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जंगल में छोड़ आए थे मां-बाप, घर लौटने पर 7 साल के बच्चे ने किया माफ
बीबीसी
Updated Wed, 08 Jun 2016 04:49 PM IST
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- फोटो : Getty Images
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जापान में जंगल से बरामद किए गए सात साल के बच्चे के पिता ने कहा है कि उनके बेटे ने उन्हें माफ कर दिया है। यामाटो टानूका होकाइडो के माता-पिता ने 28 मई को उन्हें जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइदो के पास रोड के किनारे छोड़ दिया था।
राहत और बचावकर्मियों ने उन्हें कई दिन की मेहनत के बाद बच्चे को सेना के अभ्यास क्षेत्र में बने एक घर में खोजा था। उनका कहना था कि बच्चे की शैतानियां बढ़ गई थीं। पिता के अनुसार बच्चा लोगों और गाड़ियों पर पत्थर फेंकता था, इसलिए उसे सजा के तौर पर सड़क किनारे छोड़ा गया था।
इसके कुछ देर बाद जब वो बच्चे को लेने उस जगह पर पहुंचे तो वो वहां नहीं मिला। इसके बाद बच्चे के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया। शुक्रवार को सेना के अभ्यास वाले इलाके में बने एक घर से बच्चे को बरामद किया गया। इस खबर के सामने आने के बाद से जापान में बच्चों के लालन-पालन को लेकर बहस शुरू हो गई है।
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बच्चे के पिता ने एक इंटरव्यू में कहा, ''मैंने उनसे कहा, पिता ने आपको बहुत मुश्किल में डाल दिया था, मुझे माफ कर दो। इसके बाद मेरे बेटे ने कहा, आप अच्छे पिता हैं, मैंने आपको माफ कर दिया।''
बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें मंगलवार को छुट्टी दे दी गई।
अखबार 'दी मिनाची' के मुताबिक, बच्चे ने कहा कि वो घंटों रोता रहा और करीब पांच किमी पैदल चलकर उस घर में पहुंचा जहां से उसे आखिरकार बरामद किया गया। वो दो गद्दों के बीच में सोता था। बच्चे ने अखबार को बताया कि वो घर में लगे टोटी से पानी पीता था। लेकिन छह दिनों तक उसने कुछ खाया नहीं था।
राहत और बचाव कर्मियों ने जब यामाटो टानूका को खोजा तो उसके शरीर में पानी की थोड़ी कमी थी, वो कमजोर हो गया था और उसके हाथ-पैर में खरोचें आई थीं। इसके अलावा उसका स्वास्थ्य ठीक था। पुलिस ने कहा है कि वो यामाटो टानूका के माता-पिता पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।
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राहत और बचावकर्मियों ने उन्हें कई दिन की मेहनत के बाद बच्चे को सेना के अभ्यास क्षेत्र में बने एक घर में खोजा था। उनका कहना था कि बच्चे की शैतानियां बढ़ गई थीं। पिता के अनुसार बच्चा लोगों और गाड़ियों पर पत्थर फेंकता था, इसलिए उसे सजा के तौर पर सड़क किनारे छोड़ा गया था।
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इसके कुछ देर बाद जब वो बच्चे को लेने उस जगह पर पहुंचे तो वो वहां नहीं मिला। इसके बाद बच्चे के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया। शुक्रवार को सेना के अभ्यास वाले इलाके में बने एक घर से बच्चे को बरामद किया गया। इस खबर के सामने आने के बाद से जापान में बच्चों के लालन-पालन को लेकर बहस शुरू हो गई है।
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बच्चे के पिता ने एक इंटरव्यू में कहा, ''मैंने उनसे कहा, पिता ने आपको बहुत मुश्किल में डाल दिया था, मुझे माफ कर दो। इसके बाद मेरे बेटे ने कहा, आप अच्छे पिता हैं, मैंने आपको माफ कर दिया।''
बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें मंगलवार को छुट्टी दे दी गई।
अखबार 'दी मिनाची' के मुताबिक, बच्चे ने कहा कि वो घंटों रोता रहा और करीब पांच किमी पैदल चलकर उस घर में पहुंचा जहां से उसे आखिरकार बरामद किया गया। वो दो गद्दों के बीच में सोता था। बच्चे ने अखबार को बताया कि वो घर में लगे टोटी से पानी पीता था। लेकिन छह दिनों तक उसने कुछ खाया नहीं था।
राहत और बचाव कर्मियों ने जब यामाटो टानूका को खोजा तो उसके शरीर में पानी की थोड़ी कमी थी, वो कमजोर हो गया था और उसके हाथ-पैर में खरोचें आई थीं। इसके अलावा उसका स्वास्थ्य ठीक था। पुलिस ने कहा है कि वो यामाटो टानूका के माता-पिता पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं।