रूप में सूचीबद्ध हैं। इस संस्था को पिछले महीने बजट में घोषित एक नई पायलट योजना से लाभ होने की आशंका है।

ऋषि सुनक
ऋषि सुनक - फोटो : SOCIAL MEDIA
मामला सामने कैसे आया?
पिछले महीने बजट पेश होने के 15 दिन बाद सुनक वरिष्ठ सांसदों की सुपर कमेटी, संपर्क समिति के सामने पेश हुए थे। विपक्ष ने इसी सुनवाई के दौरान स्पष्टीकरण मांगा था। लेबर सांसद कैथरीन मैककिनेल ने सुनक से पूछा था कि क्या उन्हें नई बाल संरक्षण नीति के संबंध में घोषणा करने में कोई दिलचस्पी है? उस समय सुनक ने इस बात से इनकार करते हुए कहा था कि मेरे सभी खुलासे सामान्य तरीके से घोषित किए गए हैं।

जांच किस बात की हो रही है?
कमिश्नर इस बात की जांच करेंगे कि क्या सुनक को अपनी पत्नी की हिस्सेदारी मैककिनेल को घोषित करनी चाहिए थी। साथ ही इसकी भी पड़ताल होगी कि क्या प्रधानमंत्री को इसे सांसदों के हितों के रजिस्टर में सूचीबद्ध करना चाहिए था, जिसे हर पखवाड़े अपडेट किया जाता है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक - फोटो : फेसबुक/ऋषि सुनक
आरोपों पर सुनक ने क्या कहा?
पारदर्शिता के कथित उल्लंघन का मामला पहली बार ईस्टर से पहले सामने आया था, तब प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा था कि सुनक ने मंत्रियों के हितों के अलग रजिस्टर में निवेश की घोषणा की थी, और इस प्रकार इसे सांसदों के रजिस्टर में, या संसदीय समिति को बताने की आवश्यकता नहीं थी।

हालांकि, लगभग एक साल से मंत्रिस्तरीय रजिस्टर को अपडेट नहीं किया गया है, और इसलिए कोरू किड्स के बारे में सुनक की घोषणा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। मंत्रिस्तरीय रजिस्टर को साल में दो बार प्रकाशित किया जाना चाहिए था, लेकिन पिछले छह महीनों से मंत्रिस्तरीय हितों पर सलाहकार के पद खाली होने से इसमें देरी हुई।

संसदीय मानक आयुक्त डैनियल ग्रीनबर्ग
संसदीय मानक आयुक्त डैनियल ग्रीनबर्ग - फोटो : SOCIAL MEDIA
आगे क्या होगा?
आयुक्त डैनियल ग्रीनबर्ग अब आरोपों की जांच करेंगे। हालांकि, इस प्रक्रिया को पूरा होने में महीनों लग सकते हैं। आयुक्त का फैसला, और किसी भी संभावित सजा की सिफारिश, तब मानक समिति को भेजी जाएगी। यह समिति ही आयुक्त के काम की देखरेख करती है। 

सुनक के पास संशोधन प्रक्रिया का विकल्प होगा, जिसमें सांसद हितों के रजिस्टर को सही करने के लिए सहमत होते हैं। हालांकि, इसके लिए पीएम को इस बात पर सहमति जतानी होगी कि उनकी घोषणा गलत थी।

क्या सुनक को सजा मिल सकती है?
नियमों की मानें तो हां, सुनक को सजा भी हो सकती है, क्योंकि हितों को दर्ज न करना सांसदों के लिए आचार संहिता का उल्लंघन होता है। आमतौर पर कम ही ऐसे मामले होते हैं जिनकी जांच आयुक्त द्वारा की जाती है। सुनक ने केवल एक हित का उल्लेख नहीं किया, बल्कि यह भी कहा कि उनका कोई हित नहीं है, यह जांच को और अधिक गंभीर बना सकता है।

क्या पहले इस मामले में सांसदों का निलंबन हुआ है?
हाउस ऑफ कॉमन्स से ऋषि सुनक के निलंबन की संभावना बहुत कम लगती है। हालांकि, 1949 में हितों की घोषणा न करने के कारण 66 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद 1990 में, कंजर्वेटिव एमपी जॉन ब्राउन के साथ भी यही हुआ। लेकिन सुनक के मामले में यह संभव है कि उनको माफी मांगने का आदेश दिया जा सकता है।

ऋषि सुनक
ऋषि सुनक - फोटो : SOCIAL MEDIA
क्या सुनक ने पहले भी नियमों का उल्लंघन किया है?
इससे पहले, सुनक पर कोरोना नियमों के उल्लंघन के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ जुर्माना लगाया गया था। दरअसल, जब सुनक बोरिस जॉनसन सरकार में वित्त मंत्री थे, तब जॉनसन के जन्मदिन की पार्टी में भाग लेने के लिए कोरोना कानूनों का उल्लंघन किया था।

 इसी साल जनवरी में, सुनक जुर्माने का सामना करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बने। इस बार, वीडियो बनाने और कार में यात्रा करते समय अपनी सीट बेल्ट नहीं लगाने के लिए उन्हें जुर्माना नोटिस दिया गया था।
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