फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Euthanasia ; 65 percent New Zealanders supports referendum

इच्छामृत्यु : न्यूजीलैंड के 65 फीसदी लोग पक्ष में, जनमत संग्रह में मांगा अधिकार 

Sat, 31 Oct 2020 11:41 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क,वेलिंग्टन
वर्ल्ड डेस्क,वेलिंग्टन Published by: योगेश साहू Updated Sat, 31 Oct 2020 11:41 AM IST
विज्ञापन
Euthanasia ; 65 percent New Zealanders supports referendum
cancer patient - फोटो : social media
न्यूजीलैंड के करीब 65 फीसदी लोग देशवासियों को इच्छामृत्यु का अधिकार देने के पक्ष में हैं। हाल ही में देश में हुए आम चुनाव के साथ इच्छामृत्यु पर भी जनमत संग्रह कराया गया था। इसके नतीजों को इस अधिकार के पक्षधर लोग गरिमा के साथ जीवन की जीत बता रहे हैं। बता दें कि आम चुनाव में पीएम जेसिंडा आर्डर्न को फिर भारी जीत मिली है। 
विज्ञापन


शुक्रवार को वोटों की गिनती से पता कि 65.2 फीसदी लोग यूथेनेसिया यानी इच्छामृत्यु के पक्ष में हैं। जनमत संग्रह के नतीजों से साफ है कि न्यूजीलैंड जल्द ही उन चंद देशों में शामिल हो जाएगा, जहां डॉक्टर की मदद से इच्छामृत्यु का अधिकार मिलेगा। 
विज्ञापन


जबरदस्त जीत : सेमूर
इच्छामृत्यु के अधिकार के लिए न्यूजीलैंड के कानून में बदलाव का अभियान चला रहे डेविड सेमूर ने इन नतीजों को जबरदस्त जीत बताया है। उनका कहना है 'हजारों देशवासियों के पास अब इच्छा, गरिमा, नियंत्रण और अपने शरीर के बारे में फैसला करने की आजादी होगी और न्यूजीलैंड का शासन इसकी रक्षा करेगा।'
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2015 में शुरू हुई थी बहस 
न्यूजीलैंड में इच्छामृत्यु पर बहस वर्ष 2015 में लेक्रेटिया सील्स ने शुरू की थी। इस महिला की ब्रेन ट्यूमर के कारण उसी दिन मौत हुई जब कोर्ट ने उनकी इच्छामृत्यु की मांग को खारिज कर दिया था। अब जनमत संग्रह के नतीजे का स्वागत करते हुए सील्स के पति मैट विकर्स ने रेडियो न्यूजीलैंड से चर्चा में कहा, 'आज मुझे बहुत राहत और कृतज्ञता का अनुभव हो रहा है।'  

सॉल्वेशन आर्मी ने कहा-जोखिम कम नहीं
उधर, न्यूजीलैंड के चर्चों के संगठन सॉल्वेशन आर्मी का कहना, 'इच्छामृत्यु का अधिकार मिलने पर लोगों को अपनी जीवनलीला खत्म करवाने के लिए बाध्य किया जा सकता है। कमजोर लोग जैसे कि बुजुर्ग और ऐसे लोग जो मानसिक बीमारी से जूझ  रहे हैं, वो इस कानून के कारण खासतौर से जोखिम में रहेंगे।' न्यूजीलैंड एसोसिएशन ने भी इस सुधार का विरोध किया है और मतदान से पहले ही इसे अनैतिक करार दिया।

नीदरलैंड्स ने दिया सबसे पहले अधिकार
इच्छामृत्यु का अधिकार सबसे पहले नीदरलैंड्स में वर्ष 2002 में दिया गया था। उसी साल बेल्जियम में और 2008 में लग्जमबर्ग, 2015 में कोलंबिया और 2016 में कनाडा ने भी इसे कानूनी मान्यता दी गई। अमेरिका के भी कई राज्यों व ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत में भी यह वैध है। 


कुछ देशों में आत्महत्या की इजाजत
यह चौंकाने वाली सचाई है कि कुछ देशों में आत्महत्या की भी अनुमति है। इसमें मरीज खुद ही घातक दवा का सेवन करता है, बजाय किसी मेडिकल कर्मचारी या फिर किसी तीसरे पक्ष। न्यूजीलैंड में पिछले साल ही किसी की मदद से मौत यानी इच्छामृत्यु की इजाजत संसद से मिल गई थी लेकिन सांसदों की राय से इसे लागू करने में जानबूझकर देरी की ताकि देशवासियों की राय ली जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed