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मजबूत होते संबंध: 34 साल बाद नीदरलैंड पहुंचे राष्ट्रपति, 1988 में वेंकटरमन ने किया था दौरा
Mon, 04 Apr 2022 09:19 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एम्स्टर्डम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एम्स्टर्डम
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 04 Apr 2022 09:19 PM IST
सार
नीदरलैंड भारत का चौथा सबसे बड़ा एफडीआई स्रोत होने के साथ भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और वाणिज्यिक भागीदार भी है।
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President Ramnath Kovind
- फोटो : ANI
विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी दो देशों की यात्रा के अंतिम चरण में सोमवार को एम्स्टर्डम पहुंचे। 34 साल बाद नीदरलैंड की पहली राष्ट्रपति यात्रा के दौरान वह यूरोपीय देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। राष्ट्रपति कोविंद तुर्कमेनिस्तान से यहां पहुंचे जहां उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के अपने समकक्ष सर्दार बर्दीमुहामेदोव के साथ बातचीत की और दोनों पक्ष बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार और ऊर्जा सहयोग का विस्तार करने पर सहमत हुए। वह स्वतंत्र तुर्कमेनिस्तान की यात्रा करने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं।
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राष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट किया, गोएडेमिडाग नीदरलैंड! (Goedemiddag Nederland!) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी दो देशों की यात्रा के अंतिम चरण में एम्स्टर्डम पहुंचे। नीदरलैंड की राष्ट्रपति यात्रा 1988 में राष्ट्रपति वेंकटरमन की यात्रा के 34 साल बाद हो रही है। किंग विलेम अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा के निमंत्रण पर 4 से 7 अप्रैल तक नीदरलैंड की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति कोविंद उनके और प्रधानमंत्री मार्क रूट के साथ चर्चा करेंगे। उनकी यात्रा का महत्व इसलिए है क्योंकि भारत और नीदरलैंड 2022 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष मना रहे हैं।
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2021 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच वर्चुअल शिखर सम्मेलन के दौरान इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच जुड़ाव के स्तर को बढ़ाने के लिए जल पर एक रणनीतिक साझेदारी शुरू की गई थी। कृषि, स्वास्थ्य, शहरी विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग द्विपक्षीय संबंधों के अन्य महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। नीदरलैंड भारत का चौथा सबसे बड़ा एफडीआई स्रोत होने के साथ भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक और वाणिज्यिक भागीदार भी है। यह महाद्वीपीय यूरोप में सबसे बड़े भारतीय प्रवासी की भी मेजबानी करता है।