Israel-US Talks: दो हफ्ते के युद्ध विराम के बाद पीएम नेतन्याहू का US दौरा, राष्ट्रपति ट्रंप से करेंगे मुलाकात
हमास के साथ जारी युद्ध विराम के बीच इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का मुख्य मकसद 'हमास पर जीत' के मुद्दे के साथ-साथ कई अन्य मुद्दों पर बातचीत करना है।
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बता दें कि यह बैठक मंगलवार को व्हाइट हाउस में होगी और यह ट्रंप के कार्यालय में वापसी के बाद किसी विदेशी नेता के साथ उनकी पहली बैठक होगी। देखा जाए तो यह बैठक उस समय हो रही है जब अमेरिका और अरब देश गाजा पट्टी में पिछले 15 महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने और बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने के लिए संघर्ष विराम समझौते की नई कोशिशें कर रहे हैं।
I’m leaving for a very important meeting with @realDonaldTrump in Washington.
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The fact that this would be President Trump’s first meeting with a foreign leader since his inauguration is telling.
I think it’s a testimony to the strength of the Israeli-American alliance. It’s… pic.twitter.com/wWYrC7mYrF— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) February 2, 2025
सुरक्षा मजबूती पर भी फोकस
ट्रंप के साथ मुलाकात की बात पर नेतन्याहू ने बताया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक में हमास पर जीत, बंधकों की रिहाई और ईरान द्वारा समर्थन प्राप्त आतंकवादी समूहों से निपटने पर चर्चा करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों मिलकर सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं, शांति का दायरा बढ़ा सकते हैं और ताकत के माध्यम से शांति का एक नया युग ला सकते हैं।
इस्राइली हवाई हमले में पांच लोग घायल
युद्ध विराम के बीच इस्राइल का कुछ जगहों पर हमला जारी है। रविवार को भी मध्य गाजा में एक इस्राइली हवाई हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। इसमें एक बच्चा भी था, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हालांकि इस हमले को लेकर इस्राइली सेना ने भी अपना बयान जारी किया। सेना की ओर से बताया गया कि उसने उस वाहन पर गोली चलाई क्योंकि वह युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए उत्तर की ओर बढ़ते हुए चेकपॉइंट को बायपास कर रहा था।
इस्राइल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के साथ ही अमेरिका खुले तौर पर इस्राइल के साथ दिखा, चाहे वो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन हो या फिर डोनाल्ड ट्रंप। दोनों इस्राइल के कट्टर समर्थक रहे हैं, लेकिन उन्होंने मध्य पूर्व में युद्धों को समाप्त करने का भी संकल्प लिया है और युद्धविराम समझौते में मध्यस्थता करने में मदद करने का श्रेय लिया है। इस समझौते ने लड़ाई को रोक दिया है और 18 बंधकों के साथ-साथ इस्राइल द्वारा कैद किए गए सैकड़ों फलस्तीनियों को रिहा कर दिया है। अब ऐसे में नेतन्याहू और ट्रंप की ये बैठक इस्राइल के लिए फायदेमंद हो सकता है।
युद्ध खत्म करना नेतन्याहू के लिए चुनौती
देखा जाए तो युद्ध विराम के बाद इस्राइल-हमास युद्ध खत्म कर पीएम नेतन्याहू के लिए एक चुनौती के तौर पर है, क्योंकि इस कदम के समर्थन मात्र से ही इस्राइल में आंतरिक क्लेश बढ़ने लगे है। इतना ही नहीं नेतन्याहू सरकार के मंत्रियों ने तो इस बात की धमकी भी दे दी है कि अगर पीएम नेतन्याहू युद्ध खत्म करने की घोषणा करते है वे सरकार गिरा देंगे।
नेतन्याहू की प्रतिबद्धता
देश में बढ़ते आंतरिक क्लेश को देखते हुए पीएम नेतन्याहू ने भी युद्ध को लेकर अपना मकसद साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस्राइल हमास पर जीत और 7 अक्टूबर, 2023 को आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में पकड़े गए सभी बंधकों की वापसी के लिए प्रतिबद्ध है, जो युद्ध की वजह बना था।