Queen Elizabeth II Death : राजगद्दी को चाचा के इनकार ने एलिजाबेथ द्वितीय को बनाया दावेदार, 3 बार भारत आई थीं
Queen Elizabeth II Death : लंदन के वेस्टमिंस्टर में तीन दिन तक पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रहेगा। अंतिम संस्कार के दिन वेस्टमिंस्टर एबे में शोकसभा होगी और पूरे ब्रिटेन में दोपहर में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। विंडसर कैसल स्थित किंग जॉर्ज षष्ठम चैपल में दफनाया जाएगा।
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Queen Elizabeth II Death : एलिजाबेथ का जन्म ब्रिटेन के ड्यूक और डचेज ऑफ यॉर्क की पुत्री के रूप में हुआ। उनके पिता राजगद्दी के दावेदार नहीं थे लेकिन उनके भाई एडवर्ड ने तलाकशुदा अमेरिकी महिला से शादी करने के लिए स्वेच्छा से राजगद्दी त्याग दी। जिसके कारण किंग जॉर्ज राजा बने और एलिजाबेथ द्वितीय युवराज्ञी घोषित की गईं।
यूं मिली राजगद्दी
एलिजाबेथ एलेक्जेंड्रा मेरी विंडसर के रूप में लंदन के मेफेयर में 21 अप्रैल 1926 को जन्म हुआ था। सिर्फ 10 वर्ष की उम्र में एलिजाबेथ ब्रिटेन की राजगद्दी की दावेदार घोषित कर दी गईं।
तीन बार भारत का दौरा
एलिजाबेथ द्वितीय ने कुल चार बार भारत का दौरा किया। इसमें एक बार वह राजकुमारी के रूप में जबकि तीन बार महारानी के रूप में आईं। महारानी के रूप में उन्होंने 1961, 1983 और 1997 में भारत का दौरा किया।
एलिजाबेथ द्वितीय की शिक्षा घर पर ही हुई
उन्होंने सार्वजनिक सेवा की शुरुआत सहायक प्रादेशिक सेवा में काम करते हुए द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान की। नवंबर 1947 में उन्होंने दूर के रिश्ते के भाई और ग्रीस के पूर्व राजकुमार फिलिप माउंटबेटन से शादी की। उनकी चार संतानें हुईं। नए राजा चार्ल्स, प्रिंसेस रायल एनी, प्रिंस एंड्रयू और प्रिंस एडवर्ड। एजेंसी
ब्रिटिश सिंहासन संग स्वतंत्र हो चुके सात देशों की सांविधानिक प्रमुख भी रहीं
- पिता की अचानक मौत के बाद महज 25 साल की उम्र में सात स्वतंत्र राष्ट्रमंडल देशों ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और सीलोन (अब श्रीलंका) की रानी और सांविधानिक प्रमुख के साथ राष्ट्रमंडल प्रमुख घोषित की गईं।
- उनके ऐतिहासिक दौरों में 1986 का चीन, 1994 में रूस, 2011 में आयरलैंड और 5 पोपों से मुलाकात अहम हैं।
ऑपरेशन यूनिकॉर्न शुरू
महारानी के निधन के बाद ऑपरेशन यूनिकॉर्न शुरू कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह पहले से ही तय था कि स्कॉटलैंड में महारानी का निधन होता है तो ऑपरेशन का नाम स्कॉटलैंड के राष्ट्रीय पशु यूनिकॉर्न के नाम पर होगा। इसके तहत ऑपरेशन के कुछ हिस्सों को पहले ही शुरू कर दिया गया है। इसमें बीबीसी के एंकर ने काले कपड़े पहनकर समाचार पढ़ा।
इस बीच, डाउनिंग स्ट्रीट पर राष्ट्रीय ध्वज को पहले ही आधा झुका दिया है और ब्रिटिश राजनेता शोक प्रस्ताव और राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं। शाही परिवार पहले से ही बालमोरल में है और अंतिम संस्कार से पहले के दिनों में प्रिंस चार्ल्स के देश का दौरा करने की संभावना है।
10 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार
अंतिम संस्कार 10 दिन बाद होगा। लंदन के वेस्टमिंस्टर में तीन दिन तक पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए रहेगा। अंतिम संस्कार के दिन वेस्टमिंस्टर एबे में शोकसभा होगी और पूरे ब्रिटेन में दोपहर में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। विंडसर कैसल स्थित किंग जॉर्ज षष्ठम चैपल में शव दफनाया जाएगा।
उथल-पुथल भरा रहा सात दशक लंबा राज
- सात दशक की हुकूमत के दौरान महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक संकटों का कई बार सामना करना पड़ा।
- उनके पिता ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम के दूसरे बेटे, ड्यूक ऑफ यॉर्क, अल्बर्ट थे।
- 1939 में 13 वर्ष की उम्र में एलिजाबेथ अपने पिता और मां के साथ डार्टमथ के रॉयल नेवल कॉलेज गईं। वहां उनकी मुलाकात प्रिंस फिलिप माउंटबेटन से हुई।
- एलिजाबेथ की ताजपोशी जून 1953 में हुई। पूरी दुनिया में इसका सीधा प्रसारण हुआ।
- एलिजाबेथ के मात्र 10 वर्ष की उम्र में युवराज्ञी बनने के तीन साल बाद ब्रिटेन को नाजी जर्मनी के साथ युद्ध में जूझना पड़ा।
- 18 वर्ष की उम्र में युवराज्ञी एलिजाबेथ को पांच महीने के लिए सहायक प्रादेशिक सेवा में भेजा गया जहां उन्होंने मोटर मैकेनिक और ड्राइविंग की सामान्य जानकारी हासिल की।
- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्हें ग्रीस के राजकुमार फिलिप से प्रेम हुआ। फिलिप रिश्ते में एलिजाबेथ के दूर के भाई लगते थे और शाही नौसेना में काम कर रहे थे। दोनों ने 20 नवंबर 1947 को शादी की। फिलिप ने 99 वर्ष की उम्र में 2021 में आखिरी सांस ली।