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China: जिनपिंग के करीबी किआंग बने चीन के प्रधानमंत्री, ज्यादातर सदस्यों ने उनके नाम का किया समर्थन

Sun, 12 Mar 2023 05:48 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, बीजिंग।
एजेंसी, बीजिंग। Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 12 Mar 2023 05:48 AM IST
सार

प्रधानमंत्री के अलावा एनपीसी ने सीपीसी की तरफ से नामित उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य नियुक्तियों पर भी मुहर लगाई है।

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Qiang became the Prime Minister of China
शी जिनपिंग - फोटो : Social Media

विस्तार

चीन की संसद ने शनिवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विश्वासपात्र ली किआंग को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।  उन्हें चीन की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने की जिम्मेदारी दी गई है। किआंग, ली किकियांग की जगह लेंगे। चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र में जिनपिंग ने ली के नाम का प्रस्ताव रखा। 

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एनसीपी के 2,947 में से 2,936 सदस्यों ने उनके नाम का समर्थन किया, जबकि तीन ने खिलाफ व आठ सदस्य मतदान से दूर रहे। प्रधानमंत्री बनने के बाद ली ने शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए। बाद में उन्होंने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। शी के करीबी लोगों में कारोबारी समर्थक नेता कहे जाने वाले ली किआंग सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) और सरकार में दूसरे नंबर के अधिकारी होंगे। 
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प्रांतीय स्तर पर शी के साथ काम कर चुके ली किआंग चीन के सबसे बड़े आधुनिक कारोबारी हब शंघाई में पार्टी के प्रमुख रह चुके हैं। चीन ने इस वर्ष आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य बीते कई दशकों में सबसे कम पांच फीसदी रखा है, जबकि 2021-22 में चीन की अर्थव्यवस्था तीन फीसदी की रफ्तार से बढ़ी, जो पांच दशक में सबसे कम है। 
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कारोबारी हब शंघाई में पार्टी के प्रमुख रह चुके हैं ली किआंग
ली किआंग का ध्यान अपने कार्यकाल के दौरान अर्थव्यवस्था को सात फीसदी या इससे ऊपर के स्तर तक पहुंचाने के प्रयास करेंगे। प्रधानमंत्री के अलावा एनपीसी ने सीपीसी की तरफ से नामित उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश समेत अन्य नियुक्तियों पर भी मुहर लगाई है।


चीनी सेना ने संसद से मांगी ज्यादा ताकत...
चीनी की संसद में शनिवार को सेना के प्रतिनिधियों ने ताइवान और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव का हवाला देकर देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए युद्धकालीन कानून लाने की मांग की। चीनी संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रतिनिधि ये डबिन ने कहा, हमारी युद्धकालीन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए युद्धकालीन कानून की जरूरत है।

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