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US-Iran War: 'सैन्य सफलता को कम दिखाने की कोशिश कर रहे डेमोक्रेट्स', ईरान जंग के बीच विरोधियों पर बरसे ट्रंप
Thu, 26 Mar 2026 04:24 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Pavan
Updated Thu, 26 Mar 2026 04:24 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जंग के बीच अपने विरोधियों (डेमोक्रेट्स) पर निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा कि उनके विरोधी इस सैन्य अभियान की मौजूदा दिशा से नाखुश हैं। उन्होंने कहा, वे हमें पूरी तरह और निर्णायक रूप से जीतते हुए देखकर नफरत करते हैं, लेकिन अमेरिकी जनता देख रही है कि क्या हो रहा है।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करते हुए कहा कि 'कट्टर वामपंथी और देश-विरोधी डेमोक्रेट्स' अमेरिका की बड़ी सैन्य सफलता को कम करके दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में 'पूरी तरह और निर्णायक रूप से जीत रहा है' और जनता सच्चाई देख रही है।
यह भी पढ़ें - Iran: 'होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता को मिले मान्यता', ईरान ने रखी पांच शर्तें; ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज किया
अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर हाल ही में दिए गए एक अपडेट में, राष्ट्रपति ने दावा किया कि 'कट्टर वामपंथी और देश से नफरत करने वाले डेमोक्रेट, ईरान में हमारी महान सैन्य उपलब्धि से ध्यान भटकाने के लिए देश के अंदर ही अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।'
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ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को नकारा
लेकिन ट्रंप के इस दावे को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कहा कि युद्ध तभी खत्म होगा जब ईरान चाहेगा और उसकी शर्तें पूरी होंगी। ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को 'हकीकत से दूर' बताते हुए ठुकरा दिया है। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें दुश्मन की सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, भविष्य में हमले न होने की गारंटी, युद्ध के नुकसान की भरपाई और पूरे क्षेत्र में संघर्ष खत्म करना शामिल है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार को भी मान्यता देने की मांग की है।
'अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करेगा ईरान'
एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान इस बात पर अड़ा है कि शत्रुता की समाप्ति केवल तेहरान की अपनी शर्तों और समय-सीमा के अनुसार ही होगी। अधिकारी ने तेहरान के इस संकल्प पर जोर दिया कि वह अपनी रक्षा करना जारी रखेगा और दुश्मन पर कड़े प्रहार करता रहेगा, जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा, 'ईरान का कहना है कि वह युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा करने का फैसला करेगा और जब उसकी अपनी शर्तें पूरी हो जाएंगी।' ईरानी सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्तावों का तीखी बयानबाजी के साथ जवाब दे रहे हैं। खतम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि ट्रंप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं।' उन्होंने आगे अमेरिका को चुनौती भी दी।
यह भी पढ़ें - US-China Relations: 14-15 मई को चीन दौरे पर जाएंगे ट्रंप, जिनपिंग के साथ अहम बैठक; रिश्तों में नई गति के संकेत
अमेरिका ईरान पर लगाना चाहता है शख्त शर्तें
दूसरी तरफ, अमेरिका की शर्तें भी काफी सख्त हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे, यूरेनियम संवर्धन रोके, अपने परमाणु ठिकानों को बंद करे और अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को पूरी जांच की अनुमति दे। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंध हटाने की बात कर रहा है। इस बीच, ईरान और इस्राइल के बीच हमले लगातार जारी हैं। अमेरिका और इस्राइल मिलकर ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी हमले कर रहा है। फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे यह साफ है कि पश्चिम एशिया में यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है।
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अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर हाल ही में दिए गए एक अपडेट में, राष्ट्रपति ने दावा किया कि 'कट्टर वामपंथी और देश से नफरत करने वाले डेमोक्रेट, ईरान में हमारी महान सैन्य उपलब्धि से ध्यान भटकाने के लिए देश के अंदर ही अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।'
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ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को नकारा
लेकिन ट्रंप के इस दावे को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कहा कि युद्ध तभी खत्म होगा जब ईरान चाहेगा और उसकी शर्तें पूरी होंगी। ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को 'हकीकत से दूर' बताते हुए ठुकरा दिया है। ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए कई कड़ी शर्तें रखी हैं। इनमें दुश्मन की सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना, भविष्य में हमले न होने की गारंटी, युद्ध के नुकसान की भरपाई और पूरे क्षेत्र में संघर्ष खत्म करना शामिल है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार को भी मान्यता देने की मांग की है।
'अपनी शर्तों पर युद्ध खत्म करेगा ईरान'
एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि ईरान इस बात पर अड़ा है कि शत्रुता की समाप्ति केवल तेहरान की अपनी शर्तों और समय-सीमा के अनुसार ही होगी। अधिकारी ने तेहरान के इस संकल्प पर जोर दिया कि वह अपनी रक्षा करना जारी रखेगा और दुश्मन पर कड़े प्रहार करता रहेगा, जब तक कि उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने कहा, 'ईरान का कहना है कि वह युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा करने का फैसला करेगा और जब उसकी अपनी शर्तें पूरी हो जाएंगी।' ईरानी सैन्य अधिकारियों ने अमेरिकी प्रस्तावों का तीखी बयानबाजी के साथ जवाब दे रहे हैं। खतम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि ट्रंप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं।' उन्होंने आगे अमेरिका को चुनौती भी दी।
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अमेरिका ईरान पर लगाना चाहता है शख्त शर्तें
दूसरी तरफ, अमेरिका की शर्तें भी काफी सख्त हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करे, यूरेनियम संवर्धन रोके, अपने परमाणु ठिकानों को बंद करे और अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को पूरी जांच की अनुमति दे। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंध हटाने की बात कर रहा है। इस बीच, ईरान और इस्राइल के बीच हमले लगातार जारी हैं। अमेरिका और इस्राइल मिलकर ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी हमले कर रहा है। फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े हुए हैं, जिससे यह साफ है कि पश्चिम एशिया में यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है।