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इंडोनेशिया : श्रम कानून के विरुद्ध पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
Sat, 10 Oct 2020 01:26 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 10 Oct 2020 01:26 AM IST
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श्रम कानून के खिलाफ इंडोनेशिया में प्रदर्शन
- फोटो : twitter
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पिछले कुछ दिनों से इंडोनेशिया के कई शहरों में श्रम कानून और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कानून के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं। इस कानून से नाराज हजारों के इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद कई जगह प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हिंसक झड़पें भी हुईं।
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छात्र जब राष्ट्रपति के महल में घुसने की कोशिश करने लगे तब दंगाई पुलिस वे भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
राष्ट्रपति जोको विदोदो मध्य कालीमंतन प्रांत का दौरा करने गए हुए थे। इस बीच, दंगाई पुलिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं और हाई स्कूल एवंविश्वविद्यालय के छात्र पर कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नया कानून न सिर्फ श्रम अधिकारों को तबाह करेगा बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाएगा।
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प्रदर्शनकारी छात्रों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव किया और बोतलें भी फेंकीं। रात होते ही कुछ प्रदर्शनकारियों ने जकार्ता के एक मेट्रो स्टेशन में आग लगा दी। गुस्साए लोगों ने सड़कें रोककर कई कारों और एक सिनेमाघर को भी जला दिया।
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इसके अलावा कई सरकारी कार्यालयों को भी प्रदर्शनकारियों ने नुकसान पहुंचाया। पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से कई जगह सड़कें धुएं के बादलों से भरी दिखाई दीं।
‘ओम्निबस’ कानून पर विवाद
इंडोनेशियाई सरकार ‘ओम्निबस’ नामक रोजगार सृजन विधेयक लेकर आई है जिसे सोमवार को संसद में मंजूरी दे दी गई है। इसी कानून के विरोध में दुनिया भर में चौथी सर्वाधिक आबादी वाले देश में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
उनका कहना है कि यह कानून उनके श्रम अधिकारों को कमजोर कर रहा है। इससे नौकरियां भी कम हो जाएंगी जबकि मशीनीकरण से देश के पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा।
राजधानी में करीब 800 कैद
जकार्ता पुलिस प्रवक्ता युसरी यूनुस के अनुसार, 800 से अधिक लोग राजधानी में कैद हैं। रैलियों में शामिल होने वाले कम से कम दो छात्रों को सिर की चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है, साथ ही छह पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं। राजधानी के भूमिगत मेट्रो स्टेशन भी बंद कर दिए गए हैं।