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संयुक्त राष्ट्र में पीएम बोलेः आतंक के खिलाफ दुनिया सतर्क, गंभीर और आक्रोश से भरी है
Sat, 28 Sep 2019 07:20 AM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अनिल पांडेय
Updated Sat, 28 Sep 2019 07:20 AM IST
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प्रधानमंत्री मोदी
- फोटो : UN Hindi
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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 74वें अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा। दुनिया में शांति के लिए उन्होंने आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने का संदेश दिया। हिंदी भाषा में दिए अपने भाषण से उन्होंने न केवल भारतीय मूल्यों को दुनिया के सामने रखा बल्कि यह भी समझाया कि शांति और विकास सभी के लिए आवश्यक है।
भले ही प्रधानमंत्री ने अपना पूरा भाषण हिंदी में दिया, लेकिन वे अन्य भारतीय भाषाओं का मान भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में बढ़ा आए। उन्होंने एक महान तमिल कवि की कुछ पंक्तियों को अपने भाषण के दौरान उद्धृत किया। इससे पहले ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में उन्होंने 10 भारतीय भाषाओं में कहा था, भारत में सब ठीक है।
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भले ही प्रधानमंत्री ने अपना पूरा भाषण हिंदी में दिया, लेकिन वे अन्य भारतीय भाषाओं का मान भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में बढ़ा आए। उन्होंने एक महान तमिल कवि की कुछ पंक्तियों को अपने भाषण के दौरान उद्धृत किया। इससे पहले ह्यूस्टन में आयोजित हाउडी मोदी कार्यक्रम में उन्होंने 10 भारतीय भाषाओं में कहा था, भारत में सब ठीक है।
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ये हैं प्रधानमंत्री के भाषण की प्रमुख बातेंः
- अगले 5 वर्षों में हम जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं।
- 2022 में जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मनाएगा, तब तक हम गरीबों के लिए 2 करोड़ और घरों का निर्माण करने वाले हैं।
- दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में, दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों ने वोट देकर, मुझे और मेरी सरकार को पहले से ज्यादा मजबूत जनादेश दिया।
- इस जनादेश की वजह से ही आज फिर मैं यहां हूं।
- हमारे देश की संस्कृति हजारों वर्ष पुरानी है, जिसकी अपनी जीवंत परंपराएं हैं, जो वैश्विक सपनों को अपने में समेटे हुए है। हमारे संस्कार, हमारी संस्कृति, जीव में शिव देखती है।
- जब एक विकासशील देश, दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम सफलतापूर्वक चलाता है।
- 50 करोड़ लोगों को हर साल 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देता है।
- तो उसके साथ बनी संवेदनशील व्यवस्थाएं पूरी दुनिया को एक नया मार्ग दिखाती हैं।
- हमारी प्रेरणा है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास।
- हम 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर प्रयास कर रहे हैं लेकिन ये प्रयास जिन सपनों के लिए हो रहे हैं, वो सारे विश्व के हैं, हर देश के हैं, हर समाज के हैं।
- प्रयास हमारे हैं, परिणाम सारे संसार के लिए हैं।
- हमारी आवाज में आतंक के खिलाफ दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी।
- हम मानते हैं कि ये किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
- UN peacekeeping missions में सबसे बड़ा बलिदान अगर किसी देश ने दिया है, तो वो देश भारत है।
- हम उस देश के वासी हैं जिसने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिए हैं, शांति का संदेश दिया है।
- भारत जिन विषयों को उठा रहा है, जिन नए वैश्विक मंचों के निर्माण के लिए भारत आगे आया है, उसका आधार वैश्विक चुनौतियां हैं, वैश्विक विषय हैं और गंभीर समस्याओं के समाधान का सामूहिक प्रयास है।