एससीओ की बैठक के लिए रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एससीओ बैठक के लिए अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रूस की राजधानी मॉस्को पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे पर मेजर जनरल बी यू निकोलेविच द्वारा उनका स्वागत किया गया।
Defence Minister Rajnath Singh has reached Moscow on a three-day visit to Russia. He was received by Major General Bukhteev Yury Nikolaevich at the airport: Office of the Defence Minister pic.twitter.com/WFPwqoJwW3
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— ANI (@ANI) September 2, 2020
अधिकारियों के मुताबिक, बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की जाएगी। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लद्दाख में तीन महीने से भी ज्यादा समय से चल रहे सैन्य गतिरोध होने के चलते इस बार एससीओ बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। एससीओ बैठक में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग भी शामिल होंगे, लेकिन भारतीय अधिकारियों का कहना है कि अभी तक राजनाथ सिंह और वेई के बीच संभावित द्विपक्षीय वार्ता की कोई योजना नहीं है।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि रूस आपसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच वार्ता कराने का प्रयास कर रहा है। चीन के खतरे को ध्यान में रखते हुए ही रक्षा मंत्री सिंह अपने रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगू व कई अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ वार्ता में हिस्सेदारी करेंगे, ताकि विभिन्न रक्षा खरीद कार्यक्रमों में तेजी लाने की योजना पूरी की जा सके।
रक्षा मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि ‘‘आज शाम मॉस्को पहुंचा। रूसी रक्षा मंत्री जनरल सर्गेई शोइगू के साथ कल द्विपक्षीय बैठक का इंतजार कर रहा हूं।’’ चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंघे और पाकिस्तानी रक्षा मंत्री परवेज खटक के भी एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
एससीओ कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह और वेई के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा था कि ऐसी कोई योजना नहीं है। सिंह ने रवाना होने से पहले ट्वीट करके कहा था कि शोइगू के साथ होनेवाली बातचीत में आपसी हितों के मुद्दे शामिल रहेंगे।
सिंह ने कहा, ‘‘भारत और रूस रणनीतिक साझेदार हैं। मैं इस यात्रा के दौरान इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित हूं।’’ अधिकारियों ने अनुसार रूसी रक्षा मंत्री शोइगू के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक में सिंह रक्षा अनुबंधों के तहत भारतीय सशस्त्र बलों को विभिन्न हथियारों और कलपूर्जों की जल्द आपूर्ति के लिए दबाव डालेंगे।
इस वार्ता में, उम्मीद है कि, दोनों पक्ष भारत में एके 203 राइफल के उत्पादन के काफी समय से लंबित प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से अंतिम रूप देंगे। अधिकारियों ने कहा कि सिंह रूसी पक्ष से भारत को एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अनुरोध करेंगे।
भारत को एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की पहले खेप की आपूर्ति 2021 के अंत तक निर्धारित है। जून के बाद सिंह की यह दूसरी मास्को यात्रा है। उन्होंने 24 जून को मास्को में विजय दिवस परेड में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। विजय दिवस परेड का आयोजन द्वितीय विश्वयुद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत विजय की 75 वीं वर्षगांठ पर किया गया था।