{"_id":"6a0a1708b1ba8a88a008a58d","slug":"pm-modi-sweden-visit-propels-ayurveda-to-new-heights-historic-step-strengthening-health-cooperation-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"PM Modi Sweden Visit: स्वीडन यात्रा से आयुर्वेद को मिलेगी नई ऊंचाई, स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का ऐतिहासिक कदम","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
PM Modi Sweden Visit: स्वीडन यात्रा से आयुर्वेद को मिलेगी नई ऊंचाई, स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का ऐतिहासिक कदम
Mon, 18 May 2026 12:59 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Mon, 18 May 2026 12:59 AM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी की स्वीडन यात्रा से आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊंचाई मिली है। आयुर्वेद स्वीडन एसोसिएशन की चेयरपर्सन स्टिना एंडरसन ने इसे यूरोप में आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने पीएम मोदी के विजन की तारीफ की। वहीं स्वीडिश एंटरप्राइज के जान-ओलोफ जैके ने ईयू-भारत एफटीए पर जोर देते हुए व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की बात कही।
विज्ञापन
स्टिना एंडरसन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा से आयुर्वेद, वेलनेस और समग्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत और स्वीडन के संबंध एक नई ऊंचाई पर पहुंच रहे हैं। यह एक ऐसा ऐतिहासिक कदम है जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरी दुनिया को एक नया रास्ता दिखा सकता है और भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाएगा।
आयुर्वेद स्वीडन एसोसिएशन की चेयरपर्सन स्टिना एंडरसन ने इस यात्रा को बहुत ही खास बताया है। उनका कहना है कि इस दौरे से स्वीडन और पूरे यूरोप में आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने का एक बहुत बड़ा अवसर मिला है। स्टिना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर बहुत ज्यादा उत्साहित हैं। उनके अनुसार यह स्वीडन के लिए और विशेष रूप से आयुर्वेद के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
क्या भारतीय वैद्यों को मिलेगा स्वीडन में बड़ा मौका?
स्टिना एंडरसन का मानना है कि भारतीय वैद्यों और डॉक्टरों के लिए अब स्वीडन आकर अपना ज्ञान साझा करने का बहुत बड़ा अवसर है। इसके साथ ही स्वीडन के लोगों के लिए भी भारत जाकर आयुर्वेद के बारे में अधिक सीखने का रास्ता खुल गया है। उनका कहना है कि जब हम इस तरह के सहयोग समझौते करते हैं, तो आयुर्वेद को समझना बहुत आसान हो जाता है। नॉर्डिक देशों का नजरिया भारत से काफी अलग है, इसलिए यह सहयोग दोनों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- अकेलेपन से जूझ रहे सलमान? लिखा- 'कोई आपके पास रहना नहीं चाहता'; शर्टलेस फोटो शेयर कर भाईजान ने सबको चौंकाया
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का आयुर्वेद कैसे करेगा इलाज?
आज के समय में लोगों की 80 प्रतिशत बीमारियां उनकी खराब जीवनशैली से जुड़ी हुई हैं। स्टिना एंडरसन ने जोर देकर कहा है कि आयुर्वेद इन सभी समस्याओं का एक बहुत ही शानदार समाधान है। उन्होंने बताया कि अपनी अच्छी सेहत के बिना हम दुनिया में कोई भी सही योगदान नहीं दे सकते हैं। आयुर्वेद एक बहुत गहरा विज्ञान है जिसे भारत ने सदियों से सहेज कर रखा है। अब स्वीडन भी इस प्राचीन ज्ञान को अपनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
क्या आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जा सकता है?
स्टिना एंडरसन ने आयुर्वेद को आज की आधुनिक तकनीक जैसे एआई और नैनोटेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने की बात भी कही है। उनका सुझाव है कि सबसे पहले हमें अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या और मौसम के अनुसार अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। इससे शरीर खुद को स्वाभाविक रूप से संतुलित रख सकता है। आयुर्वेद स्वास्थ्य को बहुत सस्ता और सुलभ बनाता है क्योंकि यह बीमारियों के महंगे इलाज से ज्यादा रोजमर्रा की अच्छी दिनचर्या पर जोर देता है।
जब आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के साथ मिलाया जाता है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका बहुत ही सकारात्मक असर पड़ता है। स्टिना एंडरसन ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जिनके पास भविष्य के लिए एकदम स्पष्ट नजरिया है। आज पूरी दुनिया की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली कई तरह के संकटों का सामना कर रही है, इसलिए दुनिया को आयुर्वेद की बहुत सख्त जरूरत है।
इस यात्रा के दौरान स्वीडन के व्यापारिक जगत ने भी भारत की जमकर तारीफ की है। कॉन्फेडरेशन ऑफ स्वीडिश एंटरप्राइज के डायरेक्टर जनरल जान-ओलोफ जैके ने भी अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि हमें बहुत गर्व है कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी हमारे देश आए हैं। स्वीडन एक बहुत ही इनोवेटिव और विकसित देश है, लेकिन आबादी के हिसाब से बहुत छोटा है। वहीं भारत में प्रतिभाशाली युवाओं की बहुत बड़ी आबादी है और वहां का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
भारत-स्वीडन के मजबूत होते रिश्तों पर व्यापार आयुक्त ने जताई खुशी
पीएम मोदी के शानदार स्वागत के बीच, भारत में स्वीडन की व्यापार आयुक्त सोफिया होगमान ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की है। उन्होंने पीएम के इस अहम दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी को यहां स्वीडन में पाकर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। हम भारत और स्वीडन के बीच मौजूद इन बेहतरीन संबंधों को और अधिक बढ़ाने तथा इन्हें लगातार आगे ले जाने के लिए पूरी तरह से उत्सुक हैं।
विज्ञापन
आयुर्वेद स्वीडन एसोसिएशन की चेयरपर्सन स्टिना एंडरसन ने इस यात्रा को बहुत ही खास बताया है। उनका कहना है कि इस दौरे से स्वीडन और पूरे यूरोप में आयुर्वेद को मुख्यधारा में लाने का एक बहुत बड़ा अवसर मिला है। स्टिना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर बहुत ज्यादा उत्साहित हैं। उनके अनुसार यह स्वीडन के लिए और विशेष रूप से आयुर्वेद के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
विज्ञापन
क्या भारतीय वैद्यों को मिलेगा स्वीडन में बड़ा मौका?
