फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Postal Ballot Dispute 1989 Polls Election Commission Probe Kerala CPIM Leader Sudhakaran video case Updates

Postal Ballot Case: डाक मतपत्र धांधली मामले में माकपा नेता सुधाकरन पर केस, वीडियो सामने आने पर ECI कर रहा जांच

Sat, 17 May 2025 08:31 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलप्पुझा (केरल)।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलप्पुझा (केरल)। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 17 May 2025 08:31 AM IST
सार

36 साल पुराने चुनाव से जुड़े एक मामले में टिप्पणी करने के बाद विवादों में घिरे केरल  के वरिष्ठ नेता पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता जी सुधाकरन की एक वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को मामले की जांच शुरू की थी।

विज्ञापन
Postal Ballot Dispute 1989 Polls Election Commission Probe Kerala CPIM Leader Sudhakaran video case Updates
माकपा नेता सुधाकरन - फोटो : फेसबुक@Comrade.G.Sudhakaran

विस्तार

केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता जी सुधाकरन के खिलाफ शुक्रवार को जनप्रतिनिधित्व कानून व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पूर्व मंत्री सुधाकरन पर यह कार्रवाई उनके 1989 के अलप्पुझा लोकसभा चुनाव के दौरान डाक मतपत्र खोले जाने वाले हालिया बयान पर की गई है। बाद में सफाई देते हुए माकपा नेता ने कहा, उन्होंने जो कहा था वह पूरा सच नहीं था।

विज्ञापन


वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग कर रहा जांच
सुधाकरन के 1989 में डाक मतपत्र खोले जाने के दावे वाला वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को मामले की जांच शुरू की थी। टीवी चैनलों पर प्रसारित इस वीडियो में सुधाकरन को हिदायत देते हुए देखा जा सकता है कि पूर्व एनजीओ यूनियन नेताओं की सभा के सदस्यों को प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को वोट नहीं देना चाहिए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  Financial Fraud: केरल कांग्रेस अध्यक्ष सुधाकरन से ईडी ने की पूछताछ, बोले- मैंने कुछ भी गलत नहीं किया
विज्ञापन
विज्ञापन


हमें पता नहीं चलेगा कि वोट किसे दिया गया, ऐसा मानना गलत
सुधाकरन ने कहा था कि जो लोग सीलबंद मतपत्र जमा करते हैं, उन्हें यह नहीं मानना चाहिए कि हमें पता नहीं चलेगा कि उन्होंने किसे वोट दिया है क्योंकि हम उन्हें खोलेंगे, सत्यापित करेंगे और सही करेंगे। सुधाकरन ने दावा किया था कि जब केएसटीए नेता केवी देवदास ने अलप्पुझा से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तो डाक मतपत्रों को खोला गया था और जिला समिति कार्यालय में उनकी जांच की गई थी। इसमें पाया गया कि एनजीओ यूनियन के 15 फीसदी सदस्यों ने विरोधी उम्मीदवार को वोट दिया था।

ये भी पढ़ें- Kerala Congress: 'सुधाकरन को KPCC प्रमुख पद से हटाने की कोई जरूरत नहीं', संगठनात्मक बदलाव की खबरों के बीच थरूर

लोगों को चेतावनी देने के इरादे से की थी टिप्पणी
बयान पर विवाद होने के बाद सुधाकरन ने सफाई दी। एक कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि मैंने उस दिन जो कहा था, उसका उद्देश्य ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों को एक छोटी सी चेतावनी देना था और उन्हें यह बताना था कि हम जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed