Gaza Ceasefire: बंधकों की रिहाई और गाजा से सेना की वापसी; आखिर कैसे लागू होगा इस्राइल-हमास युद्ध विराम समझौता?
सात अक्तूबर 2023 से इस्राइल और हमास के बीच शुरू हुई जंग में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। हजारों लोग घायल हुए और सैकड़ों अभी बंधक हैं। इस्राइल और हमास के बीच हुआ यह समझौता तीन चरण में लागू किया जाएगा। आइए जानते हैं कि समझौतै की शर्तें क्या हैं और कैसे चरणवार इसे अमल में लाया जाएगा?
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बीते 15 महीने से इस्राइल और हमास के बीच गाजा पट्टी पर चल रहे संघर्ष को रोकने पर सहमति बन गई। अमेरिका और कतर की मध्यस्थता के बाद इस्राइल और हमास ने युद्ध विराम समझौते और कैदियों की रिहाई पर सहमति जताई। सात अक्तूबर 2023 से इस्राइल और हमास के बीच शुरू हुई जंग में सैकड़ों लोगों की जान चली गई। हजारों लोग घायल हुए और सैकड़ों अभी बंधक हैं। इस्राइल और हमास के बीच हुआ यह समझौता तीन चरण में लागू किया जाएगा। आइए जानते हैं कि समझौतै की शर्तें क्या हैं और कैसे चरणवार इसे अमल में लाया जाएगा?
कैसे शुरू हुई इस्राइल-हमास के बीच जंग
सात अक्तूबर 2023 को हमास ने इस्राइल के कई हिस्सों को निशाना बनाया था। इस हमले में करीब 1200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे। जबकि ढाई सौ लोगों बंधक बना लिया गया। इसके बाद इस्राइल ने गाजा पर हमले शुरू किया। इस्राइली सेना के हमलों में अब तक 45 हजार से ज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। गाजा के बड़े हिस्से मलबे में तब्दील हो चुके हैं। गाजा की 23 लाख की आबादी का करीब 90 फीसदी हिस्सा विस्थापित हो चुका है। लाखों लोग तंबू में रह रहे हैं। लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं।
समझौते की पहल कैसे शुरू हुई
गाजा में बढ़ते नरसंहार को लेकर कतर और अमेरिका ने इस्राइल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते की पहल की। 2024 में, कतर ने युद्ध में मध्यस्थता की थी और 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक एक सप्ताह के युद्धविराम को लागू किया था। इसके नवंबर में कतर ने भी खुद को बातचीत से अलग कर लिया था। कतर ने आरोप लगाया था कि इस्राइल और हमास बातचीत के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि पर्दे के पीछे से कोशिशें जारी रहीं। अमेरिका ने भी युद्ध विराम पर सहमति बनाने पर जोर दिया। हाल ही में अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमास को धमकी है कि वह जल्द बंधकों को रिहा कर दें, वरना इसके गंभीर परिणाम होंगे।
समझौते में क्या-क्या?
कतर की राजधानी में कई सप्ताह तक चली कड़ी बातचीत के बाद हुए समझौते में कई शर्तें लगाई गईं हैं। हमास ने बंधक बनाए गए दर्जनों लोगों को चरणबद्ध तरीके से रिहा करने पर सहमति जताई है। इस्राइल भी अपने कैद से सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने के लिए सहमत हो गया है। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, 'प्रशासन ने 8 महीने की लगातार बातचीत के बाद युद्धविराम और बंधक समझौते पर सहमति बनाने में सफलता पाई है। यह समझौता तीन चरण में लागू होगा।
19 जनवरी से प्रभावी होगा समझौता
कतर, मिस्र और अमेरिका ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें बताया गया कि इस्राइल और हमास ने युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के लिए समझौता किया है। यह समझौता 19 जनवरी 2025 से प्रभावी होगा और इसमें तीन चरणों में शांति लाने की योजना है। साथ ही मामले में कतर, मिस्र और अमेरिका ने यह सुनिश्चित करने का वचन दिया है कि सभी तीन चरणों का पालन किया जाएगा और यह समझौता पूरी तरह से लागू होगा। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर इस प्रक्रिया को सफल बनाने का भी वादा किया है।
समझौते का पहला चरण छह सप्ताह का होगा। इसमें पूरी तरह से युद्ध विराम होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बताया कि हमास बंधकों को रिहा करेगा। साथ इस्राइल फलस्तीन कैदियों की रिहाई करेगा। हालांकि बाइडन ने बंधकों की संख्या की जिक्र नहीं किया है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में 33 बंधकों की रिहाई होगी। वहीं समझौता लागू होने के बाद इस्राइल की कुछ सेना गाजा से हट जाएगी। फलस्तीन भी गाजा में लौटेंगे। युद्ध विराम के दौरान गाजा में मानवीय सहायता में तेजी आएगी। हर सैकड़ों ट्रक गाजा पहुंचेंगे। बाइडन ने कहा कि पहले से दूसरे चरण के बीच कई दौर की वार्ता होगी। अगर इसमें छह सप्ताह से अधिक का समय लगेगा तो भी युद्ध विराम जारी रहेगा।
दूसरे चरण में युद्ध का स्थायी अंत
छह सप्ताह में वार्ता के दौरान कई मुद्दों पर इस्राइल हमास में सहमति बनेगी। बाइडन ने बताया कि यह युद्ध का स्थायी अंत होगा। इसमें इस्राइल फलस्तीन कैदियों को रिहा करेगा तो वहीं हमास की ओर से बंधकों की रिहाई जारी रखेगा। इस दौरान गाजा से इस्राइली सेना पूरी तरह से हट जाएगी। इसके बाद अस्थायी युद्ध विराम स्थायी हो जाएगा।
समझौते के तीसरे चरण में गाजा में पुनर्निर्माण योजना लागू की जाएगी। इसमें कई साल लग सकते हैं। इस बीच शेष बंधकों के शव वापस किए जाएंगे। बाइडन ने कहा कि चरण तीन में मारे गए बंधकों के अंतिम अवशेष उनके परिवारों को लौटा दिए जाएंगे और गाजा के लिए एक प्रमुख पुनर्निर्माण योजना शुरू होगी। बाइडन ने कहा कि जिन लोगों ने वार्ता पर नजर रखी है, वे जानते हैं कि समझौते का रास्ता आसान नहीं था। यह मेरे जीवन की सबसे कठिन वार्ताओं में से एक है। मुझे लगता है कि इस्राइल ने अमेरिका के समर्थन से हमास पर दबाव बनाया।
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