Pakistan: पाकिस्तान में सियासी टकराव बढ़ा, देश में अशांति का अंदेशा गहराया
Pakistan: उप चुनावों में जीत से नई ताकत पाने के बाद इमरान खान ने अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति का मामला फिर उछाल दिया है। उन्होंने कहा- सेनाध्यक्ष जैसे उच्च पदाधिकारियों की नियुक्ति ‘नवाज शरीफ और जरदारी जैसे अपराधियों’ द्वारा नहीं की जानी चाहिए। ये नियुक्ति मेरिट के आधार पर होनी चाहिए...
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पाकिस्तान में जल्द आम चुनाव कराने के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव तेजी से बढ़ रहा है। इससे देश में अशांति की आशंका गहरा रही है। सत्ताधारी गठबंधन- पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की तुरंत चुनाव का एलान करने मांग को सिरे ठुकरा दिया है। इसके पहले इमरान खान ने चुनाव का एलान करने के लिए ‘कुछ दिन का वक्त’ देने की बात कही थी। खान ने कहा है कि अगर इन कुछ दिनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई, तो वे अपने लाखों समर्थकों के साथ राजधानी इस्लामाबाद में घेरा डालने के लिए कूच कर देंगे।
पीडीएम की सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक हुई। इसमें पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान की तुरंत चुनाव की मांग को ठुकराने का फैसला लिया गया। बाद सत्ताधारी गठबंधन ने कहा कि चुनाव कब हों, इस बारे में निर्णय करना पूरी तरह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। गठबंधन में शामिल दलों ने एक साझा बयान में कहा- ‘सरकार किसी भीड़ को ताकत के आधार पर चुनाव कार्यक्रम के मामले में अपना फैसला थोपने की इजाजत नहीं देगी।’
सत्ताधारी गठबंधन ने कड़ी चेतावनी दी है कि ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेने की कोशिश करेंगे, उनके साथ संविधान और कानून के तहत सख्ती से निपटा जाएगा।’ पीडीएम ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ अली जरदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के प्रमुख नवाज शरीफ पर आरोप लगाने की विपक्ष की कोशिशों की निंदा भी की।
इसके पहले इमरान खान ने कहा था कि वे सरकार को चुनाव की घोषणा करने के लिए कुछ दिन का समय दे रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि वे इसके लिए अक्तूबर के आगे इंतजार नहीं करेंगे। रविवार को हुए आठ संसदीय और कुछ प्रांतीय सीटों के उप चुनाव में पीटीआई की भारी जीत से उत्साहित इमरान खान ने सोमवार को इस्लामाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा- ‘मैं सरकार को कुछ दिन का समय देश हित में दे रहा हूं। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो मैं अपना कूच शुरू कर दूंगा। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है।’
इसी प्रेस कांफ्रेंस में इमरान खान ने नवाज शरीफ और आसिफ अली जरदारी पर कुछ गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इल्जाम लगाया कि नवाज शरीफ चुनाव टलवाने की कोशिश कर रहे हैं। वे उस दिन के इंतजार में हैं, जब पीटीआई के लिए जन समर्थन में गिरावट आएगी। उनका मकसद भ्रष्टाचार के मुकदमों से बचना है और इसलिए वे इस सरकार को बनाए रखना चाहते हैँ। इमरान खान ने मौजूदा सरकार को अपराधियों का गिरोह बताया।
उप चुनावों में जीत से नई ताकत पाने के बाद इमरान खान ने अगले सेनाध्यक्ष की नियुक्ति का मामला फिर उछाल दिया है। उन्होंने कहा- सेनाध्यक्ष जैसे उच्च पदाधिकारियों की नियुक्ति ‘नवाज शरीफ और जरदारी जैसे अपराधियों’ द्वारा नहीं की जानी चाहिए। ये नियुक्ति मेरिट के आधार पर होनी चाहिए।
इमरान के इस बयान पर भी पीडीएम ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है और कहा है कि पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक सेनाध्यक्ष पद पर नियुक्ति का अधिकार प्रधानमंत्री के पास है। पर्यवेक्षकों ने राय जताई है कि दोनों पक्षों के दिखे सख्त रुख का नतीजा देश में सियासी उथल-पुथल के रूप में सामने आ सकता है।