स्टिना एंडरसन का मानना है कि भारतीय वैद्यों और डॉक्टरों के लिए अब स्वीडन आकर अपना ज्ञान साझा करने का बहुत बड़ा अवसर है। इसके साथ ही स्वीडन के लोगों के लिए भी भारत जाकर आयुर्वेद के बारे में अधिक सीखने का रास्ता खुल गया है। उनका कहना है कि जब हम इस तरह के सहयोग समझौते करते हैं, तो आयुर्वेद को समझना बहुत आसान हो जाता है। नॉर्डिक देशों का नजरिया भारत से काफी अलग है, इसलिए यह सहयोग दोनों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- अकेलेपन से जूझ रहे सलमान? लिखा- 'कोई आपके पास रहना नहीं चाहता'; शर्टलेस फोटो शेयर कर भाईजान ने सबको चौंकाया
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का आयुर्वेद कैसे करेगा इलाज?
आज के समय में लोगों की 80 प्रतिशत बीमारियां उनकी खराब जीवनशैली से जुड़ी हुई हैं। स्टिना एंडरसन ने जोर देकर कहा है कि आयुर्वेद इन सभी समस्याओं का एक बहुत ही शानदार समाधान है। उन्होंने बताया कि अपनी अच्छी सेहत के बिना हम दुनिया में कोई भी सही योगदान नहीं दे सकते हैं। आयुर्वेद एक बहुत गहरा विज्ञान है जिसे भारत ने सदियों से सहेज कर रखा है। अब स्वीडन भी इस प्राचीन ज्ञान को अपनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
क्या आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा जा सकता है?
स्टिना एंडरसन ने आयुर्वेद को आज की आधुनिक तकनीक जैसे एआई और नैनोटेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने की बात भी कही है। उनका सुझाव है कि सबसे पहले हमें अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या और मौसम के अनुसार अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। इससे शरीर खुद को स्वाभाविक रूप से संतुलित रख सकता है। आयुर्वेद स्वास्थ्य को बहुत सस्ता और सुलभ बनाता है क्योंकि यह बीमारियों के महंगे इलाज से ज्यादा रोजमर्रा की अच्छी दिनचर्या पर जोर देता है।
जब आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा के साथ मिलाया जाता है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका बहुत ही सकारात्मक असर पड़ता है। स्टिना एंडरसन ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जिनके पास भविष्य के लिए एकदम स्पष्ट नजरिया है। आज पूरी दुनिया की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली कई तरह के संकटों का सामना कर रही है, इसलिए दुनिया को आयुर्वेद की बहुत सख्त जरूरत है।
इस यात्रा के दौरान स्वीडन के व्यापारिक जगत ने भी भारत की जमकर तारीफ की है। कॉन्फेडरेशन ऑफ स्वीडिश एंटरप्राइज के डायरेक्टर जनरल जान-ओलोफ जैके ने भी अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि हमें बहुत गर्व है कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी हमारे देश आए हैं। स्वीडन एक बहुत ही इनोवेटिव और विकसित देश है, लेकिन आबादी के हिसाब से बहुत छोटा है। वहीं भारत में प्रतिभाशाली युवाओं की बहुत बड़ी आबादी है और वहां का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
भारत-स्वीडन के मजबूत होते रिश्तों पर व्यापार आयुक्त ने जताई खुशी
पीएम मोदी के शानदार स्वागत के बीच, भारत में स्वीडन की व्यापार आयुक्त सोफिया होगमान ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की है। उन्होंने पीएम के इस अहम दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी को यहां स्वीडन में पाकर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। हम भारत और स्वीडन के बीच मौजूद इन बेहतरीन संबंधों को और अधिक बढ़ाने तथा इन्हें लगातार आगे ले जाने के लिए पूरी तरह से उत्सुक हैं।