Iran: ईरान में रजा पहलवी और कुर्द विरोधियों के बीच क्यों बढ़ रहा मतभेद, राजनीतिक संकट की आहट; जानिए पूरा मामला
क्या ईरान के अंतिम शाह के पुत्र रजा पहलावी और कुर्द विरोधी समूह एक-दूसरे के खिलाफ खुला युद्ध छेड़ देंगे? हाल के आरोप-प्रत्यारोप ने ईरानी विपक्ष में दरारें उजागर कर दी हैं, जिससे देश की राजनीति में नए सियासी भूचाल की आशंका बढ़ गई है।
विस्तार
ईरान के अंतिम शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी और कुर्दिश ईरानी असंतुष्ट समूहों के एक गठबंधन के बीच हाल के दिनों में सार्वजनिक तनाव उभर आया है। यह मतभेद ईरानी विपक्ष में दरारें उजागर करते हैं, खासकर सरकार विरोधी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और क्रूर दमन के बाद। ऐसे समय में जब ईरान अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत की विफलता की स्थिति में संभावित युद्ध का सामना कर रहा है, यह विभाजन महत्वपूर्ण हो जाता है।
कुर्दिश समूहों का गठबंधन और पहलवी की प्रतिक्रिया
रविवार को, पांच कुर्दिश समूहों ने ईरानी कुर्दिस्तान के राजनीतिक बलों के गठबंधन के गठन की घोषणा की। समूह ने एक बयान में कहा कि इसका लक्ष्य इस्लामी गणराज्य ईरान के उखाड़ फेंकने के लिए संघर्ष करना, कुर्द लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को प्राप्त करना और ईरानी कुर्दिस्तान में कुर्द राष्ट्र की राजनीतिक इच्छा पर आधारित एक राष्ट्रीय और लोकतांत्रिक इकाई की स्थापना करना है। इस बयान की क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने कड़ी निंदा की, जो लगभग 50 वर्षों से निर्वासन में हैं और अब ईरान के शिया धर्मतंत्र के पतन की स्थिति में वापसी के लिए खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
वर्तमान शासकों को सत्ता से बेदखल करने के उनके साझा हित के बावजूद, पहलवी और कुर्द लोगों के बीच बहुत अधिक सामंजस्य नहीं है। पहलवी के पिता, शाह मोहम्मद रजा पहलवी के शासनकाल के दौरान, कुर्द लोगों को हाशिए पर रखा गया और उनका दमन किया गया। वहीं, पहलवी और उनके समर्थक कुर्द समूहों पर ईरान को विभाजित करने की चाह रखने का आरोप लगाते रहे हैं।
आरोपों का आदान-प्रदान
कुर्दिश समूहों द्वारा अपने गठबंधन की घोषणा के बाद, पहलवी ने सोशल मीडिया पर लिखा हाल के दिनों में, कई अलगाववादी समूहों (जिनमें से कुछ के रिकॉर्ड में खुमैनी और सद्दाम दोनों के साथ सहयोग शामिल है) ने ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ निराधार और निंदनीय दावे किए हैं। उन्होंने यह बात इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी और पूर्व इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन का जिक्र करते हुए कही। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की क्षेत्रीय अखंडता अंतिम लाल रेखा है।
इसके जवाब में, कुर्दिश गठबंधन ने पहलवी की टिप्पणियों को सनकी और घृणित बताया और कहा कि उनके परिवार के राजवंश को नागरिकों के नरसंहार और ईरानी लोगों, विशेष रूप से इस देश के उत्पीड़ित राष्ट्रों के लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के दमन के लिए जाना जाता था। गठबंधन ने सवाल उठाया वे ऐसा क्यों सोचते हैं कि इस्लामी गणराज्य की तानाशाही से पीड़ित लोग भविष्य के ईरान के विकल्प के हिस्से के रूप में उन्हें और अन्य समान विचारधारा वाले लोगों के सामने झुकने को तैयार होंगे?
कुर्द गठबंधन की योजनाएं अभी अस्पष्ट
ईरानी कुर्द विरोधी समूहों ने लंबे समय से इराक़ के उत्तर में अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में सुरक्षित ठिकाना पाया है। कुछ समूहों के पास सशस्त्र विंग भी हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि नए गठबंधन का उद्देश्य अभी सशस्त्र अभियान शुरू करना नहीं है। पारविज़ी ने कहा हम किसी अलग कुर्द राज्य की मांग नहीं कर रहे हैं और न ही ईरान को विभाजित करना चाहते हैं। हमें नए ईरान में सभी जातीय समूहों के लिए जगह सुनिश्चित करनी होगी।
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