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Nepal: नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बचाव कार्य जारी; सामान्य बारिश में जलस्तर तेजी से बढ़ने की होगी जांच
Thu, 10 Jul 2025 11:40 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 10 Jul 2025 11:40 AM IST
सार
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के महानिदेशक दिनेश भट्टा के अनुसार, यह बाढ़ नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित एक हिमनद झील के फटने के कारण आई हो सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद गुरुवार को भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा। बाढ़ प्रभावित इलाकों से अभी भी लोगों को निकाला जा रहा है। नेपाल के रासुवा जिले में बारिश के बाद बाढ़ आई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो चुकी है और 19 लोग अभी भी लापता हैं। रासुवा जिले के मुख्य जिला अधिकारी अर्जुन पौडेल ने बताया कि सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और 150 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। इनमें 127 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इन लोगों को एयरलिफ्ट कर काठमांडू ले जाया गया।
लापता लोगों में छह चीनी नागरिक
पौडेल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाके में बिजली और टेलीफोन सेवाएं बाधित होने से बचाव और अन्य अभियान बाधित हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हम फिलहाल चीन सीमा के ज़रिए सीमित संचार बनाए हुए हैं। टेलीफोन संपर्क बहाल करने और बिजली आपूर्ति फिर से शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह आई बाढ़ के बाद लापता हुए 19 लोगों की तलाशी अभियान भी जारी है। लापता लोगों में छह चीनी नागरिक और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं।
अभी तक नौ शव बरामद
काठमांडू से 120 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित रसुवा जिले में आई बाढ़ में नेपाल को चीन से जोड़ने वाला मैत्री पुल भी बह गया है। साथ ही रसुवागढ़ी जलविद्युत संयंत्र और नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित ड्राई पोर्ट का कुछ हिस्सा भी बाढ़ में बह गया है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जिनके शवों का महाराजगंज स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। एक शव की पहचान हो गई है और बाकी की पहचान की कोशिश की जा रही है।
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ये भी पढ़ें- PM Modi: पीएम मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च सम्मान, ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस से नवाजे गए
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के महानिदेशक दिनेश भट्टा के अनुसार, यह बाढ़ नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित एक हिमनद झील के फटने के कारण आई हो सकती है। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हालांकि, हम विशेषज्ञों की मदद से आपदा के वास्तविक कारण का अध्ययन कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा के बिना भी जल स्तर एक समय 3.5 मीटर तक बढ़ गया था, जो असामान्य है।'
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लापता लोगों में छह चीनी नागरिक
पौडेल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाके में बिजली और टेलीफोन सेवाएं बाधित होने से बचाव और अन्य अभियान बाधित हुए हैं। उन्होंने कहा, 'हम फिलहाल चीन सीमा के ज़रिए सीमित संचार बनाए हुए हैं। टेलीफोन संपर्क बहाल करने और बिजली आपूर्ति फिर से शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह आई बाढ़ के बाद लापता हुए 19 लोगों की तलाशी अभियान भी जारी है। लापता लोगों में छह चीनी नागरिक और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं।
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अभी तक नौ शव बरामद
काठमांडू से 120 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित रसुवा जिले में आई बाढ़ में नेपाल को चीन से जोड़ने वाला मैत्री पुल भी बह गया है। साथ ही रसुवागढ़ी जलविद्युत संयंत्र और नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित ड्राई पोर्ट का कुछ हिस्सा भी बाढ़ में बह गया है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बाढ़ में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जिनके शवों का महाराजगंज स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। एक शव की पहचान हो गई है और बाकी की पहचान की कोशिश की जा रही है।
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राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के महानिदेशक दिनेश भट्टा के अनुसार, यह बाढ़ नेपाल-चीन सीमा के पास स्थित एक हिमनद झील के फटने के कारण आई हो सकती है। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हालांकि, हम विशेषज्ञों की मदद से आपदा के वास्तविक कारण का अध्ययन कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा के बिना भी जल स्तर एक समय 3.5 मीटर तक बढ़ गया था, जो असामान्य है।'
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