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QUAD से कड़ा संदेश: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे पर हावी नहीं हो सकते देश; चीन बोला- तनाव पैदा करने की कोशिश

Mon, 29 Jul 2024 04:27 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 29 Jul 2024 04:27 PM IST
सार

क्वाड के मंच से चीन को उसका नाम लिए बिना कड़ा संदेश दिया गया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त बयान में कहा, हिंद प्रशांत क्षेत्र में कोई देश दूसरे पर हावी नहीं हो सकता। इस पर चीन की बौखलाहट भी सामने आई। चीन ने कहा कि क्वाड तनाव पैदा करने का काम कर रहा है। चार देशों के इस समूह क्वाड ने अपने महत्वाकांक्षी इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (आईपीएमडीए) कार्यक्रम को हिंद महासागर क्षेत्र तक विस्तार करने का एलान भी किया। इससे जल क्षेत्र की रणनीतिक निगरानी में मदद मिलेगी।

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Quad foreign ministers announce plan to expand IPMDA to Indian Ocean region
हिंद महासागर क्षेत्र तक IPMDA प्रोग्राम का होगा विस्तार - फोटो : PTI

विस्तार

चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए भारत समेत चार देशों के समूह क्वाड ने साझा बयान में कहा कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में कोई देश दूसरे पर हावी नहीं हो सकता। बलपूर्वक यथास्थिति बदलने की एकतरफा कार्रवाई की निंदा करते हुए क्वाड ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। चीन का नाम लिए बगैर, साझा बयान में कहा गया कि पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में बलपूर्वक या जबरदस्ती यथास्थिति को बदलने की एकतरफा कार्रवाई निंदनीय है। बढ़ती सैन्य गतिविधियां, खासकर तटरक्षक और समुद्री मिलिशिया जहाजों का खतरनाक इस्तेमाल डराने वाला है, यह रुकना चाहिए।
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चारों देशों के संयुक्त बयान में कहा गया, क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि में योगदान करने में सभी देशों की भूमिका है। हम ऐसा क्षेत्र चाहते हैं जहां प्रतिस्पर्धा का प्रबंधन जिम्मेदारी से किया जाए, हर देश सभी तरह के दबाव से मुक्त हो। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापानी विदेश मंत्री योको कामिकावा और ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग ने शिरकत की।
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बैठक में कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जापानी विदेश मंत्री योको कामिकावा और ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग ने हिस्सा लिया। वहीं एक संयुक्त बयान में, विदेश मंत्रियों ने कहा कि क्वाड हिंद और प्रशांत महासागरों में समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप एक स्वतंत्र और खुली समुद्री व्यवस्था विकसित करने के लिए दृढ़ संकल्प है और यह इस उद्देश्य के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ सहयोग बढ़ाएगा।
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बौखलाया चीन बोला, तनाव पैदा करने का काम कर रहा क्वाड
क्वाड के साझा बयान पर बौखलाए चीन ने उलटे क्वाड देशों पर ही तनाव पैदा करने का आरोप लगाया है। चीन ने कहा कि क्वाड देश एशिया प्रशांत क्षेत्र में अन्य देशों के विकास को रोकने के लिए कृत्रिम रूप से टकराव पैदा कर रहे हैं। यह एशिया प्रशांत क्षेत्र में शांति, विकास और स्थिरता की वैश्विक प्रवृत्ति के खिलाफ है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, चीन का मानना है कि देशों के बीच सहयोग और क्षेत्रीय पहल क्षेत्रीय विकास, स्थिरता और समृद्धि के लिए अनुकूल हैं, न कि छोटे-छोटे समूह बनाकर आपसी विश्वास और सहयोग को नुकसान पहुंचाना।

समुद्री डोमेन जागरूकता के लिए होगा विस्तार
इस बैठक में कहा गया है कि ऐसे प्रयासों के अनुरूप, हम समुद्री डोमेन जागरूकता के लिए इंडो-पैसिफिक पार्टनरशिप (आईपीएमडीए) को भौगोलिक रूप से हिंद महासागर क्षेत्र तक विस्तारित करने का इरादा रखते हैं। हम गुरुग्राम, भारत में सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) के माध्यम से दक्षिण एशिया कार्यक्रम के शीघ्र संचालन के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा, हम क्षेत्रीय भागीदारों के साथ घनिष्ठ परामर्श में प्रभावी तकनीकी सहयोग को शामिल कर रहे हैं।

क्या है आईपीएमडीए और आईएफसी-आईओआर?
मई 2022 में आईपीएमडीए की घोषणा की गई थी, जिसने भागीदार देशों को अपने तटों पर पानी की पूरी तरह से निगरानी करने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद की। इस पहल के तहत, अवैध समुद्री गतिविधियों का मुकाबला करने और जलवायु संबंधी और मानवीय घटनाओं का जवाब देने के लिए डेटा की आपूर्ति की जा रही है। वहीं भारतीय नौसेना ने समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोगी ढांचे के तहत शिपिंग ट्रैफिक के साथ-साथ क्षेत्र में अन्य महत्वपूर्ण विकासों पर प्रभावी रूप से नजर रखने के लिए 2018 में आईएफसी-आईओआर की स्थापना की।

क्वाड एक बातचीत की दुकान नहीं- जयशंकर
विदेश मंत्रियों ने कहा कि क्वाड एक विश्वसनीय, सुरक्षित और मजबूत दूरसंचार नेटवर्क के विकास को आगे बढ़ा रहा है और द्वीप राष्ट्र पलाऊ में ओपन रेडियो एक्सेस नेटवर्क (ओपन आरएएन) शुरू करने की योजना की घोषणा की। वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी टिप्पणी में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि क्वाड एक बातचीत की दुकान नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जो व्यावहारिक परिणाम उत्पन्न करता है। उन्होंने कहा, आज क्वाड से निकली इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस पहल सूचना संलयन केंद्रों को जोड़ती है। ओपन-आरएएन नेटवर्क, जिसके बारे में हमने बहुत बात की है, पलाऊ में तैनात किया जा रहा है। 



'जल्द शुरू होगा अंतरिक्ष-आधारित जलवायु चेतावनी प्रणाली'
जयशंकर ने बताया कि मॉरीशस में जल्द ही एक अंतरिक्ष-आधारित जलवायु चेतावनी प्रणाली शुरू की जाएगी। ऑफ-ग्रिड सौर परियोजनाएं वास्तव में इंडो-पैसिफिक द्वीपों में हो रही हैं। इस मौके पर सीधे चीन का नाम लिए बिना, क्वाड विदेश मंत्रियों ने पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और किसी भी एकतरफा कार्रवाई जो बल या दबाव के द्वारा यथास्थिति को बदलने की कोशिश करती है उसके प्रति क्वाड के कड़े विरोध को दोहराया। 
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