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Report: दक्षिण अमेरिका में चीन के मेगापोर्ट से बिगड़ेंगे दोनों देशों के रिश्ते, छिड़ सकती है संसाधनों की जंग?

Fri, 14 Jun 2024 09:56 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 14 Jun 2024 09:56 AM IST
सार

चीन का कॉस्को शिपिंग पोर्ट्स चांके में बंदरगाह को करीब 3.6 अरब डॉलर की लागत से बना रहा है। यहां की सरकार को उम्मीद है कि इससे एशिया और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

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Report claimed China Megaport In South America Could Spark Resource War With US
चीन चांके में मेगापोर्ट बना रहा - फोटो : istock

विस्तार

चीन की एक बड़ी कंपनी कॉस्को शिपिंग पोर्ट्स लीमा से 80 किलोमीटर दूर यहां चांके में एक मल्टीपरपस पोर्ट टर्मिनल यानी मेगापोर्ट (बंदरगाह) बना रही है। माना जा रहा है कि ये ऐसा ढांचा होगा जिसके जरिए चीन पेरू में अपनी मौजूदगी बना सकेगा। अपने बड़े विस्तार और कार्यक्षमता के कारण ये बंदरगाह जल्द ही यहां से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार का केंद्र बन सकता है। हालांकि, इन सबके बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बंदरगाह का उद्घाटन इस के अंत तक हो सकता है। इसके तैयार होते ही चीन तथा अमेरिका के बीच और अधिक रिश्ते खराब हो सकते हैं। 

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3.6 अरब डॉलर से बन रहा 
चीन का कॉस्को शिपिंग पोर्ट्स चांके में बंदरगाह को करीब 3.6 अरब डॉलर की लागत से बना रहा है। यहां की सरकार को उम्मीद है कि इससे एशिया और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य निर्यातों के लिए नए बाजार खोल सकता है। वहीं,  पेरू की सरकार को उम्मीद है कि इस बंदरगाह से हर साल चीन और दक्षिण अमेरिका के बीच अरबों डॉलर का व्यापार हो सकेगा।
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इसलिए छिड़ सकता है विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, बंदरगाह ने अमेरिका के लिए एक चुनौती खड़ी कर दी है, जो लैटिन अमेरिका में चीन के उदय को रोकना चाहता है। अमेरिका को चिंता है कि बंदरगाह के जरिए बीजिंग को दक्षिण अमेरिका के संसाधनों पर अपनी पकड़ को और मजबूत करने का मौका मिल जाएगा।
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चिंता का विषय: रिचर्डसन
अमेरिकी दक्षिणी कमान की प्रमुख जनरल लॉरा रिचर्डसन के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया, 'इससे चीन के लिए क्षेत्र से इन सभी संसाधनों को निकालना और भी आसान हो जाएगा, इसलिए यह चिंता का विषय होना चाहिए।'

गौरतलब है, अमेरिका और चीन के बीच संबंध पिछले कुछ दशकों में काफी खराब हो गए हैं। हालांकि, दोनों देशों ने कूटनीतिक रूप से फिर से जुड़ने के लिए कदम उठाए हैं। 


नए रास्ते खोलेगा
पेरू के तट पर ब्लूबेरी और एवोकैडो उगाने वाले डैनियल बस्टामांटे ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि बंदरगाह फलों के लिए नए एशियाई बाजार खोलेगा, जिन्हें वर्तमान में वह ज्यादातर यूरोप और अमेरिका में भेजते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह बंदरगाह एशिया के लिए एक खिड़की होगा। 

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