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पटेल के खिलाफ मुहिम : मिड-डे मील में मांसाहार बंद, नए कानूनों के खिलाफ लक्षद्वीप में आंदोलन

Thu, 27 May 2021 12:15 AM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 27 May 2021 12:15 AM IST
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Movement in Lakshadweep against new laws, campaign against Administrator Prafulla Patel
Praful khoda patel - फोटो : social media

प्रशासक प्रफुल्ल कोडा पटेल के नए कदमों पर केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में नाराजगी का ज्वार आया हुआ है। प्रशासन-पुलिस को अधिक अधिकार देने वाले कानूनों, मिड-डे मील में मांसाहार बंद किए जाने और सरकार कर्मचारियों को हटाए जाने पर सांसदों ने राष्ट्रपति से प्रशासक की शिकायत की है, तो सोशल मीडिया पर लक्षद्वीप बचाओ अभियान छेड़ दिया गया है। 

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स्थानीय सांसद मोहम्मद फैसल ने कहा कि प्रशासक पटेल ने पिछले 3 महीनों में 300 से अधिक सरकारी कर्मचारियों को हटा दिया। स्कूलों में मिड-डे मील में मांसाहारी भोजन पर रोक से भी स्थानीय सांसद नाराज हैं। 
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वापस बुलाने की मांग
लक्षद्वीप के प्रशासक द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों को ‘जनविरोधी’ करार देते हुए केंद्रशासित प्रदेश और केरल की विपक्षी पार्टियों ने उन्हें वापस बुलाए जाने की मांग की है। लक्षद्वीप के राकांपा(राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के सांसद मोहम्मद फैसल और पड़ोसी राज्य केरल के उनके सहकर्मी-टी एन प्रतापन (कांग्रेस), एलामारन करीम (माकपा) और ईटी मोहम्मद बशीर (मुस्लिम लीग) ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह भारत के सबसे छोटे केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासक प्रफुल्ल खोडा पटेल को वापस बुलाएं।
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उन्होंने पटेल पर मुस्लिम बहुल द्वीपों से शराब के सेवन से रोक हटाने, पशु संरक्षण का हवाला देते हुए बीफ (गोवंश) उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने और तट रक्षक अधिनियम के उल्लंघन के आधार पर तटीय इलाकों में मछुआरों के झोपड़ों को तोड़ने का आरोप लगाया है।

पटेल का बचाव करते हुए भाजपा ने दावा किया कि यह विरोध ‘भ्रष्ट चलन’ को खत्म करने के प्रशासक के प्रयासों का परिणाम है। दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के प्रशासक पटेल को पिछले साल दिसंबर में दिनेश्वर शर्मा के निधन के बाद यह पदभार सौंपा गया था।

उनके कार्यालय से जब संपर्क किया गया तो बताया गया कि पटेल के खिलाफ इस तरह के विरोध की जानकारी नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ए पी अब्दुल्लाकुट्टी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद पटेल के खिलाफ इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने द्वीपसमूह में नेताओं के भ्रष्ट चलन को ख़त्म करने के लिए कुछ खास कदम उठाए हैं। अब्दुल्लाकुट्टी लक्षद्वीप में पार्टी के प्रभारी हैं।

लक्षद्वीप के सांसद फैसल ने आरोप लगाया कि प्रशासक ‘जनविरोधी’ मसौदा अधिसूचना को ऐसे समय पर लेकर आ रहे हैं जब लोग कोविड-19 महामारी की मौजूदा स्थिति की वजह से इस पर प्रतिक्रिया देने की स्थिति में भी नहीं हैं।


उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से यहां स्थायी प्रशासक नियुक्त करने की अपील की।

कौन हैं पटेल 
गुजरात के गृह राज्यमंत्री रह चुके प्रफुल्ल पटेल को दादरा और नगर हवेली प्रशासक नियुक्त किया गया था। स्थानीय सांसद मोहन देलकर द्वारा आत्महत्या के बाद उनके बेटे अभिनव ने पटेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। दिसंबर में लक्षद्वीप के प्रशासक दिनेश्वर शर्मा की मृत्यु के बाद पटेल को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। 
 

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