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PM Modi: तीसरे कार्यकाल के पहले विदेश दौरे पर इटली जा सकते हैं पीएम मोदी, इस हफ्ते होने जा रही जी-7 की बैठक
Tue, 11 Jun 2024 11:34 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 11 Jun 2024 11:34 PM IST
सार
PM Modi: इटली में इसी हफ्ते जी-7 की बैठक होने जा रही है। जी-7 विश्व के सात शक्तिशाली देशों का एक साझा मंच है। इसमें अमेरिका, इटली, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान और ब्रिटेन शामिल हैं।
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पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी
- फोटो : ANI
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विस्तार
लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले विदेश दौरे के लिए इसी हफ्ते इटली जा सकते हैं। इटली के अपुलीया क्षेत्र के बोर्गो इग्नाजिया लग्जरी रिसॉर्ट में 13 जून से 15 जून तक जी-7 की बैठक होगी। इसमें रूस-यूक्रेन और गाजा संघर्ष का मुद्दा छाए रहने की उम्मीद है। बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो जैसे नेता शिरकत करेंगे। जी-7 समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी शामिल होंगे। जेलेंस्की यूक्रेन पर रूस के हमले के मुद्दे पर होने वाली चर्चा में शामिल होंगे।
पीएम मोदी के साथ जाएगा एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 13 जून को इटली पहुंचेंगे। 14 जून की देर शाम लौटेंगे। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इटली के दौरे पर प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विनय क्वात्रा और एनएसए अजीत डोभाल भी जाएंगे। एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इटली जाएगा। बता दें कि पिछले साल मई में प्रधानमंत्री मोदी ने हिरोशिमा में जी-7 की बैठक में शिरकत की थी।
मेलोनी के साथ होगी द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। बता दें कि इटली इस साल जी-7 समिट की अध्यक्षता कर रहा है। इटली के मुताबिक, रूस के यूक्रेन पर आक्रामक युद्ध ने दुनिया में अस्थिरता को बढ़ावा दिया है, जिससे दुनियाभर में कई तरह के संकट भी पैदा हुए हैं। इटली के अनुसार जी-7 मध्य पूर्व के संघर्ष और उससे होने वाले परिणामों को वैश्विक एजेंडे के तौर पर पूरा महत्व देगा।
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11 विकासशील देशों के नेता भी किए गए आमंत्रित
भारत के अलावा इटली ने जी-7 की बैठक के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के 11 विकासशील देशों के नेताओं भी आमंत्रित किया है। 1997 से 2013 तक यह समूह जी-8 में तब्दील हो गया था क्योंकि इसमें रूस शामिल हो गया था। हालांकि, 2014 में क्रीमिया पर नियंत्रण के बाद रूस को इस गुट से बाहर कर दिया गया था। उधर, यूरोपीय यूनियन जी-7 का हिस्सा न होने के बाद भी इस बैठक में शामिल होता है।
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पीएम मोदी के साथ जाएगा एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 13 जून को इटली पहुंचेंगे। 14 जून की देर शाम लौटेंगे। हालांकि, अभी तक प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इटली के दौरे पर प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विनय क्वात्रा और एनएसए अजीत डोभाल भी जाएंगे। एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इटली जाएगा। बता दें कि पिछले साल मई में प्रधानमंत्री मोदी ने हिरोशिमा में जी-7 की बैठक में शिरकत की थी।
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मेलोनी के साथ होगी द्विपक्षीय बैठक
प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। बता दें कि इटली इस साल जी-7 समिट की अध्यक्षता कर रहा है। इटली के मुताबिक, रूस के यूक्रेन पर आक्रामक युद्ध ने दुनिया में अस्थिरता को बढ़ावा दिया है, जिससे दुनियाभर में कई तरह के संकट भी पैदा हुए हैं। इटली के अनुसार जी-7 मध्य पूर्व के संघर्ष और उससे होने वाले परिणामों को वैश्विक एजेंडे के तौर पर पूरा महत्व देगा।
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11 विकासशील देशों के नेता भी किए गए आमंत्रित
भारत के अलावा इटली ने जी-7 की बैठक के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के 11 विकासशील देशों के नेताओं भी आमंत्रित किया है। 1997 से 2013 तक यह समूह जी-8 में तब्दील हो गया था क्योंकि इसमें रूस शामिल हो गया था। हालांकि, 2014 में क्रीमिया पर नियंत्रण के बाद रूस को इस गुट से बाहर कर दिया गया था। उधर, यूरोपीय यूनियन जी-7 का हिस्सा न होने के बाद भी इस बैठक में शामिल होता है।