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Israel-Hamas War: गाजा में एक नया सुरक्षा गलियारा स्थापित कर रहा इस्राइल, बढ़ते तनाव के बीच नेतन्याहू की घोषणा
Wed, 02 Apr 2025 09:40 PM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, गाजा
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 02 Apr 2025 09:40 PM IST
सार
इस्राइल और हमास के बीच तनाव अभी भी जारी है। इसी बीच इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गाजा में इस्राइल की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए इस्राइल गाजा के क्षेत्र में एक नया सुरक्षा गलियारा स्थापित कर रहा है।
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इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू
- फोटो : एक्स/इस्राइल पीएम
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विस्तार
इस्राइल और हमास के जारी संघर्ष के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस्राइल गाजा क्षेत्र में एक नया सुरक्षा गलियारा स्थापित कर रहा है। बुधवार को एक बयान में कहा कि इस सुरक्षा गलियारे को मोराग कॉरिडोर नाम दिया गया है, जो राफा और खान यूनिस के बीच स्थित एक यहूदी बस्ती के नाम पर रखा गया है। नेतन्याहू ने बताया कि यह गलियारा इस्राइल के दो दक्षिणी शहरों के बीच चलेगा।
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बता दें कि इस नए सुरक्षा गलियारे का उद्देश्य गाजा में इस्राइल की सुरक्षा बढ़ाना और क्षेत्र में शांति बनाए रखना है। साथ ही नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम इस्राइल की सुरक्षा के लिए जरूरी है और गाजा में हमलावरों से निपटने के लिए यह एक महत्वपूर्ण रणनीति होगी।
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आज हंगरी पहुंचे नेतन्याहू
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बुधवार को हंगरी पहुंचे। हालांकि, गाजा पट्टी में युद्ध को लेकर इस्राइली नेता के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। नेतन्याहू की बुडापेस्ट की चार दिवसीय यात्रा, प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के साथ उनके घनिष्ठ संबंधों तथा हंगरी के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के प्रति ओर्बन के बढ़ते अविश्वास का संकेत है।
बता दें कि हंगरी भी आईसीसी का सदस्य है, लेकिन नेतन्याहू के करीबी ओर्बन ने आईसीसी के वारंट की अनदेखी कर दी है। ओबोर्न ने नीदरलैंड के हेग में स्थित दुनिया की शीर्ष अदालत पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए चल रहे संघर्ष में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।
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ओर्बन सरकार का बयान
इसके साथ ही ओर्बन की सरकार ने यह भी कहा कि कि अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत से अलग भी हो सकता है। वर्तमान में इसके 27 सदस्य हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ के सभी देश इससे जुड़े हैं। यदि आईसीसी कभी कोई वारंट जारी करता है तो सभी सदस्य देशों को इसका पालन करना होता है और संदिग्धों को हिरासत में लेना होता है। लेकिन आईसीसी इसे लागू करने के लिए सदस्य देशों पर निर्भर करता है। बता दें कि आईसीसी ने युद्ध अपराध और नरसंहार के लिए नवंबर में नेतन्याहू के साथ-साथ उनके पूर्व रक्षा मंत्री और हमास के सैन्य प्रमुख के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।