{"_id":"6ab2a94922c2a65a6909b13a","slug":"donald-trump-signs-us-denmark-greenland-agreement-to-bolster-arctic-security-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका: ग्रीनलैंड विवाद के बीच ट्रंप का बड़ा कदम, डेनमार्क-ग्रीनलैंड के साथ किया आर्कटिक सुरक्षा समझौता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका: ग्रीनलैंड विवाद के बीच ट्रंप का बड़ा कदम, डेनमार्क-ग्रीनलैंड के साथ किया आर्कटिक सुरक्षा समझौता
Tue, 22 Sep 2026 09:44 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, न्यूयॉर्क।
पीटीआई, न्यूयॉर्क।
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 22 Sep 2026 09:44 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड में दो बड़े सैन्य अड्डे बनाएगा। इस समझौते के तहत अमेरिका को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण प्राप्त होगा।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की उनकी बार-बार की मांग को लेकर बढ़े तनाव को कम करने की कोशिश की गई है।
विज्ञापन
मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए। कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने के लिए समझौते की घोषणा की थी। हालांकि, ग्रीनलैंड डेनमार्क के नियंत्रण में ही रहेगा। समझौते पर हस्ताक्षर से पहले इसके बारे में अमेरिकी, डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की थी। बता दें कि ट्रंप कई महीनों से ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाने की इच्छा जताते रहे हैं। उन्होंने नाटो सहयोगी डेनमार्क से इस स्वायत्त क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेने के लिए बल प्रयोग की धमकी भी दी थी।
विज्ञापन
ट्र्ंप बोले- ग्रीनलैंड में 2 बड़े सैन्य ठिकाने बनाएंगे
ट्रंप ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के इस विस्तार की घोषणा की। उन्होंने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ हुए इस समझौते को अभूतपूर्व बताया और कहा कि इससे अमेरिका को उत्तरी अमेरिका और यूरोप की रक्षा करने का व्यापक अधिकार मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क साम्राज्य और ग्रीनलैंड की जनता के साथ हुए इस समझौते से अमेरिका को उस क्षेत्र की सुरक्षा और अन्य सभी जरूरतों पर स्थायी नियंत्रण प्राप्त होगा।
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास अमेरिकी महाद्वीप, यूरोप और अन्य स्थानों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने की पूरी क्षमता होगी। ट्रंप ने कहा कि जिन देशों को वाशिंगटन शत्रु मानता है, उन्हें ग्रीनलैंड में सैन्य उपस्थिति स्थापित करने से रोक दिया जाएगा। उन्हें अमेरिका की लिखित अनुमति के बिना संवेदनशील निवेश करने से भी रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी स्पष्ट लिखित स्वीकृति के बिना किसी भी अमेरिकी विरोधी को ग्रीनलैंड में सैन्य उपस्थिति स्थापित करने या वहां संवेदनशील निवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने उन देशों के नाम नहीं बताए जिन पर ये प्रतिबंध लागू होंगे। हालांकि, अमेरिका ने आर्कटिक में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा पर बार-बार चिंता जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वाशिंगटन ग्रीनलैंड में उपयुक्त स्थानों पर अपनी सैन्य उपस्थिति को काफी हद तक बढ़ाना शुरू करेगा। ट्रंप ने कहा कि हम उपयुक्त स्थानों पर बड़ी सैन्य उपस्थिति स्थापित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करेंगे। हम दो बहुत बड़े सैन्य अड्डे बनाएंगे।
मंगलवार को बाद में इस समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी। ट्रम्प ने कहा कि बातचीत से वाशिंगटन को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों और सरकारों के साथ घनिष्ठ संबंध विकसित करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि इस समझौते पर आज बाद में हस्ताक्षर किए जाएंगे, और मैं डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अद्भुत लोगों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।
ट्रंप ने इस समझौते को आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक में सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड में अमेरिकी उपस्थिति का विस्तार यूरोप के साथ-साथ अमेरिका की भी रक्षा करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समझौते को नाटो के व्यापक सैन्य सुदृढ़ीकरण से भी जोड़ा। उन्होंने नाटो के महासचिव मार्क रुट्टे की प्रशंसा की और गठबंधन द्वारा रक्षा खर्च के लक्ष्यों को बढ़ाने के कदम की ओर इशारा किया।